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चक्रधरपुर पुलिस ने गौवंश तस्करी नाकाम की

चक्रधरपुर पुलिस ने गौवंश तस्करी नाकाम की

चक्रधरपुर : चक्रधरपुर में 27 नवंबर को पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर गौवंश तस्करी के प्रयास को नाकाम कर दिया। जानकारी के अनुसार, बाजार क्षेत्र के रेलवे ओवरब्रिज के नीचे कुछ अज्ञात तस्कर गाय और बैल को मार-पीट कर गौ मांस व्यापार के लिए ले जा रहे थे। सूचना मिलने पर पुलिस टीम करीब 12:30 बजे घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन तस्कर भीड़ और पास की झाड़ियों का फायदा उठाकर भाग गए।

घटना स्थल से कुल 11 गाय और बैल बरामद किए गए, जिनमें 4 सफेद गाय, 2 सफेद बैल, 2 बड़ी लाल गाय और 3 छोटी लाल गाय शामिल हैं। मामले में चक्रधरपुर थाना में कांड संख्या 149/2025 दर्ज की गई है। आरोपितों के खिलाफ धारा 317(2)/3(5) बीएनएस-2023, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम-1960 की धारा 11 और झारखंड गोवंशीय पशु हत्या प्रतिषेध अधिनियम-2005 की धारा 12 के तहत मामला चल रहा है।

‘सरकार आपके द्वार’ शिविर पर पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई ने जताई चिंता

‘सरकार आपके द्वार’ शिविर पर पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई ने जताई चिंता

हाटगम्हारिया : भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई ने हाटगम्हारिया प्रखंड के ठक्कर बापा डुमरिया पंचायत भवन में आयोजित ‘सरकार आपके द्वार’ शिविर की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम वास्तविक जरूरतों को पूरा करने में विफल हो रहा है और केवल दिखावा बनकर रह गया है। उन्होंने इसकी तुलना “सफेद हाथी” से करते हुए कहा कि बड़े दावे तो किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर नजर नहीं आता।

गागराई ने बताया कि शिविर में ग्रामीणों की भारी भीड़ इस बात का संकेत है कि शासन-प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों को सही तरीके से निभाने में असफल रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण जनता अब भी आवास, मैया सम्मान योजना जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं से वंचित है। शिविर में न कंबल वितरित किए जा रहे हैं और न ही स्कूल जाने वाले बच्चों को स्वेटर या पोशाक उपलब्ध कराई जा रही है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि हेमंत सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘खाना पूर्ति’ और ‘आपके द्वार’ जैसे कार्यक्रम केवल नाम मात्र के रह गए हैं। कई योजनाओं के पोर्टल बंद होने के कारण लाभार्थियों तक सहायता नहीं पहुंच पा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन दोनों ही निष्क्रिय दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने टिप्पणी की— “सरकार कुंभकर्णी निंद्रा में है और प्रशासन के हाथ बंधे हुए हैं।”

गागराई ने स्पष्ट किया कि यह केवल राजनीतिक बयान नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने मांग की कि सरकार तत्काल कार्रवाई कर योजनाओं को सही तरीके से लागू करे ताकि ग्रामीणों को उनका अधिकार मिल सके।

कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याएं सामने रखीं और कहा कि सरकार के दावों और वास्तविक हालात में बड़ा अंतर है। इस मौके पर गागराई ने स्थानीय प्रशासन से अपील की कि सरकारी योजनाओं को गंभीरता से लागू किया जाए और जरूरतमंदों को समय पर सहायता प्रदान की जाए।

झारखंड बोर्ड परीक्षा 2026 का शेड्यूल जारी

झारखंड बोर्ड परीक्षा 2026 का शेड्यूल जारी

झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने वर्ष 2026 की मैट्रिक और इंटर बोर्ड परीक्षाओं का विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया है। परिषद की बुधवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, दोनों मुख्य परीक्षाएं 3 फरवरी 2026 से एक साथ शुरू होंगी।

मैट्रिक परीक्षा : 3 से 17 फरवरी 2026 तक

इंटर परीक्षा : 3 से 23 फरवरी 2026 तक


परीक्षाएं अलग-अलग पालियों में आयोजित की जाएंगी :

मैट्रिक (पहली पाली) : सुबह 9:45 से दोपहर 1:00 बजे तक

इंटर (दूसरी पाली) : दोपहर 2:00 से शाम 5:15 बजे तक


JAC अध्यक्ष डॉ. नटवा हांसदा ने बताया कि परीक्षा कार्यक्रम इस प्रकार तैयार किया गया है कि विद्यार्थियों को पर्याप्त समय और शांत माहौल मिल सके। सभी परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।

फॉर्म भरने और प्रवेश पत्र की तिथि

परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि : 12 दिसंबर 2025

मैट्रिक के प्रवेश पत्र : 16 जनवरी से ऑनलाइन उपलब्ध

इंटर के प्रवेश पत्र : 17 जनवरी से वेबसाइट पर जारी होंगे
स्कूल व कॉलेज प्रवेश पत्र डाउनलोड कर विद्यार्थियों को वितरित करेंगे।


प्रायोगिक परीक्षाएं

मैट्रिक व इंटर की प्रायोगिक परीक्षाएं : 24 फरवरी से 7 मार्च 2026

प्रायोगिक व आंतरिक मूल्यांकन के अंक : 25 फरवरी से 9 मार्च 2026 तक ऑनलाइन अपलोड किए जाएंगे

उसके बाद अंकसूची की एक प्रति डीईओ कार्यालय में जमा करना अनिवार्य होगा।


अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि यदि उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन समय पर पूरा हो गया, तो मैट्रिक और इंटर दोनों के परिणाम अप्रैल के अंतिम सप्ताह में जारी कर दिए जाएंगे।

सरकारी सेवाओं को गांवों तक पहुंचाने के लिए नलिता, कोलचोकड़ा और केन्दो पंचायत में विशेष शिविर

सरकारी सेवाओं को गांवों तक पहुंचाने के लिए नलिता, कोलचोकड़ा और केन्दो पंचायत में विशेष शिविर

चक्रधरपुर : पश्चिमी सिंहभूम जिले में “आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार” अभियान के अंतर्गत चल रहे “सेवा का अधिकार सप्ताह” के तहत चक्रधरपुर प्रखंड के नलिता, कोलचोकड़ा और केन्दो पंचायत में पंचायत स्तरीय शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में विधायक सुखराम उरांव और उपायुक्त चंदन कुमार शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत दोनों ने संयुक्त रूप से शिविर का उद्घाटन कर की।

इसके बाद अधिकारियों द्वारा झारखंड राज्य सेवा देने की गारंटी अधिनियम-2011 के तहत सूचीबद्ध सेवाओं से संबंधित विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया गया। शिविर में समाज कल्याण विभाग की ओर से गोद भराई एवं अन्नप्राशन योजना के लाभुकों को लाभ प्रदान किया गया। साथ ही स्कूली बच्चों को साइकिल, पठन-पाठन सामग्री एवं डेमो चेक वितरित किए गए।

ग्रामीणों को संबोधित करते हुए विधायक सुखराम उरांव ने कहा कि “सेवा का अधिकार सप्ताह” का उद्देश्य पंचायत स्तर पर लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ सीधे शिविर में उपलब्ध कराना है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएँ।

उपायुक्त चंदन कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम लगातार छठे वर्ष आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष शिविरों में जाति, आवासीय, आय, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, नया राशन कार्ड, दाखिल-खारिज, भूमि मापी, भूमि धारण प्रमाण पत्र तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी सेवाओं से संबंधित आवेदनों को प्राथमिकता से स्वीकार किया जा रहा है और मौके पर ही शिकायतों का समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।

कार्यक्रम में चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी सुश्री श्रुति राजलक्ष्मी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी भी उपस्थित रहे।

नोवामुंडी में टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा स्वास्थ्य शिविर आयोजित

नोवामुंडी में टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा स्वास्थ्य शिविर आयोजित

पश्चिमी सिंहभूम : नोवामुंडी प्रखंड के दुधविला पंचायत अंतर्गत बेतरकिया गांव में टाटा स्टील फाउंडेशन की ओर से स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों की विभिन्न रोगों की जांच की गई और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क दवाइयां भी प्रदान की गईं।

शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इस मौके पर मुखिया मुरमई पूर्ति, समाजसेवी एवं गौड़ सेवा संघ के प्रखंड अध्यक्ष पप्पू गौड़, सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र कोड़ा, मुखिया प्रतिनिधि मिलु पूर्ति, शिवा मारली तथा अन्य लोग उपस्थित थे।

हेमंत सोरेन सरकार की पहली वर्षगांठ पर राज्यस्तरीय समारोह की तैयारी तेज

हेमंत सोरेन सरकार की पहली वर्षगांठ पर राज्यस्तरीय समारोह की तैयारी तेज

रांची : मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने गुरुवार को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार की पहली वर्षगांठ पर आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय समारोह का औपचारिक आमंत्रण पत्र उन्हें सौंपा।

ज्ञात हो कि 28 नवंबर को हेमंत सोरेन सरकार अपने एक वर्ष के कार्यकाल का सफलतापूर्वक समापन कर रही है। इस अवसर पर मोरहाबादी मैदान में दोपहर 12 बजे से भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे।

समारोह में राज्य सरकार के सभी मंत्रियों सहित कई प्रमुख गणमान्य अतिथियों के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मुख्यमंत्री द्वारा करीब 10 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरण होगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे रोजगार के क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश जाएगा और युवाओं में उत्साह भी बढ़ेगा।

कोल्हान की असली पहचान को सम्मान कब मिलेगा? — विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह ने उठाए गंभीर सवाल

कोल्हान की असली पहचान को सम्मान कब मिलेगा? — विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह ने उठाए गंभीर सवाल

कोल्हान विश्वविद्यालय में विगत दिनों सम्पन्न हुए दीक्षांत समारोह पर यदि गंभीरता से ध्यान दिया जाए तो ऐसा प्रतीत होता है कि “कोल्हान” नाम का उपयोग तो किया जा रहा है, पर ऐसा लगता है कि इसकी असली पहचान और सांस्कृतिक आत्मा को वह स्थान नहीं दिया जा रहा जिसकी यह हकदार है।

जैसा कि सर्वविदित है, कोल्हान झारखंड, भारत का एक ऐतिहासिक और प्रशासनिक क्षेत्र है, जहाँ मुख्य रूप से हो’ आदिवासी समुदाय निवास करता है।
“कोल्हान” शब्द ‘हो’ भाषा के दो शब्दों से मिलकर बना है:-

कोल : औपनिवेशिक काल में हो’/कोल समुदाय के लिए प्रयुक्त होनेवाले शब्द है।

हान : जिसका अर्थ ‘लोग’ या ‘मानव’

इस प्रकार कोल्हान का अर्थ है : कोल लोगों की भूमि, अर्थात आदिवासियों का क्षेत्र।

1831–33 के कोल विद्रोह के बाद 1837 में ब्रिटिश प्रशासन द्वारा स्थापित कोल्हान गवर्नमेंट एस्टेट ने इस क्षेत्र को ऐतिहासिक महत्त्व प्रदान किया। इसी गौरव व इतिहास के सम्मान में चाईबासा स्थित विश्वविद्यालय का नाम कोल्हान विश्वविद्यालय रखा गया, ताकि इस भूमि की पहचान, संस्कृति और भाषा जीवित रहे।

परन्तु आज बड़ा प्रश्न यह है कि,


आदिवासी समाज को क्यों केवल नृत्य–गान तक सीमित दिखाया या इस्तेमाल किया जा रहा है?
क्या हम अपने ही क्षेत्र में बने विश्वविद्यालयों, संस्थानों और कार्यक्रमों में अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं को सम्मानपूर्वक स्थापित नहीं कर सकते?

जब कोई कार्यक्रम कोल्हान में आयोजित होता है, तो यह स्वाभाविक है कि उसकी शुरुआत और संपूर्ण आयोजन *कोल्हान की सांस्कृतिक आत्मा से संपन्न होना चाहिए। जैसे-
👉 कोल्हान की भाषा,
👉 कोल्हान की प्रार्थना,
👉 कोल्हान के पारंपरिक गीत–संगीत,
👉 कोल्हान के परिधान और रीति–रिवाज।

लेकिन खेद की बात है कि ऐसे आयोजनों में न तो हो’ भाषा बोली जा रही है, न ही कोल्हान की पोशाकें, परंपराएँ या सांस्कृतिक प्रतीक दिखाई दे रहे हैं।

ऐसा लग रहा है कि “कोल्हान” केवल एक नाम बनकर रह गया है। उसकी असली पहचान कहीं खोती जा रही है।

संस्कृत व अन्य भाषाएँ और संस्कृतियाँ अपने स्थान पर सम्मानित हैं, पर अपने ही क्षेत्र में अपनी भाषा को स्थान न मिलना चिंता का विषय है।

मेरी आदिवासी समाज के भाइयों-बहनों से विनम्र अपील है कि “खुद को केवल नाच–गान तक सीमित न रखें। अपनी भाषा, संस्कृति, गरिमा और अधिकारों की मांग करना सीखिए।
यदि हम स्वयं आगे नहीं आएँगे, तो एक दिन हमारी पहचान धीरे–धीरे मिटा दी जाएगी।

आइए, मिलकर संकल्प लें –


👉 अपने क्षेत्र की पहचान को बचाने का,
👉 अपनी भाषा को उसके योग्य सम्मान दिलाने का, और
👉 कोल्हान की संस्कृति को गर्व के साथ हर मंच पर प्रस्तुत करने का।


✍️बोदरा घनश्याम
तिलोपदा, केरा, चक्रधरपुर
प. सिंहभूम, झारखंड

पश्चिमी सिंहभूम में 4G ई–पॉश मशीनों का वितरण शुरू — खाद्यान्न वितरण व्यवस्था होगी तेज और पारदर्शी

पश्चिमी सिंहभूम में 4G ई–पॉश मशीनों का वितरण शुरू — खाद्यान्न वितरण व्यवस्था होगी तेज और पारदर्शी

चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला परिषद सभागार में सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में झारखंड सरकार के मंत्री दीपक बिरुवा ने चाईबासा नगर परिषद क्षेत्र के 50, चाईबासा प्रखंड के 57 और खुंटपानी प्रखंड के 61 पीडीएस दुकानदारों को 4G ई-पॉश मशीनें वितरित कीं।

अधिकारियों ने बताया कि खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग, रांची की ओर से एनएफएसए और जेएसएफएसएस योजनाओं के तहत खाद्यान्न एवं अन्य सामग्रियों के वितरण को अधिक तेज और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से ये मशीनें खरीदी गई हैं। सबसे पहले इनका वितरण पश्चिमी सिंहभूम जिले में किया जा रहा है।

राज्य स्तर पर टेंडर के माध्यम से चयनित विजनटेक कंपनी की 10 सदस्यीय टीम 26 नवंबर से 3 दिसंबर तक जिले के आठ प्रखंडों में कुल 1230 मशीनों का प्रशिक्षण और वितरण कार्य कर रही है।

अधिकारियों के अनुसार 4G ई-पॉश मशीनों से खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया तेज होगी, लाभुकों की पहचान तुरंत सुनिश्चित की जा सकेगी और वितरण में लगने वाला समय भी कम होगा।

कार्यक्रम में सदर चाईबासा अनुमंडल पदाधिकारी संदीप अनुराग टोपनो, जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुनीला खलखो सहित कई अधिकारियों और पीडीएस दुकानदारों की उपस्थिति रही।

बीमार बेटे के इलाज की उम्मीद बने सूरज मंडल — दुलाल मंडल परिवार को मिली आर्थिक सहायता

बीमार बेटे के इलाज की उम्मीद बने सूरज मंडल — दुलाल मंडल परिवार को मिली आर्थिक सहायता

पूर्वी सिंहभूम : पोटका प्रखंड के पुट लुपुंग निवासी दुलाल मंडल के परिवार की दयनीय स्थिति की जानकारी मिलते ही शौर्य यात्रा समिति के सदस्यों एवं समाजसेवियों ने आगे बढ़कर मानवता का परिचय दिया। परिवार आर्थिक संकट की मार झेल रहा था और इलाज के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध न होने के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। सूचना मिलते ही समिति के सदस्यों ने पहल की और आम जनता से सहयोग की अपील की।

जिला परिषद सदस्य सूरज मंडल एवं समाजसेवी पलटू मंडल के नेतृत्व में समिति के सदस्यों ने लोगों से सहायता की अपील जारी की। अपील का प्रभाव उल्लेखनीय रहा—क्षेत्र के आम नागरिकों ने अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दिया और सामूहिक प्रयासों से ₹52,511 की राशि एकत्रित की गई, जिसे आज समिति के सदस्यों द्वारा दुलाल मंडल के परिवार को सौंपा गया।

दुलाल मंडल स्वयं गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। भावुक होते हुए उन्होंने कहा—
“अगर मेरे पिता ठीक होते, तो मेरा इलाज जरूर करा पाते।”
घर में वृद्ध मां मुकुल मंडल अपने अंधे–बहरे पति और अपाहिज बेटे की सेवा करते–करते पूरी तरह टूट चुकी हैं। घर की आर्थिक स्थिति इस कदर कमजोर है कि इलाज कराने के लिए पैसे तो दूर, बेचने लायक कोई संपत्ति भी नहीं बची है। टूटे मन से मां कहती हैं—
“इलाज के लिए कई जगह हाथ फैलाए, लेकिन लोग भी अब तंग आ गए। हम नहीं जानते आगे कैसे जिएंगे।”

जिस बेटे दुलाल पर परिवार का सहारा टिका था, आज वही दूसरों की मदद का मोहताज हो गया है। मां की आंखें नम हो जाती हैं—
“अगर कोई फरिश्ता मिल जाए जो मेरे बेटे का इलाज करा दे… ताकि वह फिर से खड़ा होकर हमें संभाल सके।”

परिवार ने सरकार, समाजसेवियों और आम जनता से दुलाल मंडल के समुचित इलाज के लिए आर्थिक सहायता की अपील की है, ताकि यह परिवार फिर से स्वावलंबी बन सके और जीवन सामान्य रूप से आगे बढ़ पाए।

इस पुनीत कार्य में सक्रिय योगदान देने वालों में शामिल रहे—
समाजसेवी पलटू मंडल, समिति के घनश्याम मंडल, सूरज मोदक, माना गोप, मलय मंडल, रमेश मोदक, आस्तिक गोप, रंजन दास, तनुज दास एवं देवाशीष गोप।

इन सभी ने मिलकर यह संदेश दिया कि समाज तभी महान बनता है जब लोग दूसरों के दुख में साझेदार बनें।
वास्तव में — “मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है।”

संविधान दिवस पर आजाद समाज पार्टी के सदस्यों ने  लिया संविधान की शपथ

संविधान दिवस पर आजाद समाज पार्टी के सदस्यों ने  लिया संविधान की शपथ

पूर्वी सिंहभूम : संविधान दिवस के अवसर पर साकची स्थित फैशन वर्ल्ड में आजाद समाज पार्टी द्वारा संविधान शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संविधान की प्रस्तावना के पाठ से हुई, जिसके बाद सभी उपस्थित सदस्यों ने न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुता की मूल भावना को जीवन में उतारने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में संविधान की रक्षा, संवैधानिक मूल्यों को सामाजिक रूप से बढ़ावा देने और भाईचारे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।

चंद्रशेखर भाई के साथ शपथ लेते हुए सभी सदस्यों ने दोहराया कि संविधान ही सर्वोच्च है और देश का हर नागरिक उसके संरक्षण का जिम्मेदार है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि अन्याय, भेदभाव और नफरत के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा और देश को संविधान के मार्ग पर आगे बढ़ाया जाएगा।

इस अवसर पर पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष परवेज खालिद, जिला कार्यकारी अध्यक्ष शमीम अकरम, कोल्हान भीम आर्मी 78 एकता मिशन के दिनेश गौतम, सराइकेला जिला अध्यक्ष एजाज अहमद, सराइकेला जिला प्रभारी सनत सिंह सरदार, अनश खान समेत कई लोग उपस्थित थे।
कार्यक्रम में सदस्यों ने एक स्वर में कहा — “संविधान नहीं झुकेगा, और नहीं झुकने देंगे।”