सरायकेला : सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष पद के भाजपा समर्थित उम्मीदवार सुमित चौधरी के संकल्प पत्र का विमोचन उनके चुनावी कार्यालय में किया गया। कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रमाकांत महतो, जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, नप चुनाव संयोजक राजा सिंहदेव, नगर अध्यक्ष विजय कुमार दत्ता, पूर्व अध्यक्ष बद्रीनाथ दरोगा, पूर्व नप अध्यक्ष मीनाक्षी पटनायक, राजकुमार सिंह, राजीव महापात्र सहित कई भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।

अतिथियों ने संयुक्त रूप से सुमित चौधरी का 20 सूत्री चुनावी संकल्प पत्र जारी किया।

प्रदेश प्रवक्ता रमाकांत महतो ने कहा कि भाजपा ने सुमित कुमार चौधरी को समर्थित उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा है। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने संकल्प पत्र के अनुसार कार्य करने के लिए जानी जाती है और सुमित चौधरी भी अपने वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

संकल्प पत्र में सरायकेला माजना घाट पर चैत्र पर्व के दौरान पक्का घाट निर्माण, छठ पर्व को ध्यान में रखते हुए कुदरसाई और जगरनाथ घाट पर पक्के घाट का निर्माण, सभी वार्डों में सड़क, नाली और बिजली की सुविधा, जनसंवाद व्यवस्था की शुरुआत, जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र घर तक पहुंचाने की व्यवस्था, चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना, बीपीएल कन्याओं के विवाह में मुफ्त पानी टैंकर, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समृद्ध पुस्तकालय और मुफ्त वाई-फाई, मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि तथा पुस्तकालयों व स्कूलों में उड़िया और जनजातीय भाषाओं की पुस्तकें उपलब्ध कराने जैसे वादे शामिल हैं।
इसके अलावा, कला और संस्कृति के उत्थान के लिए भी ठोस कदम उठाने का संकल्प लिया गया है।
चाईबासा : चाईबासा की रेलवे कॉलोनी में मूलभूत समस्याओं को लेकर 16 फरवरी 2026 को कॉलोनीवासियों ने सामूहिक रूप से आवेदन सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में निवासी उपस्थित रहे और एकजुट होकर अपनी समस्याएं प्रशासन तक पहुंचाईं।

आवेदन में पानी की नियमित आपूर्ति, साफ-सफाई की खराब व्यवस्था, गंदी नालियां, पार्कों की दुर्दशा तथा क्वार्टर मरम्मत कार्य में हो रही देरी और लापरवाही जैसे मुद्दे उठाए गए।

साथ ही 12 फरवरी 2026 को मरम्मत कार्य के दौरान बिना सुरक्षा मानकों के वेल्डिंग करने से लगी आग की घटना का भी जिक्र किया गया। यह घटना क्वार्टर संख्या T-2/5, 7 और 8 (निवासी – सोमनाथ मुखी) में हुई, जिसमें लगभग ₹50,000 का नुकसान हुआ। कॉलोनीवासियों ने मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

यह आवेदन असिस्टेंट डिविजनल इंजीनियर (ADEN) को सौंपा गया। इस अवसर पर भाजपा युवा नेता दुवारिका शर्मा ने कॉलोनीवासियों का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना रेलवे प्रशासन की जिम्मेदारी है। समस्याओं का जल्द समाधान नहीं होने पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।
कॉलोनीवासियों ने प्रशासन से शीघ्र संज्ञान लेकर समस्याओं के समाधान की मांग की है।
सरायकेला : नगरपालिका आम निर्वाचन-2026 के स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एन.आर. उच्च विद्यालय, सरायकेला में जिला स्तरीय मतदान दल के तृतीय चरण का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण में आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में प्रतिनियुक्त पीठासीन पदाधिकारी तथा प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ मतदान पदाधिकारियों ने पार्टीवार भाग लिया। प्रत्येक मतदान दल को अलग-अलग बुलाकर मतदान प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। मतदान पेटी के संचालन, सीलिंग प्रक्रिया, आवश्यक प्रपत्रों के संधारण और अभिलेखीकरण का व्यवहारिक प्रदर्शन कराया गया। साथ ही डमी प्रपत्रों को सही तरीके से भरने का प्रशिक्षण भी दिया गया।

प्रथम और द्वितीय चरण में शेष रह गई शंकाओं का समाधान इस चरण में किया गया। पीठासीन पदाधिकारी सहित सभी मतदान कर्मियों के कर्तव्यों और दायित्वों की पुनरावृत्ति करते हुए मतदान पूर्व, मतदान के दौरान और मतदान के बाद बरती जाने वाली सावधानियों पर विशेष जोर दिया गया।

इस अवसर पर सामान्य प्रेक्षक (आदित्यपुर) एवं अपर उपायुक्त सह वरीय पदाधिकारी प्रशिक्षण कोषांग जयवर्धन कुमार ने संयुक्त रूप से प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण किया और मतदान कर्मियों से विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी प्राप्त की।
मनोहरपुर : सारंडा अंतर्गत जराईकेला थाना क्षेत्र के नक्सल प्रभावित गांवों में सोमवार को 134वीं बटालियन सीआरपीएफ की एफ/134 और ई/134 कंपनियों द्वारा नागरिक कल्याण कार्यक्रम (सिविक एक्शन प्रोग्राम) के तहत आवश्यक सामग्री वितरण और स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन कमांडेंट त्रिलोक नाथ सिंह के निर्देशन में किया गया।

बी/134 बटालियन ने ग्राम दीघा, ई/134 बटालियन ने ग्राम समठा के बाबुडेरा तथा एफ/134 बटालियन ने अपने निर्धारित क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर द्वितीय कमान अधिकारी दीपक कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कुंदन कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में ग्राम समठा स्कूल के प्रधानाध्यापक विजय महतो, ग्राम मुंडा नोंदो सुरीन, वार्ड सदस्य सुशानी गोडसोरा तथा भेंगरा टोली, लोसोदिकिर एदेलबेड़ा और इचापीड़ के सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। बच्चों को स्कूल बैग और खेल सामग्री वितरित की गई। वहीं ग्रामीणों को वाटर गैलन, तिरपाल, कंबल, छाता, चप्पल, साड़ी, बर्तन, कुदाल, गेती, मच्छरदानी और हसुआ सहित दैनिक उपयोग की सामग्री प्रदान की गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक दवाइयां भी दी गईं।

सीआरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य सुदूर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों की मूलभूत जरूरतों को पूरा करना, बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करना तथा सुरक्षा बलों और ग्रामीणों के बीच विश्वास और समन्वय को मजबूत करना है।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से विकास और शांति के लिए मुख्यधारा से जुड़ने की अपील की तथा आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि 134वीं बटालियन सीआरपीएफ आमजन की सुरक्षा और सहयोग के लिए सदैव प्रतिबद्ध है और ऐसे कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे।
कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने इस पहल के लिए सीआरपीएफ का आभार व्यक्त किया।
जगन्नाथपुर : जगन्नाथपुर – नोवामुंडी प्रखंड के जेटेया मोड़ स्थित राबंगगुटू हाट के पास सोमवार को झारखंड आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय का पुतला दहन किया गया।

बताया गया कि जेटेया मोड़ से सेलदौरी, करंजीया जेटेया होते हुए आईकुटी, बाहदा और कोटगढ़ तक जाने वाली सड़क की स्थिति काफी जर्जर हो चुकी है। यह सड़क क्षेत्र को मुख्यालय से जोड़ने वाली एकमात्र मार्ग है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

सड़क की बदहाल स्थिति से प्रभावित गांवों के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा ने कहा कि यह सड़क क्षेत्र के लिए लाइफ लाइन के समान है। इसी मार्ग से लोग अस्पताल, मुख्यालय, हाट-बाजार और स्कूल-कॉलेज आते-जाते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क निर्माण नहीं कराया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

इस मौके पर पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा के साथ मंजीत कोड़ा, अशोक पान, नसीम अंसारी, सीताराम लागुरी, कृष्णा सिंकु, समियल लागुरी, संजय जेराई, राजेंद्र बालमुचू, लक्ष्मण बालमुचू, दिरी लागुरी, जगमोहन सिंकु, सुखलाल लागुरी, बुधराम लागुरी, सरजोम लागुरी, हिंदू लागुरी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
चक्रधरपुर : प्रतिष्ठित ऑल इंडिया स्टील एक्सप्रेस फुटबॉल टूर्नामेंट की विजेता देवेंद्र माझी स्पोर्ट्स फाउंडेशन (डीएमएफएस) का रजत जयंती समारोह पोड़ाहाट स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सभागार में धूमधाम से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सिंहभूम की सांसद सह फाउंडेशन की संरक्षक जोबा माझी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।

विशिष्ट अतिथियों में चक्रधरपुर के विधायक सुखराम उरांव, खरसावां के विधायक दशरथ गागराई तथा मनोहरपुर के विधायक सह डीएमएफएस के अध्यक्ष जगत माझी उपस्थित रहे।
समारोह में डीएमएफएस से जुड़े करीब 25 पूर्व खिलाड़ियों को अतिथियों द्वारा शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। साथ ही विभिन्न खेलों को बढ़ावा देने वाले प्रशिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि जोबा माझी ने कहा कि फाउंडेशन का उद्देश्य स्थानीय खिलाड़ियों को तराशकर उन्हें बेहतर अवसर प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि डीएमएफएस से जुड़े कई खिलाड़ी आज केंद्र और राज्य सरकार में कार्यरत हैं तथा बड़े खेल मंचों पर अपना नाम कमा रहे हैं।
विधायक सुखराम उरांव ने डीएमएफएस के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्टील एक्सप्रेस फुटबॉल टूर्नामेंट जीतकर टीम ने अपनी प्रतिभा साबित की है। उन्होंने कहा कि लट्टू उरांव स्मारक कल्याण समिति और डीएमएफएस दोनों का उद्देश्य खेल और खिलाड़ियों का विकास है।
विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि एक खिलाड़ी होने के नाते वे हमेशा खेल को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं। उन्होंने स्थानीय प्रतिभाओं को बेहतर मंच देने का संकल्प दोहराया।

डीएमएफएस के अध्यक्ष जगत माझी ने बताया कि फाउंडेशन फुटबॉल के साथ-साथ क्रिकेट, कराटे, बॉक्सिंग और हॉकी जैसे खेलों को भी प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद प्रतिभाएं किसी भी सहायता के लिए फाउंडेशन से संपर्क कर सकती हैं।
कार्यक्रम का संचालन एस. अनवर ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो. शिवपूजन सिंह ने दिया। अंत में दिवंगत रेफरी सुनील महतो की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।
इस अवसर पर जिला स्पोर्ट्स एसोसिएशन के महासचिव मोहम्मद दिलदार समेत बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और खिलाड़ी उपस्थित रहे।
सम्मानित पूर्व खिलाड़ियों में शामिल रहे:
रिंकी कुजूर, नीलम खलखो, जितेन महतो, तकी अहमद, आसिफ इकबाल, शशि मेलगांडी, मदन सिंह चाकी, मोहम्मद सिराज, तहसीन आलम, शशि बेहरा, प्रकाश मुखी, अमित गोप, आफताब आलम, अब्दुल वाजिद, इरशाद अहमद, नीरज, बालेश्वर बेसरा बाले, नेहाल अंसारी, सुजीत महतो, शरीफ आलम, मंजर आलम, इलू नाग, मोहम्मद आमिर, सुशांति, इकबाल खान, अमित हेम्ब्रम, सोमवारी हेम्ब्रम व गौस खान।
चाईबासा : प्रकृति व्याख्यान केंद्र के प्रांगण में सुबह 9:00 बजे “कोल्हान ब्ह: रुमुल आयोजन समिति” की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी आयोजन को सफल और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए विस्तृत रणनीति तैयार की गई तथा विभिन्न जिम्मेदारियों का विभाजन किया गया।

बैठक में ब्ह: पर्व के सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर विशेष चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि हो’ समुदाय के विशेषज्ञों से शीघ्र संपर्क कर पर्व की परंपराओं और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर विस्तृत संवाद किया जाएगा। साथ ही, पर्व से जुड़े प्रमुख लोकगीत, ताड़ (धुन) और पारंपरिक नृत्य कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ठोस पहल की जाएगी।

समिति ने कोल्हान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का संकल्प लिया। आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर प्रबंधन समिति द्वारा प्रत्येक छोटी-बड़ी व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। सांस्कृतिक शोभायात्रा में हो’ समुदाय के पारंपरिक एवं वास्तविक परिधानों को प्राथमिकता देने का भी निर्णय लिया गया।

प्रचार-प्रसार को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न मीडिया चैनलों, अखबारों के संपादकों, सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स, यूट्यूबर्स और इंफ्लुएंसर्स के साथ बैठक आयोजित करने पर सहमति बनी। आयोजन में स्थानीय कलाकारों, साहित्यकारों, खिलाड़ियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, उद्योगपतियों, व्यावसायिक समूहों और बुद्धिजीवियों के साथ-साथ हो’ समुदाय के बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को आमंत्रित करने की योजना बनाई गई है।
आर्थिक सहयोग के लिए सबसे पहले सक्रिय सदस्यों से सहयोग राशि एकत्रित करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा, आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने हेतु विशेष स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण देकर एक सशक्त टीम तैयार की जाएगी।
बैठक में अध्यक्ष संजय सरिल देवगम, सचिव रेयांश समाड, प्रबंधक साधु हो’, कोषाध्यक्ष सत्यजीत सुंडी, मीडिया प्रभारी गुरु चरण सिंकु, सलाहकार प्रकाश पुरती, संरक्षक बबलू बानरा, जिला परिषद सदस्य माधव चंद्र कुंकल सहित कई अन्य सदस्य और पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां एवं पश्चिम सिंहभूम के सक्रिय युवा नेतृत्वकर्ता उपस्थित रहे।
सरायकेला : झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सरायकेला-खरसावां रामाशंकर सिंह के मार्गदर्शन में रविवार, 15 फरवरी को सरायकेला जिला कारा में जेल अदालत सह चिकित्सा जांच एवं विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार संपन्न हुआ।

कार्यक्रम की देखरेख मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सह सचिव प्रभारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लूसी सोसेन तिग्गा ने की। इस अवसर पर जिला कारा अधीक्षक सत्येंद्र कुमार महतो, सहायक लोक अभियोजक देव प्रताप तिवारी, सहायक एलएडीसी अंबिका चरण पाणि, विजय कुमार महतो, जेलर सोनू कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

जेल अदालत के दौरान बंदियों द्वारा दिए गए दो आवेदनों पर सुनवाई की गई और उन्हें आवश्यक कानूनी मार्गदर्शन प्रदान किया गया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने बंदियों को बताया कि वे अपनी किसी भी विधिक समस्या के लिए निःसंकोच जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से सहायता ले सकते हैं। उन्होंने निःशुल्क विधिक सहायता से जुड़ी सुविधाओं की जानकारी भी दी।

चिकित्सा जांच शिविर में बंदियों की स्वास्थ्य जांच की गई और आवश्यक परामर्श दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को त्वरित न्यायिक सहायता, स्वास्थ्य सुविधा और विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।
इस दौरान मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने महिला वार्ड का निरीक्षण कर महिला बंदियों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। उन्हें भी निःशुल्क विधिक सहायता और अन्य सुविधाओं के बारे में अवगत कराया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सरायकेला-खरसावां द्वारा आयोजित इस शिविर ने बंदियों की विधिक जागरूकता बढ़ाने और न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सरायकेला : महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर सरायकेला जिला मुख्यालय तथा आसपास के क्षेत्रों के सभी शिवालयों में भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सूर्योदय से पहले ही भक्तों का आना शुरू हो गया था, जो दोपहर बाद तक जारी रहा।

सरायकेला के कुदरसाही स्थित बाबा बुद्धेश्वर नाथ के प्राचीन मंदिर में सबसे अधिक भीड़ देखने को मिली। शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे।

मंदिर के पुजारी और भक्त मंडली ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की। पूजा सामग्री और नारियल-फल की दुकानों को बैरिकेडिंग कर मुख्य सड़क के किनारे व्यवस्थित किया गया, ताकि यातायात बाधित न हो। मंदिर परिसर के बाहर छोटे-बड़े वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई। सुरक्षा के मद्देनजर अगरबत्ती और दीप जलाने की व्यवस्था मंदिर के मुख्य द्वार के सामने की गई।

इसके अलावा मजना घाट स्थित बाबा पंचमुखी महादेव मंदिर, मलिक बांध, इंद्र टांडी, गेस्ट हाउस, कवि टोला सहित अन्य शिवालयों में भी भक्तों की अच्छी-खासी भीड़ रही।
भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासन द्वारा सभी प्रमुख मंदिरों में आवश्यकतानुसार महिला एवं पुरुष पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

