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जगन्नाथपुर: पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा ने बालू के अवैध कारोबार के खिलाफ सौंपा ज्ञापन

जगन्नाथपुर: पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा ने बालू के अवैध कारोबार के खिलाफ सौंपा ज्ञापन

जगन्नाथपुर : पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा के नेतृत्व में सोमवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने अनुमंडल पदाधिकारी की अनुपस्थिति में एलआरडीसी और अंचल अधिकारी मनोज मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि झारखंड उच्च न्यायालय ने पेशा नियमावली लागू होने तक पूरे राज्य में बालू उठाव पर रोक का स्पष्ट आदेश दिया है, लेकिन इसके बावजूद पश्चिमी सिंहभूम जिले में सत्तापक्ष और विपक्ष से जुड़े कई नेताओं के संरक्षण में बड़े पैमाने पर अवैध बालू कारोबार जारी है।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि इस अवैध कारोबार के कारण आम लोगों को घर बनाने के लिए बालू काफी महंगे दामों पर खरीदना पड़ रहा है। अवैध कारोबार से अबुवा आवास समेत कई सरकारी योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। जगन्नाथपुर और जैंतगढ़ क्षेत्र बालू की अवैध ढुलाई के केंद्र बन चुके हैं, जहां सैकड़ों हाईवा और ट्रैक्टर खुलेआम बालू ढोते हैं। ट्रैक्टर मालिकों को भी माफियाओं को मनमाना शुल्क देकर गाड़ियां चलानी पड़ रही हैं।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि 06 नवंबर 2025 को मुंडूई गांव के निवासी दीपक प्रधान की बालू माफियाओं ने कथित रूप से वाहन से कुचलकर हत्या कर दी थी। वह इस अवैध कारोबार का विरोध करते थे, लेकिन घटना को दुर्घटना बताकर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है, जो जांच का विषय है।

पूर्व विधायक बोबोंगा ने आरोप लगाया कि खनन विभाग और पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से यह अवैध कारोबार निर्बाध रूप से चल रहा है। थाना प्रभारी से लेकर सर्किल इंस्पेक्टर और छोटे कर्मचारियों तक अवैध वसूली की दरें तय हैं। अवैध कारोबार का विरोध करने वालों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी भी दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि माफिया इस धंधे से मालामाल हो रहे हैं और उनकी बेनामी संपत्ति तेजी से बढ़ी है, जिसकी जांच होनी चाहिए। बोबोंगा ने दीपक प्रधान की हत्या की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलनकारी मिलकर बालू लदे ट्रैक्टर और हाईवा पकड़कर पुलिस के हवाले करेंगे।

मौके पर झारखंड आंदोलनकारी जगमोहन सिंकु उर्फ जग्गू, अशोक पान, फिरोज अहमद, सीताराम लागुरी, कृष्णा सिंकु, मंजीत कोड़ा, आदिवासी हो समाज युवा महासभा के अनुमंडल अध्यक्ष बलराम लागुरी सहित कई लोग उपस्थित थे।

मझगांव–जगन्नाथपुर में अवैध खनन के खिलाफ बड़ी आमसभा की तैयारी—पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई सक्रिय, संगठन को मजबूत करने पर फोकस

मझगांव–जगन्नाथपुर में अवैध खनन के खिलाफ बड़ी आमसभा की तैयारी—पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई सक्रिय, संगठन को मजबूत करने पर फोकस

चाईबासा : पूर्व मंत्री एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बड़कुंवर गागराई देवघर से लौटते ही सक्रिय हो गए। लौटने के बाद उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र मझगांव का दौरा किया और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठन विस्तार व आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर चर्चा की। संगठन को मजबूत करने की दिशा में यह उनकी पहली बड़ी पहल मानी जा रही है।

पत्रकारों से बात करते हुए गागराई ने बताया कि उनका अगला कार्यक्रम जगन्नाथपुर विधानसभा में होगा। यहां बड़ा जामदा में एक विशाल आमसभा आयोजित की जाएगी, जिसका उद्देश्य पार्टी संगठन को मजबूत करना और अवैध खनन व अवैध बालू ढुलाई के खिलाफ लोगों में जागरूकता फैलाना है।

उन्होंने कहा कि झारखंड में रोजगार की स्थिति बेहद खराब है और बड़ी संख्या में लोग पलायन को मजबूर हैं। केवल पश्चिम सिंहभूम जिले में ही 40 खदानें बंद पड़ी हैं, इसके बावजूद अवैध खनन लगातार जारी है। गागराई ने आरोप लगाया कि इस अवैध खनन में जिला प्रशासन, वन विभाग और खनन विभाग की मिलीभगत है, जिसके कारण सरकार को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि सरकार अवैध खनन से पूरी तरह अवगत होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इससे स्पष्ट होता है कि ऐसी गतिविधियों को परोक्ष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है।

गागराई ने बताया कि आगामी आमसभा में वे जनता को अवैध खनन की वास्तविक स्थिति, उसके दुष्परिणाम और सरकार की कथित निष्क्रियता के बारे में जागरूक करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार संघर्ष कर रही है और अवैध खनन, पर्यावरणीय नुकसान, राजस्व हानि तथा पलायन जैसे मुद्दों पर व्यापक जनसंवाद की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर वे लगातार जनसंपर्क अभियान चलाएंगे और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का निर्देश दिया गया है। बड़ी सभा की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और जल्द ही तिथि व विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी।

चाईबासा : KNT चाईबासा/CKP सेंटर के तीन स्टूडेंट्स को उद्योग विभाग में कीटपालक पद पर मिली नियुक्ति

चाईबासा : KNT चाईबासा/CKP सेंटर के तीन स्टूडेंट्स को उद्योग विभाग में कीटपालक पद पर मिली नियुक्ति

चाईबासा : KNT चाईबासा/CKP सेंटर के तीन प्रशिक्षुओं को 28 नवंबर 2025 को झारखंड सरकार द्वारा नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। नियुक्ति प्राप्त करने के बाद इन स्टूडेंट्स ने उद्योग विभाग में कीटपालक (Insect Keeper) के पद पर योगदान दे दिया है।

योगदान के उपरांत स्टूडेंट्स ने विभागीय कार्यालय के सामने समूह फोटो साझा किया, जिसमें उनके चेहरों पर आत्मविश्वास और खुशी साफ झलक रही है।

योगदान के बाद तीनों स्टूडेंट्स द्वारा विभागीय कार्यालय परिसर में ली गई तस्वीरें साझा की गईं, जिसमें उनके चेहरों पर दिख रहा आत्मविश्वास और संतोष उनके नए दायित्वों के प्रति उत्साह को दर्शाता है।

फोटो में :-

1. सुश्री लक्ष्मी बानरा


2. सुश्री सुशीला बिरुवा


3. सुश्री जयंती समद, जो अपने बच्चे को गोद में लिए हुए दिखाई दे रही हैं। सुश्री समद कुचाई प्रखंड की निवासी हैं।


KNT परिवार ने तीनों स्टूडेंट्स को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

केंद्रपोसी में चेंजिंग इंडिया फाउंडेशन द्वारा कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित

केंद्रपोसी में चेंजिंग इंडिया फाउंडेशन द्वारा कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित

चाईबासा : चेंजिंग इंडिया फाउंडेशन, चाईबासा की ओर से एस.आर. रुंगटा ग्रुप के सहयोग से हाटगमहरिया प्रखंड के केंद्रपोसी गांव में कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। बढ़ती ठंड को देखते हुए संस्था प्रतिवर्ष जरूरतमंद परिवारों के बीच कंबल वितरण कर राहत पहुंचाने का कार्य करती है।

कार्यक्रम के दौरान प्रमुख शत्रुघ्न हेंब्रम ने ग्रामीणों को एकत्रित कर संस्था द्वारा संचालित जनकल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ठंड से बचाव के लिए कंबल वितरण जरूरतमंद परिवारों को बड़ी सहायता प्रदान करेगा।

वितरण समारोह में प्रताप कटियार, महतो चूमरू चातोम्बा, ब्रजमोहन चातोम्बा, देवेंद्र कुमार, चंद्र मोहन तियू, मणिकांत पोद्दार, अधिकांश कुमार और श्याम चातोम्बा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

चाईबासा: पांपड़ा चौक में 5,000₹ इंट्री वसूली का वीडियो, यह कानून नहीं, खुलेआम लूट है:- धी. रामहरि पेरियार

चाईबासा: पांपड़ा चौक में 5,000₹ इंट्री वसूली का वीडियो, यह कानून नहीं, खुलेआम लूट है:- धी. रामहरि पेरियार

चाईबासा : एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष धी. रामहरि पेरियार ने आज सोमवार सुबह पांपड़ा चौक का ताजा वीडियो जारी करते हुए कहा कि सुबह लगभग 7:30 बजे का यह वीडियो साफ दिखाता है कि तांतनागर–बरकुंडीहा मार्ग पर मुुफ्फस्सिल थाना प्रभारी 5,000₹ इंट्री वसूली का खुला दबाव बना रहे हैं। जिसने पैसा दिया उसका ट्रैक्टर बेधड़क चल रहा, जिसने नहीं दिया उसे रोककर कहा जा रहा है कि शाम तक हर ट्रैक्टर का इंट्री हो जाना चाहिए, नहीं तो कल से धर–पकड़ कर थाना ले जाया जाएगा। यह पुलिसिंग नहीं—वर्दी में छिपी संगठित वसूली है।

पहले भी दो पुलिसकर्मी वसूली में पकड़े गए थे,फिर भी गिरोह सक्रिय

पेरियार ने याद दिलाया कि विगत कुछ दिनों पहले भी मुफस्सिल थाना के दो पुलिसकर्मियों का अवैध वसूली करते हुए वीडियो वायरल हुआ था। दोनों सस्पेंड हुए, लेकिन अब तक उन पर विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई नहीं हुई। विभाग अपनी नाकामी छुपाने के लिए सिर्फ सस्पेंड और लाइन हाजिरी को कार्रवाई बताकर खानापूर्ति कर रहा है। लाइन हाजिरी कोई सजा नहीं, यह भ्रष्टाचार को बचाने का तरीका है।

उन्होंने कहा कि लगातार दो-दो वीडियो सामने आने के बावजूद कार्रवाई का स्तर यह दिखाता है कि पूरे सिस्टम में गहरी सांठगांठ है। यह किसी एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि एक स्थापित नेटवर्क की कार्यशैली है।

तत्काल कठोर कार्रवाई की मांग

धी. रामहरि पेरियार ने उपायुक्त चाईबासा, मुख्यमंत्री झारखंड, झारखंड पुलिस, और चाईबासा पुलिस से मांग की कि:

1. आरोपी थाना प्रभारी को तुरंत निलंबित कर FIR दर्ज की जाए।

2. पहले वायरल हुए दोनों पुलिसकर्मियों पर लंबित कानूनी कार्रवाई तत्काल शुरू हो।

3. वसूली गिरोह की पूरी चेन की पहचान कर सभी पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

4. ट्रैक्टर मालिकों, ग्रामीणों और परिवहन कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

अतिरिक्त मांग: FIR दर्ज हो

धी. पेरियार ने स्पष्ट कहा: सभी जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिक सूचना (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जब तक FIR नहीं, तब तक कार्रवाई सिर्फ दिखावा है।

पेरियार का कड़ा बयान

राज्य की साख दांव पर है। वर्दी की आड़ में होने वाली यह वसूली झारखंड की कानून व्यवस्था पर सीधा प्रहार है। एंटी करप्शन ऑफ इंडिया इस मामले को अंतिम परिणाम तक लड़कर ही मानेगा।

चाईबासा में कार्तिक उरांव की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित

चाईबासा में कार्तिक उरांव की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित

चाईबासा : स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कार्तिक उरांव की पुण्यतिथि पर सोमवार को कांग्रेस भवन, चाईबासा में कांग्रेसजनों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की शुरुआत उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण और दो मिनट का मौन रखकर की गई। इसके बाद उनके जीवन और कृतित्व पर परिचर्चा आयोजित हुई।

परिचर्चा को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने कहा कि महान व्यक्ति अपने विचार और कार्यों से समाज में अमिट छाप छोड़ जाते हैं। कार्तिक उरांव भी ऐसे ही महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन समाज और राष्ट्र की सेवा में समर्पित कर दिया। उन्होंने जनजातीय समाज में शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कांग्रेसजनों ने कहा कि कार्तिक उरांव के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब उनके संकल्प, इच्छाशक्ति, देशभक्ति, शिक्षा-प्रेम और सेवा-भाव को अपने जीवन में अपनाया जाए। सभी ने उनके पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर जिला महासचिव लियोनार्ड बोदरा, नगर अध्यक्ष मो. सलीम, उपाध्यक्ष सुभाष राम तुरी, मो. ऐसान, प्रखंड अध्यक्ष दिकु सावैयां, मंडल अध्यक्ष अशोक मुंडरी, प्रखंड उपाध्यक्ष महीप कुदादा, वरीय कांग्रेसी राजेंद्र कच्छप, राम सिंह सावैयां, पोन्डेराम सामड, जय किशन सालबुनिया, मनोज मुंडरी, कार्यालय सचिव सुशील दास, जामबिरा बानरा सहित कई कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित थे।

सिलायडीह में 13 वर्ष बाद आदिवासी परिवार की सरना धर्म में घर वापसी

सिलायडीह में 13 वर्ष बाद आदिवासी परिवार की सरना धर्म में घर वापसी

कुचाई : सिलायडीह गांव में रविवार को एक आदिवासी परिवार ने 13 साल बाद ईसाई धर्म छोड़कर पुनः सरना धर्म स्वीकार किया। राम मुंडा, उनकी पत्नी मंजू मुंडा और उनके तीन बच्चे—जरासन, सुनील और मेनका मुंडा—ने बोंगा–बुरू पूजा पद्धति के अनुसार शुद्धिकरण कर अपने मूल धर्म में वापसी की। शुद्धिकरण समारोह सरना धर्म गुरू शिवचरण मुंडा, वनमाली मुंडा और डोमन मुंडा द्वारा संपन्न की गई।।

मंजू मुंडा ने बताया कि 13 वर्ष पहले बच्चों की लगातार खराब तबीयत और जानकारी के अभाव में उन्होंने ईसाई धर्म अपनाया था। वहीं जरासन मुंडा ने कहा कि उस समय मार्गदर्शन की कमी के कारण वे गलत दिशा में चले गए थे, लेकिन अब शिक्षा और समझ बढ़ने के साथ वे अपने मूल धर्म में लौट आए हैं। परिवार की बेटी मेनका ने समाज से अपील की कि धर्म परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण निर्णय सही जानकारी और समझ के आधार पर ही लें।

कार्यक्रम में समाजसेवी और जनप्रतिनिधि संदीप मुंडा, चमर सिंह मुंडा, मुखिया मंगल सिंह मुंडा, रविन्द्र मुंडा, रामचन्द्र सिंह मुंडा, जगन्नाथ सिंह मुंडा, केपी सेट सोय, मेघनाथ सिंह मुंडा, गुरूवा मुंडा, श्रवण सरदार, ग्राम मुंडा गणेश राम मुंडा, भूषण मुंडा, दीना मुंडा, कुशल मुंडा, जिला परिषद सदस्य जिंगी हेम्ब्रम, शम्भू सिंह मुंडा, तुलसी मुंडा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

ग्रामीणों का मानना है कि परिवार की यह घर वापसी समुदाय में सांस्कृतिक जागरूकता और अपनी परंपराओं की ओर लौटने का महत्वपूर्ण संदेश देती है।

चाईबासा ‘नो एंट्री’ मांग : प्रतिनिधिमंडल पहुँचा मंत्री कार्यालय, मंत्री अनुपस्थित

चाईबासा ‘नो एंट्री’ मांग : प्रतिनिधिमंडल पहुँचा मंत्री कार्यालय, मंत्री अनुपस्थित

पश्चिमी_सिंहभूम : चाईबासा में ‘नो एंट्री’ हटाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे प्रतिनिधिमंडल को आज परिवहन मंत्री के चाईबासा स्थित कार्यालय में समन्वय वार्ता के लिए बुलाया गया था। प्रतिनिधियों को सुबह 8:30 बजे मिलने का समय दिया गया, लेकिन 9:30 बजे तक इंतजार कराने के बाद यह सूचना दी गई कि मंत्री अपने गांव में हैं और वार्ता में शामिल नहीं हो पाएंगे।

इसके बाद आंदोलनकारियों ने अपना ज्ञापन मंत्री के सचिव सुभाष बनर्जी को सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से सुरेश सोय, रमेश बालमुचू, महेंद्र जामुदा, बमेया बारी, रेयांस सामड, साधु हो, वासिल प्रेम हेंब्रम, बनमाली तमसोय, चंद्र मोहन बिरुवा, संदीप देवगम सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ता और आंदोलनकारी शामिल थे।

चाईबासा में रिटायर्ड बैंककर्मी से 17 लाख की साइबर ठगी, एक आरोपी गिरफ्तार

चाईबासा में रिटायर्ड बैंककर्मी से 17 लाख की साइबर ठगी, एक आरोपी गिरफ्तार

चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में साइबर अपराधियों ने एक सेवानिवृत्त बैंककर्मी से करीब 17 लाख रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

कैसे हुई ठगी?


मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के करलाजोड़ी निवासी परमेश्वर पुरती (सेवानिवृत्त बैंककर्मी) ने 13 नवंबर 2025 को आवेदन देकर बताया कि अपराधियों ने उन्हें “जीवन प्रमाण पत्र अपडेट” कराने के नाम पर झांसा दिया और उनके बैंक खाते से 16 लाख 92 हजार रुपये निकाल लिए।

पुलिस की कार्रवाई


घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने एक विशेष टीम बनाई। टीम ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर संबंधित बैंक खातों को फ्रीज करा दिया, जिससे रकम सुरक्षित रह सके।

एक आरोपी गिरफ्तार


तकनीकी जांच, बैंक डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने मो. सकीर अंसारी नामक आरोपी को 6 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
मामले में मुफ्फसिल थाना कांड संख्या 185/2025 दर्ज किया गया है, जिसमें धारा 319(2)/318(4) BNS 2023 तथा IT Act की धारा 66(C)/66(D) लगाई गई है। पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द होगी।

पुलिस की अपील


पुलिस ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे फोन या मैसेज पर किसी भी व्यक्ति को बैंक विवरण, ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी न दें। जीवन प्रमाण पत्र अपडेट जैसी सेवाओं के लिए सीधे बैंक शाखा या आधिकारिक Jeevan Pramaan Portal पर ही संपर्क करें।
किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या Cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

ईपीलसिंगी–ईच्छाकुटी सड़क पर धंसी पुलिया विकास नहीं, भ्रष्टाचार का स्मारक:- धी. रामहरि पेरियार

ईपीलसिंगी–ईच्छाकुटी सड़क पर धंसी पुलिया विकास नहीं, भ्रष्टाचार का स्मारक:- धी. रामहरि पेरियार

चाईबासा : मंझारी प्रखंड के ईपीलसिंगी–ईच्छाकुटी मुख्य मार्ग के निरीक्षण के दौरान जो दृश्य सामने आया, वह केवल एक पुलिया के धंसने की घटना नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की सड़ांध की सार्वजनिक घोषणा है। सड़क पर बनी पुलिया बीच से ऐसे धंस गई है, मानो भ्रष्टाचार, लूट और मिलीभगत का बोझ अब खुद ठेकेदारों और अधिकारियों की बनाई घटिया गुणवत्ता को ही तोड़ देने पर आमादा हो गया हो।

फाइलों में पुलिया मानक के अनुसार बनी हुई दिखती है, लेकिन जमीन पर इसकी हकीकत वो है जिसका सामना रोजाना ग्रामीणों को करना पड़ रहा है, लचर, खोखली और पूरी तरह भ्रष्टाचार में लिपटी हुई। यह साफ संकेत है कि विभागीय अधिकारियों, संवेदक और प्रखंड प्रशासन के बीच सेटिंग–गेटिंग का गंदा खेल खुलेआम खेला गया है। जनता का पैसा निगलकर कागजों में चमचमाती पुलिया दिखाना और जमीन पर ऐसा ढांचा खड़ा करना जो पहली बारिश भी न झेल सके, इसे विकास नहीं, सीधी-सीधी लूट कहा जाता है।

यह पुलिया का धंसना दुर्घटना नहीं, सुनियोजित भ्रष्टाचार का परिणाम है। यह उस व्यवस्था का आईना है जहाँ गरीब ग्रामीणों की सुरक्षा से ज्यादा कमीशन, कैरम बोर्ड और भीतरखाने की डील को महत्व दिया जाता है। यह प्रशासन की नींद में डूबी अंतरात्मा पर करारा तमाचा है।

एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष धी. रामहरि पेरियार ने कहा यह पुलिया नहीं धँसी है, यह भ्रष्टाचार का पूरा गठजोड़ धंस गया है। पर शर्म? वह अभी भी किसी के पास नहीं है। जनता की गाढ़ी कमाई से ऐसे खिलवाड़ करने वाले हर अधिकारी और ठेकेदार के खिलाफ कानूनन कार्रवाई ही अब अंतिम विकल्प बचा है।


उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर जिला उपायुक्त श्री चंदन कुमार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा धंसी पुलिया का तुरंत पुनर्निर्माण शुरू कराया जाए, ताकि ग्रामीणों की आवाजाही बाधित न रहे। निर्माण कार्य में शामिल विभागीय अधिकारियों व ठेकेदार पर विभागीय एवं आपराधिक कार्रवाई तत्काल दर्ज की जाए। पुलिया निर्माण की गुणवत्ता, सामग्री, प्राक्कलन राशि और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की तकनीकी जांच कर 72 घंटे में सार्वजनिक रिपोर्ट जारी की जाए। जांच पूरी होने तक दुर्घटना रोकने हेतु अस्थायी सुरक्षित पुल/मार्ग तुरंत उपलब्ध कराया जाए। ऐसे भ्रष्ट निर्माण कार्यों की श्रृंखला पर रोक लगाने हेतु जिला स्तर पर विशेष सत्यापन अभियान शुरू किया जाए।


    धी. पेरियार ने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा और करदाताओं के पैसों की लूट पर किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। अगर प्रशासन समयबद्ध कार्रवाई नहीं करता है, तो जनआंदोलन और कानूनी लड़ाई दोनों शुरू किए जाएंगे।