पूर्वी सिंहभूम | जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सरयू राय ने शनिवार को सोशल मीडिया के माध्यम से भारतीय रेलवे की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि रेलवे अब यात्री सुविधाओं की अनदेखी कर केवल मुनाफे पर केंद्रित हो गया है। इस व्यवस्था को उन्होंने “राजशाही” और “पीड़क मानसिकता” करार देते हुए इसमें बदलाव की आवश्यकता जताई।

विधायक ने कहा कि रेलवे की पुरानी “शुभ लाभ” की परंपरा अब “लोभ-लाभ” में बदल चुकी है, जिसका खामियाजा आम यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। ट्रेनों की लेटलतीफी पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने बताया कि टाटानगर जंक्शन पहुंचने से पहले ही एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को आउटर सिग्नल पर घंटों रोका जाता है। उनके अनुसार, मालगाड़ियों के संचालन और उससे मिलने वाले राजस्व को प्राथमिकता देने के कारण यात्री ट्रेनों को जानबूझकर रोका जाता है।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यात्री सुविधाओं की निगरानी के लिए गठित समितियों का प्रभाव जमीनी स्तर पर क्यों नहीं दिखता। सरयू राय ने इसे यात्रियों का मानसिक उत्पीड़न बताते हुए कहा कि घंटों तक ट्रेनों में फंसे रहना किसी सजा से कम नहीं है।

इस अव्यवस्था का सबसे अधिक असर चांडिल और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से जमशेदपुर आने वाले मजदूरों और दैनिक यात्रियों पर पड़ रहा है। ट्रेन की देरी के कारण कई लोगों को काम पर देर होती है, जिससे उनकी दिहाड़ी कट जाती है और नौकरी पर भी खतरा मंडराता है।
इसी मुद्दे को लेकर 7 अप्रैल को सुबह 10 बजे टाटानगर जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 के पास एक विशाल धरने का आयोजन किया जाएगा। सरयू राय ने स्पष्ट किया कि यह किसी एक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन-आंदोलन है और इसमें सभी राजनीतिक दलों व आम जनता से भागीदारी की अपील की गई है।
आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए उन्होंने स्थानीय सांसद विद्युत वरण महतो से भी इसमें शामिल होने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान के लिए जनप्रतिनिधियों का एकजुट होना आवश्यक है। इस घोषणा के बाद शहर के राजनीतिक गलियारों और रेल प्रशासन में हलचल तेज हो गई है।

