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करोड़ों का फार्मासिस्ट कॉलेज तीन वर्षों से बंद, प्रशासन की उदासीनता से युवाओं का भविष्य खतरे में:- धी. रामहरि पेरियार

करोड़ों का फार्मासिस्ट कॉलेज तीन वर्षों से बंद, प्रशासन की उदासीनता से युवाओं का भविष्य खतरे में:- धी. रामहरि पेरियार

चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम के तांतनगर प्रखंड अंतर्गत बाटीगुटू में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित फार्मासिस्ट कॉलेज का भवन तीन वर्षों से धूल खा रहा है इस मामले को लेकर एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष धी. रामहरि पेरियार ने उपायुक्त चंदन कुमार को ज्ञापन देकर इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग तैयार भवन को प्रशासन की लापरवाही और उदासीनता के कारण अब तक छात्रों के लिए खोलना मुनासिब नहीं समझा गया। यह सिर्फ एक भवन की नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के भविष्य और उनके संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी की कहानी है। यह लापरवाही सीधे-सीधे लोकनिधि की बर्बादी और भ्रष्टाचार का खुला मामला है। अनुच्छेद 21 व 21A – जीवन और शिक्षा का अधिकार।अनुच्छेद 14 व 16 – समानता और रोजगार के अवसर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और झारखंड सरकार की व्यावसायिक शिक्षा घोषणाएँ।
स्थिति और भी गंभीर है: भवन पूरी तरह तैयार होने के बावजूद इसे संचालन में लाने में अधिकारियों का “40% कमीशन के खेल” भ्रष्ट तंत्र बाधक बन रहा है। यह सीधे-सीधे जनहित के खिलाफ अपराध है।
यदि अविलंब संचालन शुरू नहीं किया गया, तो मामला जनहित याचिका (PIL) के रूप में झारखंड उच्च न्यायालय में ले जाया जाएगा।
लापरवाह अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ वित्तीय और विभागीय दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

हमारी मांगें :


1. तुरंत कॉलेज संचालन प्रारंभ करने का आदेश।
2. जिम्मेदार अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह ठहराया जाए।

निष्कर्ष: यह कोई मामूली मामला नहीं है। यह कोल्हान क्षेत्र के युवाओं के अधिकार और भविष्य के साथ खिलवाड़ है। प्रशासन की यह उदासीनता सीधे-सीधे जनसाधारण की आंखों में धूल झोंकने के समान है।

जैंतगढ़–नोवामुंडी मार्ग पर भीषण सड़क हादसा, कॉलेज बस और डंपर की टक्कर में कई छात्र घायल

जैंतगढ़–नोवामुंडी मार्ग पर भीषण सड़क हादसा, कॉलेज बस और डंपर की टक्कर में कई छात्र घायल

पश्चिमी सिंहभूम : जैंतगढ़–नोवामुंडी मुख्य मार्ग पर शनिवार सुबह करीब 7:30 बजे एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई। नोवामुंडी के मानिकपुर नज़दीक एक तीखे मोड़ पर कॉलेज बस और डंपर के बीच आमने-सामने की जबरदस्त टक्कर हो गई। टक्कर में बस चालक सहित कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए।

दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायलों को चंपुआ (ओडिशा) स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। दुर्घटना की तीव्रता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।

घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। फिलहाल किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली है, हालांकि कई छात्रों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों ने सड़क पर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम सुनिश्चित करने की मांग भी की है, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

सरायकेला में भीषण सड़क हादसा: आयरन ओर से लदा डंपर ई-रिक्शा पर पलटा, दो की मौत, पांच घायल

सरायकेला में भीषण सड़क हादसा: आयरन ओर से लदा डंपर ई-रिक्शा पर पलटा, दो की मौत, पांच घायल

राजनगर : सरायकेला जिले में शनिवार सुबह चाईबासा–हाता मुख्य मार्ग पर बड़ा हादसा हो गया। राजनगर थाना क्षेत्र के चालियामा स्थित रुंगटा प्लांट के 5 नंबर गेट के पास लौह अयस्क (आयरन ओर) से भरा एक डंपर अचानक ई-रिक्शा पर पलट गया। दुर्घटना में दो लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, मृतकों में ई-रिक्शा चालक भी शामिल हो सकता है। स्थानीय लोगों की मदद से राहत-बचाव कार्य जारी है। घायलों को चाईबासा सदर अस्पताल भेजा जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि डंपर के नीचे और भी लोग दबे हो सकते हैं, जिसके चलते तलाश जारी है।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि रुंगटा माइंस से लौह अयस्क लेकर डंपर प्लांट की ओर जा रहा था। प्लांट के प्रवेश मार्ग पर सड़क उबड़-खाबड़ होने के कारण डंपर अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे के बाद चाईबासा–हाता रोड पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और लंबा जाम लग गया।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस क्षेत्र में पहले भी ऐसे हादसे हो चुके हैं। लोगों का आरोप है कि सड़क की खराब स्थिति और ट्रैफिक व्यवस्था की अनदेखी लगातार दुर्घटनाओं को निमंत्रण दे रही है। फिलहाल पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात नियंत्रित किया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि फिलहाल घटना स्थल के पास भीड़ इकट्ठी न करें और राहत कार्य में सहयोग करें।

कांग्रेस 14 दिसंबर को दिल्ली में करेगी शक्ति प्रदर्शन, SIR और वोट चोरी के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी

कांग्रेस 14 दिसंबर को दिल्ली में करेगी शक्ति प्रदर्शन, SIR और वोट चोरी के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी

नई दिल्ली : कांग्रेस पार्टी ने 14 दिसंबर को राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में शक्ति प्रदर्शन करने की घोषणा की है। यह रैली SIR कानून और कथित वोट चोरी के विरोध में आयोजित की जाएगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस रैली में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। सोनिया गांधी की संभावित उपस्थिति को लेकर भी चर्चा जारी है।

कांग्रेस ने बताया कि SIR और कथित वोट चोरी के खिलाफ देशभर में चलाए गए सिग्नेचर कैम्पेन के दस्तावेज रैली में प्रस्तुत किए जाएंगे। रैली समाप्त होने के बाद इन दस्तावेजों को राष्ट्रपति को सौंपा जाएगा।

उल्लेखनीय है कि संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलेगा और इसी दौरान कांग्रेस अपनी विरोध रैली आयोजित करेगी। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह शीतकालीन सत्र में भी SIR और वोट चोरी के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरने की रणनीति अपनाएगी।

इस निर्णय को उस विशेष बैठक में अंतिम रूप दिया गया, जिसमें बिहार चुनाव में मिली हार और वोट चोरी के आरोपों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष, विधायक दल के नेता और सचिव शामिल हुए। बैठक में निष्कर्ष निकला कि दिसंबर में एक बड़ी रैली के माध्यम से राष्ट्रव्यापी संदेश दिया जाएगा और सरकार व चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा किया जाएगा।

खरसावां शहीद दिवस की तैयारी शुरू — आदि संस्कृति एवं विज्ञान संस्थान की बैठक संपन्न

खरसावां शहीद दिवस की तैयारी शुरू — आदि संस्कृति एवं विज्ञान संस्थान की बैठक संपन्न

खरसावां : सरायकेला-खरसावां जिले में आदि संस्कृति एवं विज्ञान संस्थान शाखा की एक महत्वपूर्ण बैठक शहीद स्थल खरसावां में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष गुरुचरण बांकिरा ने की। इस दौरान 1 जनवरी 2026 को आयोजित होने वाले खरसावां शहीद दिवस की तैयारी को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी संस्थान की ओर से शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर पूजा-अर्चना के साथ शहीद दिवस मनाया जाएगा। साथ ही शहीदों को समर्पित स्मारक पत्रिका ‘होलोङ-लोपोङ’ के द्वितीय संस्करण के प्रकाशन हेतु लेख संग्रह करने पर भी सहमति बनी। पत्रिका में नए तथ्य और ऐतिहासिक तत्व शामिल करने की योजना बनाई गई, जिसके लिए सभी सदस्यों ने अपने स्तर से लेख संग्रह करने की जिम्मेदारी ली।

बैठक में मुख्य रूप से गुरुचरण बांकिरा, बाबूराम सोय, बंदु बांकीरा, बुधन लाल सोय, सनातन सिंह कुंटिया, महादेव मिंज, देवचरण बानरा, मंगल जामुदा, रामचरण सोय, रमेश जेराई, गोनो हेस्सा, सुखराम सोय, नरेंद्र सिजुई, मानकी मुंडा, हरिश्चंद्र बानरा, राजेश उरांव, पगारी मुंडा, गोलाराम लोवादा, हरिचरण बानरा, विजय सिंह बोदरा, जुरीया बोयपाई और टाटा चातर सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक के अंत में गोनो हेस्सा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

संवाद फैलोशिप 2025 में चक्रधरपुर के रबिन्द्र गिलुवा का चयन — कुल 9 शोधकर्ताओं को मिला सम्मान

संवाद फैलोशिप 2025 में चक्रधरपुर के रबिन्द्र गिलुवा का चयन — कुल 9 शोधकर्ताओं को मिला सम्मान

चक्रधरपुर : टाटा स्टील फाउंडेशन की प्रतिष्ठित ‘संवाद फैलोशिप 2025’ के लिए पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर निवासी रबिन्द्र गिलुवा का चयन हुआ है। इस वर्ष देशभर से कुल 572 आवेदनों में से केवल 9 शोधकर्ताओं को इस फैलोशिप के लिए चुना गया है। 2017 से शुरू हुई यह फैलोशिप देश की प्रमुख जनजातीय शोध फैलोशिप में से एक मानी जाती है।

अभूतपूर्व प्रतिस्पर्धा, देशभर से आवेदन


इस वर्ष के चयन के लिए 25 राज्यों और 2 केंद्रशासित प्रदेशों से आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 122 विभिन्न जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधि एवं 10 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) के शोधकर्ता शामिल थे।

चयन समिति में शामिल प्रमुख विशेषज्ञ :

डॉ. सोनम वांगचुक – संस्थापक, हिमालयन कल्चरल हेरिटेज फाउंडेशन

मीनाक्षी मुंडा – सहायक प्रोफेसर, मानव विज्ञान विभाग, कोल्हान विश्वविद्यालय

ओइनम डोरेन – आवर विलेज फिल्म्स के संस्थापक

परमानंद पटेल – ओडिशा SCSRTRTI

मदन मीणा – आदिवासी अकादमी के मानद निदेशक


रबिन्द्र गिलुवा का परिचय


रबिन्द्र गिलुवा “डोनेट ब्लड” संस्था के संस्थापक हैं और जनसेवा के साथ-साथ लेखन व शोध कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे आदिवासी युवा मित्र मंडल, चक्रधरपुर के सचिव भी हैं। उनका शोध आदिवासी परंपराओं, मौखिक इतिहास और सांस्कृतिक संरक्षण पर केंद्रित है।

जमशेदपुर में आयोजित संवाद कार्यक्रम


रबिन्द्र गिलुवा के चयन से चक्रधरपुर और पूरे क्षेत्र में हर्ष की लहर है। स्थानीय जनजातीय संगठनों और लोगों ने इसे समुदाय के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।

क्या प्रदान करती है संवाद फैलोशिप?


फैलोशिप से जुड़ा संवाद कार्यक्रम 15 से 19 नवंबर तक जमशेदपुर के ट्राइबल कल्चर सेंटर (सोनारी) और गोपाल मैदान (बिस्टुपुर) में आयोजित किया गया। इसमें अखड़ा, कला-हस्तशिल्प प्रदर्शनी, पारंपरिक जनजातीय भोजन, औषधीय गुणों पर चर्चा एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया। समापन समारोह में जनजातीय समुदायों की ताकत, उनकी कहानियों और वर्तमान चुनौतियों पर गंभीर विमर्श हुआ।

चयन से क्षेत्र में खुशी की लहर


संवाद फैलोशिप चुने गए शोधकर्ताओं को एक वर्ष के लिए आर्थिक सहायता, मेंटरशिप और शोध के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराती है। पिछले आठ वर्षों में यह फैलोशिप सैकड़ों जनजातीय शोधकर्ताओं को मजबूत मंच प्रदान कर चुकी है।

जिला माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक में अवैध खनन पर लगाम लगाने के निर्देश

जिला माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक में अवैध खनन पर लगाम लगाने के निर्देश

सरायकेला : समाहरणालय सभागार में आज जिला स्तरीय माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री मुकेश लूणायत, अपर उपायुक्त श्री जयवर्धन कुमार, जिला खनन पदाधिकारी श्री ज्योति शंकर सतपथी, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में सितंबर एवं अक्टूबर माह में जिले में अवैध खनन और परिवहन के विरुद्ध चलाए गए अभियानों की समीक्षा की गई।


जिला खनन पदाधिकारी ने बताया कि इन अभियानों के दौरान कार्रवाई करते हुए

07 ट्रैक्टर,

03 जेसीबी,

01 ट्रक,

09 हाईवा,

02 हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर एवं

02 डंपिंग मशीनें जब्त की गईं।


साथ ही लगभग 7.5 लाख घनफुट अवैध बालू ज़ब्त किया गया तथा ₹2.45 लाख की दंड राशि छह वाहनों से वसूल की गई। इस अवधि में अवैध उत्खनन एवं परिवहन से संबंधित 07 प्राथमिकी दर्ज की गईं।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले में अवैध खनन, भंडारण और परिवहन पर पूर्णतः रोक लगाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ सतत एवं प्रभावी कार्रवाई करें। उन्होंने संवेदनशील खनन क्षेत्रों में नियमित औचक निरीक्षण अभियान चलाने तथा सूचना मिलते ही संयुक्त टीम द्वारा त्वरित छापेमारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उपायुक्त ने मिलन चौक और तिरुलडीह चेकपोस्ट सहित सभी प्रमुख चेक नाकों पर अगले दो दिनों के भीतर मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारियों की तैनाती करने के साथ-साथ CCTV आधारित 24×7 निगरानी प्रणाली लागू करने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध आवाजाही को तुरंत रोका जा सके।

उन्होंने यह भी स्पष्ट कहा कि खनिज परिवहन में संलग्न सभी वाहनों में ढुलाई सामग्री को ढककर ले जाना अनिवार्य होगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण, सड़क सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित हो सके। साथ ही जब्त बालू की नीलामी प्रक्रिया शीघ्र शुरू कर राजस्व प्राप्ति से संबंधित कार्य समयबद्ध रूप से पूरा करने पर जोर दिया गया।

बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री मुकेश लूणायत ने कहा कि अवैध खनन से संबंधित किसी भी सूचना पर एसडीओ, सीओ और थाना प्रभारी संयुक्त रूप से कार्रवाई दल गठित करें और पर्याप्त पुलिस बल के साथ गोपनीय छापेमारी कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जब्त वाहनों, मशीनरी और संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामलों को शीघ्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए, ताकि किसी भी प्रक्रियागत देरी को रोका जा सके।

निर्वाचन कार्यों में पारदर्शिता लाने को राजनीतिक दलों के साथ बैठक

निर्वाचन कार्यों में पारदर्शिता लाने को राजनीतिक दलों के साथ बैठक

चाईबासा : निर्वाचन कार्यों में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के उद्देश्य से मझगांव के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह उप उपायुक्त प्रवीण केरकेट्टा और मनोहरपुर की निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह जिला भू-अर्जन पदाधिकारी लिली एनोला लकड़ा ने कार्यालय वेश्म में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की नियुक्ति आवश्यक है। भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार बीएलए की मौजूदगी से मतदाता सूची में संभावित विसंगतियों की समय रहते पहचान हो सकेगी और राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी।

अधिकारियों ने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि आगामी पुनरीक्षण कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक मतदान केंद्र के लिए प्राथमिकता के आधार पर बीएलए नियुक्त करें तथा उसकी सूची संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी या जिला निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय में जमा करें।

बैठक में कांग्रेस के त्रिशानु राय, झामुमो के विश्वनाथ बाड़ा और भाजपा के रवि शंकर विश्वकर्मा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

नोआमुंडी प्रखंड के पोखरपी पंचायत में सेवा शिविर, आम जनता को मिला सरकारी सेवाओं का लाभ

नोआमुंडी प्रखंड के पोखरपी पंचायत में सेवा शिविर, आम जनता को मिला सरकारी सेवाओं का लाभ

पश्चिमी सिंहभूम : नोआमुंडी प्रखंड के पोखरपी पंचायत में ‘आपकी योजना–आपकी सरकार–आपके द्वार’ अभियान के तहत 21 से 28 नवंबर 2025 तक आयोजित “सेवा का अधिकार सप्ताह” के अंतर्गत एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया।

इस शिविर में झारखंड राज्य सेवा देने की गारंटी अधिनियम–2011 में सूचीबद्ध विभिन्न सेवाओं का लाभ आमजन को प्रदान किया गया। ग्रामीणों ने मौके पर ही कई सरकारी योजनाओं का आवेदन किया और तत्काल सेवा प्राप्त की।

अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं को सुलभ, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना है ताकि आम जनता को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। पंचायत स्तर पर सेवा शिविर आयोजित होने से लोगों को बड़ी राहत मिली।

कोंका कमार करमाली के जन्मदिन पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम, गुमनाम वीर स्वतंत्रता सेनानी को याद किया गया

कोंका कमार करमाली के जन्मदिन पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम, गुमनाम वीर स्वतंत्रता सेनानी को याद किया गया

बोकारो : कसमार प्रखंड के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानी कोंका कमार करमाली के जन्मदिन के अवसर पर बारिडीह स्थित कोंका कमार करमाली चौक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्थानीय लोगों ने पुष्प अर्पित कर इस वीर सेनानी को नमन किया।

स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कोंका कमार करमाली ने अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोला था। कहा जाता है कि वे हमेशा अपने साथ बाली लोहा से बनी टांगी रखते थे और उसी से उन्होंने कई अंग्रेजों को मार गिराया था।

बिरसा मुंडा के आंदोलन से प्रभावित होकर लोहरा और करमाली जनजाति के लोगों ने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। इस जनजाति के लोग चितरिया पत्थर से लोहा गलाकर ‘बाली लोहा’ तैयार करते थे और उससे तलवार, भाला, टांगी, फरसा और तीर की नोंक जैसे हथियार बनाकर बंगाल क्षेत्र में स्वतंत्रता सेनानियों को आपूर्ति करते थे। इन हथियारों से अंग्रेजों की हुकूमत के खिलाफ लड़ाई को मजबूती मिली।

कोंका कमार करमाली इस आंदोलन के नेतृत्वकर्ताओं में से एक माने जाते हैं। वंशजों के अनुसार, वे युद्ध कौशल के धनी थे और तलवार, भाला व टांगी चलाने में निपुण थे। उनकी वीरता के बावजूद इतिहास में उन्हें उचित स्थान नहीं मिल पाया।

आयोजित कार्यक्रम में सन्नी समाड, विष्णु बानरा, राजा पूर्ति और सुभाष मुंडा सहित कई लोगों ने शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।