सरायकेला | झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) सरायकेला-खरसावां रामाशंकर सिंह के मार्गदर्शन एवं सचिव तौसिफ मेराज के पर्यवेक्षण में रविवार को मंडलीय कारा सरायकेला में जेल अदालत सह चिकित्सा जांच शिविर एवं विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में सिविल जज (वरिष्ठ प्रभाग)-सह-न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी अनामिका किस्कू, मंडलीय कारा सरायकेला के अधीक्षक सत्येन्द्र कुमार, मुख्य विधिक सहायता रक्षा परामर्शी दिलीप शॉ, उप मुख्य विधिक सहायता रक्षा परामर्शी सुनीत कर्मकार, सहायक विधिक सहायता रक्षा परामर्शी अम्बिका चरण पाणी एवं विजय कुमार महतो, जेलर सोनू कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार मंडलीय कारा के मुलाकाती क्षेत्र में स्थापित हेल्प डेस्क का शुभारंभ रहा। इस हेल्प डेस्क के माध्यम से आगंतुकों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए पारा विधिक स्वयंसेवक मोहन कुमार हांसदा एवं तारामणि बांदिया को प्रतिनियुक्त किया गया है।

इस अवसर पर डीएलएसए सचिव तौसिफ मेराज ने बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता, विधिक सहायता रक्षा परामर्शी प्रणाली-2022 तथा हाल ही में प्रारम्भ की गई स्पृह योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने मुलाकाती क्षेत्र में स्थापित हेल्प डेस्क की उपयोगिता और इससे मिलने वाले लाभों से भी बंदियों एवं हितधारकों को अवगत कराया।

इसी क्रम में चिकित्सा पदाधिकारी अभिमन्यु महतो के नेतृत्व में चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बंदियों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। यह चिकित्सा शिविर मासिक जेल अदालत के साथ आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान पदाधिकारियों ने महिला वार्ड का निरीक्षण भी किया तथा महिला बंदियों से उनके मामलों और विधिक समस्याओं को लेकर संवाद स्थापित कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की।
यह आयोजन बंदियों को विधिक सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं तथा न्यायिक प्रक्रियाओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

