सरायकेला-खरसावां | प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) रमाशंकर सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य परक्राम्य लिखत अधिनियम से संबंधित मामलों के त्वरित निष्पादन हेतु प्रस्तावित विशेष लोक अदालत की तैयारियों का आकलन करना था।

बैठक में न्यायमंडल के विभिन्न न्यायिक पदाधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें ब्रज किशोर पांडेय (जिला एवं सत्र न्यायाधीश-I, सरायकेला), एस. एन. सिन्हा (जिला एवं सत्र न्यायाधीश, चांडिल – वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से), लूसी सोसन तिग्गा (मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी), अनामिका किस्कू (सिविल जज वरिष्ठ प्रभाग-III सह न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी), रवि प्रकाश तिवारी (एसीजेएम, चांडिल – वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से), तौसीफ मेराज (सचिव, DLSA), आशीष अग्रवाल (एसडीजेएम, सरायकेला), अमित खन्ना (एसडीजेएम, चांडिल – वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से) तथा धृति धैर्य (न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी) शामिल रहे।

यह बैठक झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, रांची द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में आयोजित की गई। बैठक में जानकारी दी गई कि विशेष लोक अदालत का आयोजन 20 से 25 अप्रैल 2026 तक किया जाएगा, जबकि उपयुक्त मामलों की पहचान एवं नोटिस जारी करने की प्रक्रिया 6 अप्रैल 2026 से प्रारंभ होगी।

अध्यक्ष रमाशंकर सिंह ने कहा कि परक्राम्य लिखत अधिनियम के अंतर्गत आने वाले अधिकांश मामले समझौता योग्य होते हैं, इसलिए इनके शीघ्र निष्पादन के लिए विशेष प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने सभी न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन मामलों के निपटारे में गंभीरता और तत्परता के साथ कार्य करें। साथ ही यह भी सुझाव दिया गया कि संबंधित क्षेत्रों के पैरा लीगल वालंटियर्स की मदद से नोटिसों की तामिली सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सके।
यह पहल न्यायालयों में लंबित मामलों को कम करने तथा त्वरित और सौहार्दपूर्ण न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

