चाईबासा : हो-समाज, दिल्ली के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को सांसद जोबा माझी से शिष्टाचार मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पालो पुरती कुड़ु ने किया। इस अवसर पर मागे पोरोब में सहयोग के लिए सांसद को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया तथा वार्षिक पत्रिका धुमकुड़िया भेंट की गई।

मुलाकात की खास बात यह रही कि पूरी बातचीत हो-भाषा में हुई, जिसे मातृभाषा के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में सकारात्मक पहल माना जा रहा है।
बैठक के दौरान महिला सशक्तिकरण, महिलाओं की शिक्षा तथा आदिवासी समाज की पारंपरिक संस्कृति—जैसे भाषा, पर्व-त्योहार, नृत्य-गीत, पूजा-पाठ, पारंपरिक वेशभूषा और खान-पान—के संरक्षण पर विस्तार से चर्चा हुई।

इसके अलावा जल, जंगल और जमीन पर अतिक्रमण के मुद्दे पर चिंता व्यक्त की गई। साथ ही पश्चिम सिंहभूम के सुदूर आदिवासी क्षेत्रों में सड़क और पुल निर्माण की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन बेहतर हो सके और विकास कार्यों को गति मिल सके।

इस मौके पर श्रीमती पालो पुरती कुड़ु के अतिरिक्त हो-समाज की ओर से सुश्री ललिता मइ तियु, श्री गंगाराम गागराई, श्री घनश्याम बोदरा, श्री राजू जेराई, श्री संजय तियु तथा अन्य सदस्यगण उपस्थित रहे।

