जमशेदपुर: मार्कशीट में देरी से छात्रों का भविष्य अधर में, नामांकन प्रक्रिया प्रभावित

जमशेदपुर | झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। मैट्रिक परीक्षा का परिणाम घोषित हुए एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद विद्यार्थियों को अब तक मूल अंकपत्र (मार्कशीट) उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसका सीधा असर 11वीं और स्नातक स्तर पर नामांकन की प्रक्रिया पर पड़ रहा है। बेहतर शिक्षण संस्थानों में प्रवेश की तैयारी कर रहे हजारों छात्र आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

Contact no :- +91 9241456784

एजेंसी बदलने से बढ़ी परेशानी
सूत्रों के अनुसार, अंकपत्रों की छपाई के लिए पूर्व एजेंसी को हटाकर नई एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभागीय समन्वय की कमी और छपाई कार्य में हुई देरी के कारण छात्रों को समय पर मूल दस्तावेज नहीं मिल सके हैं। इसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है।
मार्कशीट नहीं, तो माइग्रेशन और टीसी भी नहीं
नियमों के अनुसार किसी भी नए स्कूल या कॉलेज में प्रवेश के लिए मार्कशीट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट और स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (टीसी) अनिवार्य होते हैं। मूल अंकपत्र उपलब्ध नहीं होने के कारण माइग्रेशन प्रमाणपत्र जारी नहीं हो पा रहा है। वहीं कई शिक्षण संस्थान आवश्यक मूल दस्तावेजों के अभाव में टीसी जारी करने से भी इनकार कर रहे हैं। इसके चलते परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके अनेक छात्र-छात्राएं नए संस्थानों में दाखिला नहीं ले पा रहे हैं।

अभी संपर्क करें :- +91 8936090601

समय से पहले परिणाम, लेकिन छात्रों को नहीं मिला लाभ
इस वर्ष जैक ने मैट्रिक का परिणाम 23 अप्रैल और इंटरमीडिएट का परिणाम 6 मई को घोषित किया था, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी पहले जारी किया गया। हालांकि, परिणाम समय से पहले घोषित होने के बावजूद विद्यार्थियों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल सका। मूल अंकपत्र उपलब्ध नहीं होने के कारण वे उच्च शिक्षा के लिए आवेदन और नामांकन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं।

Book your slot today : +91 7250214782

अस्थायी व्यवस्था से चल रहा नामांकन
स्थिति को देखते हुए कई स्कूल और कॉलेज ऑनलाइन अंकपत्र के प्रिंटआउट तथा अभिभावकों से शपथ-पत्र (अंडरटेकिंग) लेकर अस्थायी रूप से नामांकन कर रहे हैं। छात्र मोहम्मद खालिद, जिन्होंने मैट्रिक परीक्षा में 81 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं, ने बताया कि मूल अंकपत्र नहीं मिलने के कारण उन्हें कई संस्थानों से निराशा हाथ लगी। बाद में एक विद्यालय ने ऑनलाइन अंकपत्र के आधार पर उनका नामांकन स्वीकार किया।

Book your slot today : +91 7250214782

छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी
छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि परिणाम घोषित होने के बाद भी मूल दस्तावेज समय पर उपलब्ध नहीं कराना जैक की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने मांग की है कि अंकपत्रों का वितरण जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों का शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो।

By maskal.news

You May Also Like