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कोल्हान की असली पहचान को सम्मान कब मिलेगा? — विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह ने उठाए गंभीर सवाल

कोल्हान की असली पहचान को सम्मान कब मिलेगा? — विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह ने उठाए गंभीर सवाल

कोल्हान विश्वविद्यालय में विगत दिनों सम्पन्न हुए दीक्षांत समारोह पर यदि गंभीरता से ध्यान दिया जाए तो ऐसा प्रतीत होता है कि “कोल्हान” नाम का उपयोग तो किया जा रहा है, पर ऐसा लगता है कि इसकी असली पहचान और सांस्कृतिक आत्मा को वह स्थान नहीं दिया जा रहा जिसकी यह हकदार है।

जैसा कि सर्वविदित है, कोल्हान झारखंड, भारत का एक ऐतिहासिक और प्रशासनिक क्षेत्र है, जहाँ मुख्य रूप से हो’ आदिवासी समुदाय निवास करता है।
“कोल्हान” शब्द ‘हो’ भाषा के दो शब्दों से मिलकर बना है:-

कोल : औपनिवेशिक काल में हो’/कोल समुदाय के लिए प्रयुक्त होनेवाले शब्द है।

हान : जिसका अर्थ ‘लोग’ या ‘मानव’

इस प्रकार कोल्हान का अर्थ है : कोल लोगों की भूमि, अर्थात आदिवासियों का क्षेत्र।

1831–33 के कोल विद्रोह के बाद 1837 में ब्रिटिश प्रशासन द्वारा स्थापित कोल्हान गवर्नमेंट एस्टेट ने इस क्षेत्र को ऐतिहासिक महत्त्व प्रदान किया। इसी गौरव व इतिहास के सम्मान में चाईबासा स्थित विश्वविद्यालय का नाम कोल्हान विश्वविद्यालय रखा गया, ताकि इस भूमि की पहचान, संस्कृति और भाषा जीवित रहे।

परन्तु आज बड़ा प्रश्न यह है कि,


आदिवासी समाज को क्यों केवल नृत्य–गान तक सीमित दिखाया या इस्तेमाल किया जा रहा है?
क्या हम अपने ही क्षेत्र में बने विश्वविद्यालयों, संस्थानों और कार्यक्रमों में अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं को सम्मानपूर्वक स्थापित नहीं कर सकते?

जब कोई कार्यक्रम कोल्हान में आयोजित होता है, तो यह स्वाभाविक है कि उसकी शुरुआत और संपूर्ण आयोजन *कोल्हान की सांस्कृतिक आत्मा से संपन्न होना चाहिए। जैसे-
👉 कोल्हान की भाषा,
👉 कोल्हान की प्रार्थना,
👉 कोल्हान के पारंपरिक गीत–संगीत,
👉 कोल्हान के परिधान और रीति–रिवाज।

लेकिन खेद की बात है कि ऐसे आयोजनों में न तो हो’ भाषा बोली जा रही है, न ही कोल्हान की पोशाकें, परंपराएँ या सांस्कृतिक प्रतीक दिखाई दे रहे हैं।

ऐसा लग रहा है कि “कोल्हान” केवल एक नाम बनकर रह गया है। उसकी असली पहचान कहीं खोती जा रही है।

संस्कृत व अन्य भाषाएँ और संस्कृतियाँ अपने स्थान पर सम्मानित हैं, पर अपने ही क्षेत्र में अपनी भाषा को स्थान न मिलना चिंता का विषय है।

मेरी आदिवासी समाज के भाइयों-बहनों से विनम्र अपील है कि “खुद को केवल नाच–गान तक सीमित न रखें। अपनी भाषा, संस्कृति, गरिमा और अधिकारों की मांग करना सीखिए।
यदि हम स्वयं आगे नहीं आएँगे, तो एक दिन हमारी पहचान धीरे–धीरे मिटा दी जाएगी।

आइए, मिलकर संकल्प लें –


👉 अपने क्षेत्र की पहचान को बचाने का,
👉 अपनी भाषा को उसके योग्य सम्मान दिलाने का, और
👉 कोल्हान की संस्कृति को गर्व के साथ हर मंच पर प्रस्तुत करने का।


✍️बोदरा घनश्याम
तिलोपदा, केरा, चक्रधरपुर
प. सिंहभूम, झारखंड

पश्चिमी सिंहभूम में 4G ई–पॉश मशीनों का वितरण शुरू — खाद्यान्न वितरण व्यवस्था होगी तेज और पारदर्शी

पश्चिमी सिंहभूम में 4G ई–पॉश मशीनों का वितरण शुरू — खाद्यान्न वितरण व्यवस्था होगी तेज और पारदर्शी

चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला परिषद सभागार में सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में झारखंड सरकार के मंत्री दीपक बिरुवा ने चाईबासा नगर परिषद क्षेत्र के 50, चाईबासा प्रखंड के 57 और खुंटपानी प्रखंड के 61 पीडीएस दुकानदारों को 4G ई-पॉश मशीनें वितरित कीं।

अधिकारियों ने बताया कि खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग, रांची की ओर से एनएफएसए और जेएसएफएसएस योजनाओं के तहत खाद्यान्न एवं अन्य सामग्रियों के वितरण को अधिक तेज और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से ये मशीनें खरीदी गई हैं। सबसे पहले इनका वितरण पश्चिमी सिंहभूम जिले में किया जा रहा है।

राज्य स्तर पर टेंडर के माध्यम से चयनित विजनटेक कंपनी की 10 सदस्यीय टीम 26 नवंबर से 3 दिसंबर तक जिले के आठ प्रखंडों में कुल 1230 मशीनों का प्रशिक्षण और वितरण कार्य कर रही है।

अधिकारियों के अनुसार 4G ई-पॉश मशीनों से खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया तेज होगी, लाभुकों की पहचान तुरंत सुनिश्चित की जा सकेगी और वितरण में लगने वाला समय भी कम होगा।

कार्यक्रम में सदर चाईबासा अनुमंडल पदाधिकारी संदीप अनुराग टोपनो, जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुनीला खलखो सहित कई अधिकारियों और पीडीएस दुकानदारों की उपस्थिति रही।

बीमार बेटे के इलाज की उम्मीद बने सूरज मंडल — दुलाल मंडल परिवार को मिली आर्थिक सहायता

बीमार बेटे के इलाज की उम्मीद बने सूरज मंडल — दुलाल मंडल परिवार को मिली आर्थिक सहायता

पूर्वी सिंहभूम : पोटका प्रखंड के पुट लुपुंग निवासी दुलाल मंडल के परिवार की दयनीय स्थिति की जानकारी मिलते ही शौर्य यात्रा समिति के सदस्यों एवं समाजसेवियों ने आगे बढ़कर मानवता का परिचय दिया। परिवार आर्थिक संकट की मार झेल रहा था और इलाज के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध न होने के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। सूचना मिलते ही समिति के सदस्यों ने पहल की और आम जनता से सहयोग की अपील की।

जिला परिषद सदस्य सूरज मंडल एवं समाजसेवी पलटू मंडल के नेतृत्व में समिति के सदस्यों ने लोगों से सहायता की अपील जारी की। अपील का प्रभाव उल्लेखनीय रहा—क्षेत्र के आम नागरिकों ने अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दिया और सामूहिक प्रयासों से ₹52,511 की राशि एकत्रित की गई, जिसे आज समिति के सदस्यों द्वारा दुलाल मंडल के परिवार को सौंपा गया।

दुलाल मंडल स्वयं गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। भावुक होते हुए उन्होंने कहा—
“अगर मेरे पिता ठीक होते, तो मेरा इलाज जरूर करा पाते।”
घर में वृद्ध मां मुकुल मंडल अपने अंधे–बहरे पति और अपाहिज बेटे की सेवा करते–करते पूरी तरह टूट चुकी हैं। घर की आर्थिक स्थिति इस कदर कमजोर है कि इलाज कराने के लिए पैसे तो दूर, बेचने लायक कोई संपत्ति भी नहीं बची है। टूटे मन से मां कहती हैं—
“इलाज के लिए कई जगह हाथ फैलाए, लेकिन लोग भी अब तंग आ गए। हम नहीं जानते आगे कैसे जिएंगे।”

जिस बेटे दुलाल पर परिवार का सहारा टिका था, आज वही दूसरों की मदद का मोहताज हो गया है। मां की आंखें नम हो जाती हैं—
“अगर कोई फरिश्ता मिल जाए जो मेरे बेटे का इलाज करा दे… ताकि वह फिर से खड़ा होकर हमें संभाल सके।”

परिवार ने सरकार, समाजसेवियों और आम जनता से दुलाल मंडल के समुचित इलाज के लिए आर्थिक सहायता की अपील की है, ताकि यह परिवार फिर से स्वावलंबी बन सके और जीवन सामान्य रूप से आगे बढ़ पाए।

इस पुनीत कार्य में सक्रिय योगदान देने वालों में शामिल रहे—
समाजसेवी पलटू मंडल, समिति के घनश्याम मंडल, सूरज मोदक, माना गोप, मलय मंडल, रमेश मोदक, आस्तिक गोप, रंजन दास, तनुज दास एवं देवाशीष गोप।

इन सभी ने मिलकर यह संदेश दिया कि समाज तभी महान बनता है जब लोग दूसरों के दुख में साझेदार बनें।
वास्तव में — “मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है।”

संविधान दिवस पर आजाद समाज पार्टी के सदस्यों ने  लिया संविधान की शपथ

संविधान दिवस पर आजाद समाज पार्टी के सदस्यों ने  लिया संविधान की शपथ

पूर्वी सिंहभूम : संविधान दिवस के अवसर पर साकची स्थित फैशन वर्ल्ड में आजाद समाज पार्टी द्वारा संविधान शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संविधान की प्रस्तावना के पाठ से हुई, जिसके बाद सभी उपस्थित सदस्यों ने न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुता की मूल भावना को जीवन में उतारने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में संविधान की रक्षा, संवैधानिक मूल्यों को सामाजिक रूप से बढ़ावा देने और भाईचारे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।

चंद्रशेखर भाई के साथ शपथ लेते हुए सभी सदस्यों ने दोहराया कि संविधान ही सर्वोच्च है और देश का हर नागरिक उसके संरक्षण का जिम्मेदार है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि अन्याय, भेदभाव और नफरत के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा और देश को संविधान के मार्ग पर आगे बढ़ाया जाएगा।

इस अवसर पर पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष परवेज खालिद, जिला कार्यकारी अध्यक्ष शमीम अकरम, कोल्हान भीम आर्मी 78 एकता मिशन के दिनेश गौतम, सराइकेला जिला अध्यक्ष एजाज अहमद, सराइकेला जिला प्रभारी सनत सिंह सरदार, अनश खान समेत कई लोग उपस्थित थे।
कार्यक्रम में सदस्यों ने एक स्वर में कहा — “संविधान नहीं झुकेगा, और नहीं झुकने देंगे।”

खुंटपानी में “सेवा का अधिकार सप्ताह” के तहत विशेष शिविर आयोजित

खुंटपानी में “सेवा का अधिकार सप्ताह” के तहत विशेष शिविर आयोजित

खुंटपानी : पश्चिमी सिंहभूम जिले में चल रहे “सेवा का अधिकार सप्ताह” के तहत खुंटपानी प्रखंड के केयाड़चालोम पंचायत में बुधवार को विशेष शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में झारखंड राज्य सेवा देने की गारंटी अधिनियम-2011 के अंतर्गत सूचीबद्ध विभिन्न सरकारी सेवाओं और योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी गई।

मौके पर प्राप्त आवेदनों और शिकायतों का त्वरित निवारण भी किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी सेवाओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से जनता तक पहुंचाना है, ताकि ग्रामीणों को घर के पास ही आवश्यक सुविधाओं का लाभ मिल सके।

चाईबासा कांग्रेस भवन में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया संविधान दिवस

चाईबासा कांग्रेस भवन में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया संविधान दिवस

चाईबासा : कांग्रेस भवन में बुधवार को कांग्रेसजनों द्वारा संविधान दिवस उत्साहपूर्ण एवं गरिमामयी वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संविधान निर्माण ड्राफ्टिंग कमिटी के अध्यक्ष भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर और संविधान सभा के सदस्य मरांग गोमके के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने से हुई।

इसके बाद कांग्रेसजनों ने भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पठन गर्व के साथ किया। कार्यक्रम के तहत “संविधान बचाओ” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जो प्रदेश कांग्रेस के निर्देशानुसार आयोजित की गई।

संगोष्ठी में बिहार विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री देवेंद्र नाथ चांपिया ने कहा कि भारतीय संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक आत्मा का प्रतिबिंब है। इसमें समानता, न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व जैसे मूल्य हर नागरिक को अधिकारों के साथ कर्तव्य भी देते हैं। संविधान की मूल भावना “सबका सम्मान, सबका अधिकार” को जमीन पर लागू करना आज की आवश्यकता है।

राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुनीत शर्मा ने कहा कि भारत का संविधान सामाजिक न्याय का सबसे बड़ा माध्यम है। बाबा साहेब के सपनों के भारत को साकार करने के लिए संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और संवर्धन जरूरी है। संविधान ने हमें गरिमा के साथ जीने का अधिकार दिया है।

कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने कहा कि संविधान दिवस केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि लोकतांत्रिक पर्व है। कांग्रेस हमेशा संविधान की रक्षा, सामाजिक न्याय और जनाधिकारों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध रही है।

संगोष्ठी में कांग्रेस के अन्य पदाधिकारियों ने भी विचार व्यक्त किए।
मौके पर कांग्रेस जिला महासचिव कैरा बिरुवा, लियोनार्ड बोदरा, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रीतम बांकिरा, नगर अध्यक्ष मो. सलीम, शिक्षा विभाग चेयरमैन पुरुषोत्तम दास पान, जिला सचिव जगदीश सुंडी समेत कई पदाधिकारी उपस्थित थे।

खरसावां में आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण कार्य का शिलान्यास

खरसावां में आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण कार्य का शिलान्यास

खरसावां : खरसावां प्रखंड के बुरूडीह पंचायत स्थित कोल बुरूडीह गांव में ग्रामीणों की उपस्थिति में आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर खरसावां विधायक दसरथ गागराई मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

आंगनबाड़ी केंद्र बनने से गांव के बच्चों को नर्सरी स्तर की शिक्षा और पोषण संबंधी सुविधाएं अब गांव में ही मिल सकेंगी। इससे स्थानीय परिवारों को काफी सुविधा होगी और बच्चों के प्रारंभिक विकास में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

सेवा का अधिकार सप्ताह’ का प्रभावी क्रियान्वयन — जिले के 21 पंचायतों और नगर निकायों में लगे शिविर, 22 हज़ार से अधिक आवेदन प्राप्त

सेवा का अधिकार सप्ताह’ का प्रभावी क्रियान्वयन — जिले के 21 पंचायतों और नगर निकायों में लगे शिविर, 22 हज़ार से अधिक आवेदन प्राप्त

सरायकेला : सरायकेला–खरसावाँ जिले में ‘सेवा का अधिकार सप्ताह’ के तहत चौथे दिन भी विशेष पंचायत स्तरीय शिविरों का सफल आयोजन जारी रहा। जिले के 21 ग्राम-पंचायतों और नगर निकाय क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में लगे शिविरों में ग्रामीणों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही और विभिन्न सेवाओं एवं योजनाओं से संबंधित आवेदन उत्साहपूर्वक जमा किए गए। जिला प्रशासन के अनुसार अब तक 22,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।

उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने सभी बीडीओ, सीओ एवं विभागीय पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग सरकारी सेवाओं का लाभ समय पर प्राप्त कर सकें।


इन पंचायतों में लगे शिविर :-

• सरायकेला प्रखंड: कमलपुर, मुड़कुम
• खरसावाँ प्रखंड: दलाइकेला, जोजोडीह
• कुचाई प्रखंड: रुगुडीह, मरांगहातु
• राजनगर प्रखंड: डुमरडीह, बाना, गेंगरूली
• गम्हरिया प्रखंड: डूडरा, जयकान, ईटागढ़
• चांडिल प्रखंड: हेसाकोचा, मतकमडीह, धुनाबुरु
• इचागढ़ प्रखंड: लेपाटांड, चिमटीया
• नीमडीह प्रखंड: गुण्डा, आदरडीह
• कुकड़ू प्रखंड: ईचाडीह, जानुम

साथ ही नगर निकाय क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में भी शिविर लगाकर नागरिकों के आवेदन स्वीकार किए गए।



इन सेवाओं के लिए अधिकतम आवेदन :-

• आय, जाति, आवासीय प्रमाण पत्र

• जन्म–मृत्यु प्रमाण पत्र

• राशन कार्ड, दाखिल–खारिज

• भूमि धारण प्रमाण पत्र, भूमि मापी

• दिव्यांग, विधवा एवं वृद्धा पेंशन

• झारखंड राज्य सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के अंतर्गत सेवाएं

• अन्य कल्याणकारी योजनाएं

• SHG/क्लस्टर सदस्यों के बीच आईडी कार्ड का वितरण


जिला प्रशासन के अनुसार 21 से 29 नवंबर तक चल रहे इस अभियान में जिलेवासियों की सक्रिय भागीदारी लगातार जारी है।



उपायुक्त ने मुड़कुम पंचायत में लिया जायजा

सरायकेला प्रखंड के मुड़कुम पंचायत में शिविर का निरीक्षण करते हुए उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि –

• सभी विभागीय स्टॉलों पर आवेदन प्रपत्रों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
• संबंधित विभागीय पदाधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य हो।
• प्राप्त आवेदनों की नियमित समीक्षा कर अधिकतम मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

उपायुक्त ने उपस्थित नागरिकों से आग्रह किया कि वे योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर पात्रता के अनुसार आवेदन जमा करें और अपने आसपास के वंचित परिवारों को भी शिविर में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने चयनित लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों के वितरण एवं योजनाओं से संबंधित मार्गदर्शन देने के निर्देश भी जारी किए।

तीन वर्ष बाद मिला न्याय — पांगा पंचायत के मुखिया सहित तीन लोग अदालत से बरी

तीन वर्ष बाद मिला न्याय — पांगा पंचायत के मुखिया सहित तीन लोग अदालत से बरी

पश्चिमी सिंहभूम : मंझारी प्रखंड के पांगा पंचायत से जुड़े एक गंभीर मामले में तीन वर्ष बाद न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। चाईबासा न्यायालय ने पंचायत के मुखिया हरिन तामसोय, पंचायत समिति सदस्य खेमकरण बिरुवा और एक अन्य सहअभियुक्त को सभी आरोपों से मुक्त करते हुए दोषमुक्त करार दे दिया।

यह मामला 12 जुलाई 2022 का है, जब जांगीबुरु घाटी में पेट्रोल से भरा एक टैंकर पलट गया था। इस हादसे में तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई, जिसके बाद क्षेत्र में शोक के साथ आक्रोश का माहौल बन गया। पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों ने आवाज उठाई।

इसी दौरान तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) की ओर से आरोप लगाया गया कि आंदोलन के दौरान सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई गई। इसके आधार पर मंझारी थाना में IPC की धारा 147, 149 और 353 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई। बताया जाता है कि राजनीतिक दबाव के कारण प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई तेज हुई और तीनों को कारा मंडल, चाईबासा में जेल भी जाना पड़ा।

लगभग तीन वर्ष चली कानूनी लड़ाई के बाद आज न्यायालय ने स्पष्ट रूप से माना कि आरोप निराधार थे। अदालत ने सभी अभियुक्तों को पूरी तरह दोषमुक्त करते हुए बरी कर दिया।

संविधान दिवस पर गोष्ठी आयोजित — सांसद कालीचरण मुंडा के आवासीय कार्यालय में किया गया माल्यार्पण

संविधान दिवस पर गोष्ठी आयोजित — सांसद कालीचरण मुंडा के आवासीय कार्यालय में किया गया माल्यार्पण

खूंटी : संविधान दिवस के अवसर पर सांसद श्री कालीचरण मुंडा के आवासीय कार्यालय में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष रवि मिश्रा ने की। संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई तथा संविधान की महत्ता पर एक गोष्ठी आयोजित की गई।

कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष रवि मिश्रा ने कहा कि किसी भी स्वतंत्र राष्ट्र के सुचारू संचालन के लिए संविधान की आवश्यकता होती है। भारत ने विभिन्न देशों की कानूनी व्यवस्थाओं से प्रेरणा लेकर अपना संविधान बनाया, जिससे सभी वर्गों को समानता और आजादी का अधिकार सुनिश्चित हुआ।

वहीं सांसद कालीचरण मुंडा ने कहा कि जब तक किसी देश का संविधान निर्मित नहीं होता, तब तक वह प्रगति नहीं कर सकता। उन्होंने संविधान निर्माताओं का आभार जताते हुए कहा कि हमें संविधान की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहना चाहिए।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोग :


प्रदेश सचिव पीटर मुंडू, सहकारिता प्रकोष्ठ के महासचिव नाईमुदीन खां, आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष विलसन तोपनो, जिला प्रवक्ता रविकांत मिश्रा, महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनीता गोप, नगर अध्यक्ष गुलाम गौश, जेम्स तोपनो, जुलयूस कन्डुलना, हेलेन तिडूं, सन्धू पुर्ती, सुन्दरमनी हंस, ईन्दुआन्ना हस्सा, सुषमा भेंगरा, मगरीता खेस, अनीता नाग, सुसारी पुर्ती, जुनैद खान, सुहेल आन्सारी, फिरोज आलम, बन्धू गझूं, बसंत सुरीन, प्रनीत तोपनो, अरूण सांगा, अजय किशोर मुण्डा, अनीस मांझी, माईकल तिडूं, धूमेश लोहरा, अगनेश बोदरा, अनुपमा ज्योति ओढया, सुनीता कच्छप, जोन बोदरा आदि शामिल थे।