राज्य

केंद्रपोसी में चेंजिंग इंडिया फाउंडेशन द्वारा कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित

केंद्रपोसी में चेंजिंग इंडिया फाउंडेशन द्वारा कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित

चाईबासा : चेंजिंग इंडिया फाउंडेशन, चाईबासा की ओर से एस.आर. रुंगटा ग्रुप के सहयोग से हाटगमहरिया प्रखंड के केंद्रपोसी गांव में कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। बढ़ती ठंड को देखते हुए संस्था प्रतिवर्ष जरूरतमंद परिवारों के बीच कंबल वितरण कर राहत पहुंचाने का कार्य करती है।

कार्यक्रम के दौरान प्रमुख शत्रुघ्न हेंब्रम ने ग्रामीणों को एकत्रित कर संस्था द्वारा संचालित जनकल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ठंड से बचाव के लिए कंबल वितरण जरूरतमंद परिवारों को बड़ी सहायता प्रदान करेगा।

वितरण समारोह में प्रताप कटियार, महतो चूमरू चातोम्बा, ब्रजमोहन चातोम्बा, देवेंद्र कुमार, चंद्र मोहन तियू, मणिकांत पोद्दार, अधिकांश कुमार और श्याम चातोम्बा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

चाईबासा: पांपड़ा चौक में 5,000₹ इंट्री वसूली का वीडियो, यह कानून नहीं, खुलेआम लूट है:- धी. रामहरि पेरियार

चाईबासा: पांपड़ा चौक में 5,000₹ इंट्री वसूली का वीडियो, यह कानून नहीं, खुलेआम लूट है:- धी. रामहरि पेरियार

चाईबासा : एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष धी. रामहरि पेरियार ने आज सोमवार सुबह पांपड़ा चौक का ताजा वीडियो जारी करते हुए कहा कि सुबह लगभग 7:30 बजे का यह वीडियो साफ दिखाता है कि तांतनागर–बरकुंडीहा मार्ग पर मुुफ्फस्सिल थाना प्रभारी 5,000₹ इंट्री वसूली का खुला दबाव बना रहे हैं। जिसने पैसा दिया उसका ट्रैक्टर बेधड़क चल रहा, जिसने नहीं दिया उसे रोककर कहा जा रहा है कि शाम तक हर ट्रैक्टर का इंट्री हो जाना चाहिए, नहीं तो कल से धर–पकड़ कर थाना ले जाया जाएगा। यह पुलिसिंग नहीं—वर्दी में छिपी संगठित वसूली है।

पहले भी दो पुलिसकर्मी वसूली में पकड़े गए थे,फिर भी गिरोह सक्रिय

पेरियार ने याद दिलाया कि विगत कुछ दिनों पहले भी मुफस्सिल थाना के दो पुलिसकर्मियों का अवैध वसूली करते हुए वीडियो वायरल हुआ था। दोनों सस्पेंड हुए, लेकिन अब तक उन पर विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई नहीं हुई। विभाग अपनी नाकामी छुपाने के लिए सिर्फ सस्पेंड और लाइन हाजिरी को कार्रवाई बताकर खानापूर्ति कर रहा है। लाइन हाजिरी कोई सजा नहीं, यह भ्रष्टाचार को बचाने का तरीका है।

उन्होंने कहा कि लगातार दो-दो वीडियो सामने आने के बावजूद कार्रवाई का स्तर यह दिखाता है कि पूरे सिस्टम में गहरी सांठगांठ है। यह किसी एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि एक स्थापित नेटवर्क की कार्यशैली है।

तत्काल कठोर कार्रवाई की मांग

धी. रामहरि पेरियार ने उपायुक्त चाईबासा, मुख्यमंत्री झारखंड, झारखंड पुलिस, और चाईबासा पुलिस से मांग की कि:

1. आरोपी थाना प्रभारी को तुरंत निलंबित कर FIR दर्ज की जाए।

2. पहले वायरल हुए दोनों पुलिसकर्मियों पर लंबित कानूनी कार्रवाई तत्काल शुरू हो।

3. वसूली गिरोह की पूरी चेन की पहचान कर सभी पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

4. ट्रैक्टर मालिकों, ग्रामीणों और परिवहन कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

अतिरिक्त मांग: FIR दर्ज हो

धी. पेरियार ने स्पष्ट कहा: सभी जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिक सूचना (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जब तक FIR नहीं, तब तक कार्रवाई सिर्फ दिखावा है।

पेरियार का कड़ा बयान

राज्य की साख दांव पर है। वर्दी की आड़ में होने वाली यह वसूली झारखंड की कानून व्यवस्था पर सीधा प्रहार है। एंटी करप्शन ऑफ इंडिया इस मामले को अंतिम परिणाम तक लड़कर ही मानेगा।

चाईबासा में कार्तिक उरांव की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित

चाईबासा में कार्तिक उरांव की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित

चाईबासा : स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कार्तिक उरांव की पुण्यतिथि पर सोमवार को कांग्रेस भवन, चाईबासा में कांग्रेसजनों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की शुरुआत उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण और दो मिनट का मौन रखकर की गई। इसके बाद उनके जीवन और कृतित्व पर परिचर्चा आयोजित हुई।

परिचर्चा को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने कहा कि महान व्यक्ति अपने विचार और कार्यों से समाज में अमिट छाप छोड़ जाते हैं। कार्तिक उरांव भी ऐसे ही महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन समाज और राष्ट्र की सेवा में समर्पित कर दिया। उन्होंने जनजातीय समाज में शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कांग्रेसजनों ने कहा कि कार्तिक उरांव के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब उनके संकल्प, इच्छाशक्ति, देशभक्ति, शिक्षा-प्रेम और सेवा-भाव को अपने जीवन में अपनाया जाए। सभी ने उनके पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर जिला महासचिव लियोनार्ड बोदरा, नगर अध्यक्ष मो. सलीम, उपाध्यक्ष सुभाष राम तुरी, मो. ऐसान, प्रखंड अध्यक्ष दिकु सावैयां, मंडल अध्यक्ष अशोक मुंडरी, प्रखंड उपाध्यक्ष महीप कुदादा, वरीय कांग्रेसी राजेंद्र कच्छप, राम सिंह सावैयां, पोन्डेराम सामड, जय किशन सालबुनिया, मनोज मुंडरी, कार्यालय सचिव सुशील दास, जामबिरा बानरा सहित कई कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित थे।

सिलायडीह में 13 वर्ष बाद आदिवासी परिवार की सरना धर्म में घर वापसी

सिलायडीह में 13 वर्ष बाद आदिवासी परिवार की सरना धर्म में घर वापसी

कुचाई : सिलायडीह गांव में रविवार को एक आदिवासी परिवार ने 13 साल बाद ईसाई धर्म छोड़कर पुनः सरना धर्म स्वीकार किया। राम मुंडा, उनकी पत्नी मंजू मुंडा और उनके तीन बच्चे—जरासन, सुनील और मेनका मुंडा—ने बोंगा–बुरू पूजा पद्धति के अनुसार शुद्धिकरण कर अपने मूल धर्म में वापसी की। शुद्धिकरण समारोह सरना धर्म गुरू शिवचरण मुंडा, वनमाली मुंडा और डोमन मुंडा द्वारा संपन्न की गई।।

मंजू मुंडा ने बताया कि 13 वर्ष पहले बच्चों की लगातार खराब तबीयत और जानकारी के अभाव में उन्होंने ईसाई धर्म अपनाया था। वहीं जरासन मुंडा ने कहा कि उस समय मार्गदर्शन की कमी के कारण वे गलत दिशा में चले गए थे, लेकिन अब शिक्षा और समझ बढ़ने के साथ वे अपने मूल धर्म में लौट आए हैं। परिवार की बेटी मेनका ने समाज से अपील की कि धर्म परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण निर्णय सही जानकारी और समझ के आधार पर ही लें।

कार्यक्रम में समाजसेवी और जनप्रतिनिधि संदीप मुंडा, चमर सिंह मुंडा, मुखिया मंगल सिंह मुंडा, रविन्द्र मुंडा, रामचन्द्र सिंह मुंडा, जगन्नाथ सिंह मुंडा, केपी सेट सोय, मेघनाथ सिंह मुंडा, गुरूवा मुंडा, श्रवण सरदार, ग्राम मुंडा गणेश राम मुंडा, भूषण मुंडा, दीना मुंडा, कुशल मुंडा, जिला परिषद सदस्य जिंगी हेम्ब्रम, शम्भू सिंह मुंडा, तुलसी मुंडा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

ग्रामीणों का मानना है कि परिवार की यह घर वापसी समुदाय में सांस्कृतिक जागरूकता और अपनी परंपराओं की ओर लौटने का महत्वपूर्ण संदेश देती है।

चाईबासा ‘नो एंट्री’ मांग : प्रतिनिधिमंडल पहुँचा मंत्री कार्यालय, मंत्री अनुपस्थित

चाईबासा ‘नो एंट्री’ मांग : प्रतिनिधिमंडल पहुँचा मंत्री कार्यालय, मंत्री अनुपस्थित

पश्चिमी_सिंहभूम : चाईबासा में ‘नो एंट्री’ हटाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे प्रतिनिधिमंडल को आज परिवहन मंत्री के चाईबासा स्थित कार्यालय में समन्वय वार्ता के लिए बुलाया गया था। प्रतिनिधियों को सुबह 8:30 बजे मिलने का समय दिया गया, लेकिन 9:30 बजे तक इंतजार कराने के बाद यह सूचना दी गई कि मंत्री अपने गांव में हैं और वार्ता में शामिल नहीं हो पाएंगे।

इसके बाद आंदोलनकारियों ने अपना ज्ञापन मंत्री के सचिव सुभाष बनर्जी को सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से सुरेश सोय, रमेश बालमुचू, महेंद्र जामुदा, बमेया बारी, रेयांस सामड, साधु हो, वासिल प्रेम हेंब्रम, बनमाली तमसोय, चंद्र मोहन बिरुवा, संदीप देवगम सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ता और आंदोलनकारी शामिल थे।

चाईबासा में रिटायर्ड बैंककर्मी से 17 लाख की साइबर ठगी, एक आरोपी गिरफ्तार

चाईबासा में रिटायर्ड बैंककर्मी से 17 लाख की साइबर ठगी, एक आरोपी गिरफ्तार

चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में साइबर अपराधियों ने एक सेवानिवृत्त बैंककर्मी से करीब 17 लाख रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

कैसे हुई ठगी?


मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के करलाजोड़ी निवासी परमेश्वर पुरती (सेवानिवृत्त बैंककर्मी) ने 13 नवंबर 2025 को आवेदन देकर बताया कि अपराधियों ने उन्हें “जीवन प्रमाण पत्र अपडेट” कराने के नाम पर झांसा दिया और उनके बैंक खाते से 16 लाख 92 हजार रुपये निकाल लिए।

पुलिस की कार्रवाई


घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने एक विशेष टीम बनाई। टीम ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर संबंधित बैंक खातों को फ्रीज करा दिया, जिससे रकम सुरक्षित रह सके।

एक आरोपी गिरफ्तार


तकनीकी जांच, बैंक डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने मो. सकीर अंसारी नामक आरोपी को 6 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
मामले में मुफ्फसिल थाना कांड संख्या 185/2025 दर्ज किया गया है, जिसमें धारा 319(2)/318(4) BNS 2023 तथा IT Act की धारा 66(C)/66(D) लगाई गई है। पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द होगी।

पुलिस की अपील


पुलिस ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे फोन या मैसेज पर किसी भी व्यक्ति को बैंक विवरण, ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी न दें। जीवन प्रमाण पत्र अपडेट जैसी सेवाओं के लिए सीधे बैंक शाखा या आधिकारिक Jeevan Pramaan Portal पर ही संपर्क करें।
किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या Cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

ईपीलसिंगी–ईच्छाकुटी सड़क पर धंसी पुलिया विकास नहीं, भ्रष्टाचार का स्मारक:- धी. रामहरि पेरियार

ईपीलसिंगी–ईच्छाकुटी सड़क पर धंसी पुलिया विकास नहीं, भ्रष्टाचार का स्मारक:- धी. रामहरि पेरियार

चाईबासा : मंझारी प्रखंड के ईपीलसिंगी–ईच्छाकुटी मुख्य मार्ग के निरीक्षण के दौरान जो दृश्य सामने आया, वह केवल एक पुलिया के धंसने की घटना नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की सड़ांध की सार्वजनिक घोषणा है। सड़क पर बनी पुलिया बीच से ऐसे धंस गई है, मानो भ्रष्टाचार, लूट और मिलीभगत का बोझ अब खुद ठेकेदारों और अधिकारियों की बनाई घटिया गुणवत्ता को ही तोड़ देने पर आमादा हो गया हो।

फाइलों में पुलिया मानक के अनुसार बनी हुई दिखती है, लेकिन जमीन पर इसकी हकीकत वो है जिसका सामना रोजाना ग्रामीणों को करना पड़ रहा है, लचर, खोखली और पूरी तरह भ्रष्टाचार में लिपटी हुई। यह साफ संकेत है कि विभागीय अधिकारियों, संवेदक और प्रखंड प्रशासन के बीच सेटिंग–गेटिंग का गंदा खेल खुलेआम खेला गया है। जनता का पैसा निगलकर कागजों में चमचमाती पुलिया दिखाना और जमीन पर ऐसा ढांचा खड़ा करना जो पहली बारिश भी न झेल सके, इसे विकास नहीं, सीधी-सीधी लूट कहा जाता है।

यह पुलिया का धंसना दुर्घटना नहीं, सुनियोजित भ्रष्टाचार का परिणाम है। यह उस व्यवस्था का आईना है जहाँ गरीब ग्रामीणों की सुरक्षा से ज्यादा कमीशन, कैरम बोर्ड और भीतरखाने की डील को महत्व दिया जाता है। यह प्रशासन की नींद में डूबी अंतरात्मा पर करारा तमाचा है।

एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष धी. रामहरि पेरियार ने कहा यह पुलिया नहीं धँसी है, यह भ्रष्टाचार का पूरा गठजोड़ धंस गया है। पर शर्म? वह अभी भी किसी के पास नहीं है। जनता की गाढ़ी कमाई से ऐसे खिलवाड़ करने वाले हर अधिकारी और ठेकेदार के खिलाफ कानूनन कार्रवाई ही अब अंतिम विकल्प बचा है।


उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर जिला उपायुक्त श्री चंदन कुमार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा धंसी पुलिया का तुरंत पुनर्निर्माण शुरू कराया जाए, ताकि ग्रामीणों की आवाजाही बाधित न रहे। निर्माण कार्य में शामिल विभागीय अधिकारियों व ठेकेदार पर विभागीय एवं आपराधिक कार्रवाई तत्काल दर्ज की जाए। पुलिया निर्माण की गुणवत्ता, सामग्री, प्राक्कलन राशि और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की तकनीकी जांच कर 72 घंटे में सार्वजनिक रिपोर्ट जारी की जाए। जांच पूरी होने तक दुर्घटना रोकने हेतु अस्थायी सुरक्षित पुल/मार्ग तुरंत उपलब्ध कराया जाए। ऐसे भ्रष्ट निर्माण कार्यों की श्रृंखला पर रोक लगाने हेतु जिला स्तर पर विशेष सत्यापन अभियान शुरू किया जाए।


    धी. पेरियार ने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा और करदाताओं के पैसों की लूट पर किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। अगर प्रशासन समयबद्ध कार्रवाई नहीं करता है, तो जनआंदोलन और कानूनी लड़ाई दोनों शुरू किए जाएंगे।

खरसावां में बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान का शुभारंभ — बीडीओ ने जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी

खरसावां में बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान का शुभारंभ — बीडीओ ने जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी

खरसावां : खरसावां प्रखंड मुख्यालय में शुक्रवार को बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान के तहत व्यापक जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) प्रधान माझी ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसी दौरान बीडीओ ने हस्ताक्षर अभियान का भी शुभारंभ किया, जिसके माध्यम से लोगों को बाल विवाह उन्मूलन के प्रति जागरूक करने और सामाजिक प्रतिबद्धता सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया। सेविकाओं को बाल विवाह न करने की शपथ भी दिलाई गई।

जागरूकता रथ 23 दिसंबर 2025 तक खरसावां प्रखंड के विभिन्न गांवों का भ्रमण करेगा और बाल विवाह रोकथाम से जुड़े संदेश लोगों तक पहुँचाएगा।

मौके पर बीडीओ प्रधान माझी ने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक बुराई है, जिसे समाप्त करने के लिए निरंतर जागरूकता जरूरी है। उन्होंने बताया कि कानून होने के बावजूद अज्ञानता के कारण कुछ समाजों में यह कुप्रथा अब भी जारी है, जो चिंता का विषय है। बाल विवाह से बालिकाओं के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है, कम उम्र में गर्भधारण से जच्चा-बच्चा दोनों के स्वास्थ्य पर जोखिम बढ़ता है, तथा कम आयु में वैवाहिक जिम्मेदारियाँ मानसिक तनाव एवं शिक्षा में बाधा उत्पन्न करती हैं।

उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी बाल विवाह की आशंका हो, तो तुरंत पंचायत प्रतिनिधियों या प्रखंड प्रशासन को सूचना दें। यह प्रत्येक नागरिक का सामाजिक दायित्व है।

जागरूकता रथ के माध्यम से लोगों को यह भी बताया जाएगा कि विवाह की न्यूनतम वैधानिक आयु— लड़कों के लिए 21 वर्ष और लड़कियों के लिए 18 वर्ष है। इसका उल्लंघन करने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना, दो वर्ष तक का कारावास या दोनों का प्रावधान है। इसके अलावा बाल श्रम, बाल तस्करी, बाल यौन शोषण और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 से संबंधित जानकारी भी साझा की जाएगी।

कार्यक्रम में बीडीओ प्रधान माझी, सहायक अभियंता आशुतोष कुमार, कनिष्ठ अभियंता निरज सिन्हा सहित बड़ी संख्या में सेविकाएँ उपस्थित थीं।

आम जनता की समस्याओं का समाधान करने और समाज व क्षेत्र के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए हमारा निरंतर प्रयास जारी है : विजय सोय

आम जनता की समस्याओं का समाधान करने और समाज व क्षेत्र के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए हमारा निरंतर प्रयास जारी है : विजय सोय

जमशेदपुर : पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मानगो–बालीगुमा में मेरे निवास स्थान पर, हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का मेगा शिविर आयोजित किया जा रहा है।

आप सभी जानते हैं कि सरकारी कार्यालयों में किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए लंबी कतारों में घंटों खड़ा रहना पड़ता है, और फिर भी यह निश्चित नहीं होता कि आपका काम उसी दिन हो पाएगा या नहीं।

मानगो क्षेत्र में अधिकांश परिवार दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर हैं—रोज कमाते हैं, रोज खाते हैं। ऐसे में, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए
CO कार्यालय, नगर निगम, राशन विभाग, करनडीह ब्लॉक या प्रज्ञा केंद्र के चक्कर लगाना इनके लिए बेहद कठिन और खर्चीला हो जाता है।
बुजुर्ग और असहाय लोगों के लिए स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण है, जिसके कारण वे अक्सर योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं।

इन्हीं समस्याओं को देखते हुए, मैं और मेरी विजय सेना टीम कई वर्षों से लोगों के घर के नजदीक ही शिविर लगाकर उन्हें सीधा सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।
सैकड़ों लोग इन शिविरों का लाभ उठा चुके हैं और लगातार उठा रहे हैं।

लेकिन ऐसे कई लोग भी हैं जो पिछली बार शिविर में शामिल नहीं हो पाए थे और उन्होंने शिकायत की कि उनका राशन कार्ड या आयुष्मान कार्ड अब तक नहीं बन पाया, जिसके कारण वे महत्वपूर्ण सरकारी सुविधाओं से वंचित रह गए।

इसीलिए, जो लोग पिछले कैंपों में छूट गए थे, उनके लिए एक बार फिर
रविवार, 07 दिसंबर 2025 को बालीगुमा स्थित मेरे निवास स्थान पर शिविर लगाया जा रहा है।



शिविर में किए जाने वाले मुख्य कार्य

1. राशन कार्ड से संबंधित सभी कार्य


2. ई-श्रम कार्ड से संबंधित सभी कार्य


3. लेबर कार्ड से संबंधित सभी कार्य


4. आयुष्मान कार्ड से संबंधित सभी कार्य



महत्वपूर्ण निर्देश

शिविर में आने वाले सभी लोगों को साथ लाना अनिवार्य है :

1. आधार कार्ड

2. बैंक पासबुक

3. मोबाइल नंबर

4. सभी दस्तावेजों की फोटोकॉपी

5. दो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो




शिविर का विवरण

दिनांक : 07/12/2025

दिन : रविवार

समय : सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक

स्थान : बालीगुमा, सूकना बस्ती, NH-33, मेरे निवास स्थान पर

संपर्क नंबर : 7992336119

बिजली विभाग की दोहरी नीति, अमीरों के लिए महफूज रास्ता, गरीबों के लिए सजा :- धी. रामहरि पेरियार

बिजली विभाग की दोहरी नीति, अमीरों के लिए महफूज रास्ता, गरीबों के लिए सजा :- धी. रामहरि पेरियार

चाईबासा : जिले में बिजली विभाग की वसूली व्यवस्था पूरी तरह से भ्रष्टाचार, पक्षपात और प्रशासनिक विफलता का चरम उदाहरण बन चुकी है। विभाग अब सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि वसूली तंत्र के रूप में काम कर रहा है। शुक्रवार को दैनिक जागरूक अखबार में प्रकाशित समाचार में विभाग की दोहरी नीति साफ उजागर हो गई, लाखों-करोड़ों रुपये बकाया रखने वाले बड़े व्यापारी, उद्योगपति और रसूखदार व्यक्तियों पर न नोटिस जाता है, न दबाव बनता है और न ही उनके कनेक्शन काटने की किसी अधिकारी में हिम्मत दिखाई देती है।
लेकिन गरीब? महज 5–10 हजार रुपये का बकाया होते ही बिजली विभाग ऐसे टूट पड़ता है जैसे कोई बड़ा अपराध हो गया हो। गरीब परिवारों के घर में अंधेरा उतारने में विभाग को न शर्म, न संवेदना और न ही कोई सामाजिक जिम्मेदारी महसूस होती है। इसी दोहरे चरित्र ने यह साबित कर दिया है अमीरों को छूट, गरीबों को लूट ही आज के सिस्टम का असली चेहरा है।
       बड़े बकायेदारों पर चुप्पी, कमजोर पर कार्रवाई, इसी को विभाग नीति’ कहता है!
           एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष धी. रामहरि पेरियार ने कहा कि बिजली विभाग में भ्रष्टाचार इतना गहरा बैठ चुका है कि बड़े बकायेदारों के सामने अधिकारी नतमस्तक हो जाते हैं, जबकि गरीब उपभोक्ताओं पर तानाशाही थोपते हैं। करोड़ों की वसूली छोड़कर 5–10 हजार रुपये वाले गरीब परिवारों की बिजली काटना विभाग की मानसिकता का प्रमाण है। यह नीति नहीं, बल्कि सीधी-सीधी नालायकी + मिलीभगत है।
    उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले के सभी बड़े बकायेदार उद्योगपतियों और व्यापारियों की सूची तुरंत सार्वजनिक की जाए। वसूली की शुरुआत उन्हीं से हो, जो लाखों–करोड़ों रुपये दबाकर बैठे हैं।गरीब परिवारों की बिजली काटने की मनमानी को तुरंत रोका जाए।विभागीय स्तर पर चल रही सेलेक्टिव वसूली और भ्रष्ट मिलीभगत की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। गरीब उपभोक्ताओं के लिए राहत योजनाएँ तथा आसान किस्त व्यवस्था लागू की जाए। यदि विभाग की यह दोहरी नीति बंद नहीं हुई, यदि बड़े बकायेदारों पर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई, और यदि गरीबों का उत्पीड़न जारी रहा तो एंटी करप्शन ऑफ इंडिया जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड स्तर तक बड़े पैमाने पर हस्ताक्षर अभियान एवं जनआंदोलन शुरू करेगा। इससे उत्पन्न स्थिति की पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग और उसके अधिकारियों की होगी।