चक्रधरपुर : चक्रधरपुर के टिकरचम्पी इलाके में स्थित कोल्हान नितिर तुरतुंग (KNT) अध्ययन केंद्र एवं सगोम लाइब्रेरी में बुधवार को टाटा स्टील के सहयोग से चल रहे “समुदाय के साथ” कार्यक्रम के तहत विशेष फिल्म स्क्रीनिंग आयोजित की गई।

इस कार्यक्रम में हो और मुंडा जनजातियों की पुरानी लोक कथाओं पर आधारित फिल्में दिखाई गईं। खास तौर पर एक फिल्म में धरती की उत्पत्ति और मानव जीवन की शुरुआत को सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा, ‘रिदम ऑफ अर्थ’ नामक गीत (कुड़ुख, हो, संथाल और मुण्डा भाषाओं में) भी प्रस्तुत किया गया, जो प्रकृति के साथ मानव के संबंध को दर्शाता है।

साथ ही संथाली भाषा में बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘पपीता’ और हो साहित्य व संस्कृति पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री भी स्क्रीन की गई। ये फिल्में आदिवासी समुदाय की परंपराओं, विश्वासों और जीवनशैली को सरल और प्रभावशाली ढंग से दर्शाती हैं।
स्क्रीनिंग के दौरान छात्रों ने उत्साहपूर्वक फिल्में देखीं, सवाल पूछे और अपनी राय साझा की। कार्यक्रम में उपस्थित कोल्हान नितिर तुरतुंग के अध्यक्ष माझीराम जामुदा ने टाटा स्टील का धन्यवाद किया। महासचिव प्रेम सिंह डांगिल ने कहा कि ऐसी फिल्में समाज में जागरूकता बढ़ाती हैं और संस्कृति के प्रति गर्व की भावना मजबूत करती हैं।

कार्यक्रम को रबिन्द्र गिलुवा ने सफलतापूर्वक होस्ट किया। कार्यक्रम में कोल्हान नितिर तुरतुंग के अध्यक्ष, महासचिव, सचिव, सदस्य, टाटा स्टील के प्रतिनिधि, शिक्षक और सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
इस तरह के कार्यक्रम न केवल मनोरंजन करते हैं, बल्कि आदिवासी संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुँचाने में भी मददगार साबित होते हैं।

