चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में बुधवार को उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में जिला समाज कल्याण कार्यालय के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति, भवन निर्माण, पेयजल, शौचालय, विद्युतीकरण सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 2333 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें से 447 केंद्र किराए के भवनों में संचालित हो रहे हैं। इस दौरान उपायुक्त ने आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण से संबंधित कार्यों की परियोजना-वार प्रगति की समीक्षा की। समाज कल्याण विभाग से स्वीकृत 106 आंगनबाड़ी केंद्रों तथा मनरेगा कन्वर्जेंस के तहत 151 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्य की स्थिति की भी विस्तार से जानकारी ली गई।
इसके साथ ही शिक्षा विभाग एवं समाज कल्याण विभाग के समन्वय से संचालित आंगनबाड़ी केंद्र–विद्यालय को-लोकेशन से संबंधित प्रतिवेदन का भी अवलोकन किया गया।

समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के तहत लाभुकों के आच्छादन की स्थिति, सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के माध्यम से पेयजल आपूर्ति, शौचालय निर्माण तथा विद्युतीकरण कार्यों की प्रगति का भी जायजा लिया। इसके अतिरिक्त पोषण ट्रैकर के सभी संकेतकों, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना तथा समर कार्यक्रम से संबंधित प्रतिवेदनों की भी समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिले के सभी 2333 आंगनबाड़ी केंद्रों में भवन, बिजली, पानी, शौचालय तथा सेविका–सहायिका की उपलब्धता से संबंधित एक समेकित प्रतिवेदन तैयार कर शीघ्र उपलब्ध कराया जाए।

बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्वेता भारती, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग, विद्युत प्रमंडल, भवन प्रमंडल तथा पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, कनीय अभियंता एवं महिला पर्यवेक्षिकाएं उपस्थित ।

