चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की सड़क सुरक्षा व्यवस्था, सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिला परिवहन पदाधिकारी ने सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित आंकड़ों की प्रस्तुति दी। इसमें विगत वर्षों में हुई सड़क दुर्घटनाओं एवं उनसे हुई मौतों के आंकड़ों के साथ वित्तीय वर्ष 2025-26 के अब तक के तुलनात्मक आंकड़े प्रस्तुत किए गए। इसके अलावा जिले में संचालित सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रमों, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ की जा रही दंडात्मक कार्रवाई तथा पथ निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे सड़क सुरक्षा संबंधी कार्यों की जानकारी भी साझा की गई।

दुर्घटना स्थलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने जिला परिवहन पदाधिकारी को दुर्घटनाओं की संख्या और उनमें संलिप्त वाहनों के प्रकार का पृथक-पृथक विवरण तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का स्थानवार विश्लेषण कर प्रभावी रोकथाम के उपाय सुनिश्चित करने को कहा।
उपायुक्त ने पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए संयुक्त टीम द्वारा चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स के भौतिक निरीक्षण एवं दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों से संबंधित प्रतिवेदन की समीक्षा की। इस दौरान राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, चाईबासा के अभियंताओं को दुर्घटना संभावित स्थलों पर प्रस्तावित सुरक्षा कार्यों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में सड़क सुरक्षा जागरूकता के महत्व पर बल देते हुए उपायुक्त ने जिले के सुदूरवर्ती गांवों, विद्यालयों और महाविद्यालयों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही थाना स्तर पर नियमित रूप से सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने को कहा।

उपायुक्त ने लंबित चालानों के समयबद्ध निष्पादन और भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त प्रत्येक माह दो विशेष अभियान चलाकर हेलमेट वितरण कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया। उन्होंने सभी पेट्रोल पंपों पर अनिवार्य रूप से रोड साइड सीसीटीवी कैमरे स्थापित कराने तथा सड़क किनारे स्थित पेड़ों पर रेडियम टेप लगाने का निर्देश भी दिया, ताकि रात्रिकालीन सड़क दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके।

बैठक में अपर उपायुक्त, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), जिला परिवहन पदाधिकारी, विभिन्न अंचल अधिकारी तथा जिला सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

