सरायकेला | जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय सभागार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, समावेशी और अद्यतन बनाना है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे तथा कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में दर्ज न हो।

उपायुक्त ने मतदाताओं की शत-प्रतिशत मैपिंग, घर-घर सत्यापन तथा पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने तथा उनकी सूची 10 जून तक उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

बैठक के दौरान विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों, दावा एवं आपत्ति से संबंधित प्रावधानों तथा अनमैप्ड मतदाताओं को मतदाता सूची से जोड़ने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

उपायुक्त ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण केवल निर्वाचन विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने का एक महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों तथा प्रबुद्ध नागरिकों से इस अभियान की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने और पात्र मतदाताओं को पुनरीक्षण प्रक्रिया में शामिल होने के लिए प्रेरित करने की अपील की।

बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों का समाधान किया गया तथा उनके सुझावों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर बताया गया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए अर्हता तिथि 1 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा।

