रांची | झारखंड राज्यसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद महागठबंधन के भीतर बयानबाजी तेज हो गई है। संख्याबल कम होने के बावजूद एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवाणी ने जीत दर्ज की, जबकि महागठबंधन समर्थित कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को हार का सामना करना पड़ा। चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस द्वारा क्रॉस वोटिंग के आरोप लगाए जाने पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि राजद और भाकपा (माले) ने कांग्रेस को धोखा दिया है तथा चुनाव में क्रॉस वोटिंग हुई है। उनके इस बयान के बाद महागठबंधन के सहयोगी दलों में नाराजगी बढ़ गई है। राजद नेताओं ने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताते हुए इसे अपनी राजनीतिक विफलता छिपाने का प्रयास करार दिया है।

सोशल मीडिया पर राजद का :-

राजद ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से जारी बयान में कहा कि झारखंड राज्यसभा चुनाव के नतीजे यह दर्शाते हैं कि कांग्रेस अपने सभी विधायकों का समर्थन सुनिश्चित करने में असफल रही। पार्टी ने कहा कि अन्य दलों पर आरोप लगाने से पहले कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए।

राजद ने अपने बयान में हरियाणा, ओडिशा और बिहार के राज्यसभा चुनावों का भी उल्लेख किया। पार्टी का दावा है कि उन राज्यों में कांग्रेस के कई विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी या मतदान से अनुपस्थित रहे थे, लेकिन उन मामलों में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

INDIA गठबंधन की एकजुटता पर चिंता
राजद ने यह भी कहा कि झारखंड में कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए जा रहे आरोप INDIA गठबंधन की एकजुटता को प्रभावित कर सकते हैं। पार्टी ने बयान में कहा कि हरियाणा, ओडिशा और बिहार में हुई घटनाओं के बावजूद महागठबंधन के अन्य सहयोगी दलों ने कभी कांग्रेस के खिलाफ सार्वजनिक रूप से टिप्पणी नहीं की।

राजद ने कांग्रेस नेताओं को सलाह देते हुए कहा कि वे बचकाने बयान देने से बचें और अपने ही दल के भीतर हुई कथित क्रॉस वोटिंग के मामलों की समीक्षा करें।
राज्यसभा चुनाव के बाद महागठबंधन के सहयोगी दलों के बीच शुरू हुई यह बयानबाजी अब झारखंड की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बन गई है। कांग्रेस और राजद के बीच बढ़ती तल्खी को राजनीतिक विश्लेषक आगामी दिनों में महागठबंधन की रणनीति और एकजुटता के लिए महत्वपूर्ण मान रहे हैं।

