चाईबासा : भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा देश की महत्वाकांक्षी रोजगार योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को समाप्त किए जाने के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने कड़ा विरोध जताया है। इसी क्रम में शुक्रवार, 27 दिसंबर 2025 को झामुमो द्वारा राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया।
पश्चिम सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा में झामुमो जिला समिति के तत्वावधान में जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन आयोजित हुआ। इस दौरान वक्ताओं ने केंद्र सरकार के फैसले को जनविरोधी, गरीब विरोधी और श्रम विरोधी बताया।
जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम ने कहा कि मनरेगा पिछले दो दशकों से ग्रामीण आजीविका की मजबूत आधारशिला रहा है, जिसने ग्रामीण मजदूरों को काम का कानूनी अधिकार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सुनियोजित तरीके से आदिवासियों, मूलवासियों, अल्पसंख्यकों और गरीबों के हित में बने कानूनों को समाप्त कर उनके अधिकार छीन रही है।
धरना-प्रदर्शन के उपरांत उपायुक्त के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें श्रम विरोधी एवं गरीब विरोधी VB-G RAM G कानून 2025 को विलोपित करने हेतु केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की गई।
धरना-प्रदर्शन में भुवनेश्वर महतो, राहुल आदित्य, इकबाल अहमद, दीपक कुमार प्रधान, विकास गुप्ता, अकबर खान, प्रेम मुंडरी, रामलाल मुंडा, मिथुन गागराई, निसार हुसैन, विनय प्रधान, विश्वनाथ बाड़ा, बंधना उरांव, प्रेम गुप्ता, सनातन पिंगुवा, मंजीत हांसदा, राहुल तिवारी, सतीश सुंडी सहित बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मनरेगा समाप्त करने के विरोध में झामुमो का एकदिवसीय धरना, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

