सरायकेला-खरसावां | जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की पहल पर गम्हरिया प्रखंड के विजय गांव (पोस्ट–नारायणपुर) में एक नाबालिग लड़की का बाल विवाह समय रहते सफलतापूर्वक रोक दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरायकेला महिला थाना में प्रतिनियुक्त पारा लीगल वालंटियर तारामणि बंडिया को बाल विवाह की सूचना मिली। उन्होंने तत्काल डीएलएसए के सचिव को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम को मौके पर भेजा गया।

डीएलएसए की टीम में चाइल्डलाइन की प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर कविता मिश्रा, लेडी सुपरवाइजर माया रानी महतो, महिला थाना प्रभारी कुमारी तिलोतमा, पीएलवी संजीव सहित अन्य सदस्य शामिल थे। टीम मौके पर उस समय पहुंची, जब नाबालिग लड़की की हल्दी रस्म की तैयारी चल रही थी।
अधिकारियों ने बच्ची के माता-पिता को बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों और इसके दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। लगातार समझाने-बुझाने के बाद अभिभावक विवाह रोकने के लिए सहमत हो गए।

टीम ने यह भी आश्वासन दिया कि बच्ची की शिक्षा जारी रखने में हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही, आशा इकाई के माध्यम से सहयोग दिलाने और परिवार को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने की बात भी कही गई।
डीएलएसए, चाइल्डलाइन और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से यह सराहनीय कार्य संभव हो पाया। समय पर मिली सूचना और त्वरित कार्रवाई ने एक नाबालिग के भविष्य को सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

