चाईबासा : आदिवासी किसान मजदूर पार्टी (AKMP) के शाह जिला परिषद सदस्य मान सिंह तिरिया के नेतृत्व में पेयजल समस्या को लेकर सुबह 10 बजे से 48 घंटे का उपवास शुरू किया गया। क्षेत्र के ग्रामीण गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में लगभग 50 प्रतिशत चापाकल खराब पड़े हैं, लेकिन मरम्मत की मांग के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि डीएमएफटी फंड का दुरुपयोग किया जा रहा है। इस फंड से पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त किया जा सकता है, लेकिन जनप्रतिनिधि, अधिकारी और ठेकेदार मिलकर इस राशि को पीसीसी पथ निर्माण जैसे कार्यों में खर्च कर रहे हैं और कमीशनखोरी में लिप्त हैं, जबकि ग्रामीणों की बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पूर्व में पेयजल और बिजली की मांग को लेकर प्रदर्शन करने पर जिला प्रशासन द्वारा प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज कर दिया गया, जिससे गरीबों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उपवास पर बैठे लोगों ने कहा कि पानी जीवन का सबसे बहुमूल्य संसाधन है और वे केवल पेयजल की मांग कर रहे हैं, किसी की जमीन नहीं।
इस मुद्दे को जिला परिषद की सामान्य बैठक में चापाकल एवं जलमीनार की मरम्मत को लेकर उठाए जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उपवास के माध्यम से मांग की गई कि सभी खराब पड़े चापाकल और जलमीनारों की मरम्मत अविलंब कराई जाए।
पेयजल संकट के विरोध में 48 घंटे का उपवास, चापाकल व जलमीनार मरम्मत की मांग

