चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय सभागार में कोल्हान अधीक्षक की उपस्थिति में तथा जिले के सभी अंचल अधिकारियों की वर्चुअल सहभागिता के साथ शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में रिक्त मानकी, मुण्डा एवं डाकुआ पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करना तथा विभिन्न राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों की प्रगति की समीक्षा करना था।

बैठक में सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि रिक्त मानकी, मुण्डा एवं डाकुआ पदों पर नियुक्ति के लिए आवश्यक ग्राम सभाओं की तिथि तत्काल निर्धारित करें तथा ग्राम सभा से पारित प्रस्ताव और अन्य आवश्यक दस्तावेज यथाशीघ्र जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराएं। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि नियुक्ति संबंधी प्रस्तावों के साथ हुकूकनामा, वंशावली एवं अन्य आवश्यक अभिलेख संलग्न हों, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो।

समीक्षा के दौरान प्राप्त आवंटन के विरुद्ध सभी मानकी एवं मुण्डाओं को मानदेय राशि का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं अभिलेखागार प्रभारी को संबंधित अंचलों के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित एवं आवश्यक अभिलेख शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा गया। सभी अंचल अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि जिले में रिक्त मानकी, मुण्डा एवं डाकुआ पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया हर हाल में 30 जून 2026 तक पूर्ण कर ली जाए।

बैठक में विभिन्न प्रशासनिक एवं राजस्व मामलों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को आपदा प्रबंधन से संबंधित लंबित प्रतिवेदन एवं दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराने, हिट एंड रन मामलों से जुड़े अभिलेखों का अद्यतन विवरण प्रस्तुत करने तथा दाखिल-खारिज के लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा वनाधिकार से संबंधित प्रतिवेदन एवं आवश्यक दस्तावेजों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। आम जनता को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जाति प्रमाण पत्र एवं स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को प्राथमिकता देने तथा पात्र आवेदकों के किसी भी आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने के निर्देश भी दिए गए।

इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि जनहित से जुड़े सभी मामलों का समयबद्ध निष्पादन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर लंबित मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने तथा आम जनता को त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए गंभीरता से कार्य करने का निर्देश दिया।


