जमशेदपुर | कभी उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिए शहर के छात्रों को दिल्ली, बेंगलुरु और पुणे जैसे महानगरों का रुख करना पड़ता था। अब स्थिति तेजी से बदल रही है। निजी विश्वविद्यालयों और आधुनिक शिक्षण संस्थानों के विस्तार के साथ जमशेदपुर में ही बेहतर उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध होने लगे हैं। इससे स्थानीय छात्रों के दूसरे शहरों की ओर पलायन में करीब 50 प्रतिशत तक कमी आने का दावा किया जा रहा है।

खास बात यह है कि जमशेदपुर अब केवल स्थानीय छात्रों की पसंद नहीं रह गया है, बल्कि विदेशों से भी विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए यहां पहुंच रहे हैं। जाम्बिया, नाइजीरिया, जिम्बाब्वे, बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका जैसे देशों के छात्र शहर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में अध्ययन कर रहे हैं।

कम फीस और अपेक्षाकृत कम जीवन-यापन खर्च के साथ आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, अनुभवी फैकल्टी और बेहतर पाठ्यक्रम जमशेदपुर को विद्यार्थियों के लिए आकर्षक बना रहे हैं। बीटेक, फार्मेसी, पॉलिटेक्निक और एमबीए जैसे पाठ्यक्रमों में विदेशी छात्रों की विशेष रुचि देखी जा रही है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अरका जैन विश्वविद्यालय में करीब 40, एनआईटी जमशेदपुर में 35 और एक्सएलआरआई में 2 विदेशी छात्र अध्ययनरत हैं। शहर में वर्तमान में चार निजी और एक सरकारी विश्वविद्यालय के अलावा दो नए मेडिकल कॉलेज भी संचालित हो रहे हैं।

जमशेदपुर का हरा-भरा वातावरण, शांत माहौल और दिल्ली, बेंगलुरु तथा पुणे जैसे महानगरों की तुलना में कम खर्च भी विदेशी छात्रों को आकर्षित कर रहा है। इससे शहर की शैक्षणिक पहचान राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मजबूत हो रही है।

हालांकि, जमशेदपुर को एक मजबूत ग्लोबल एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने के लिए अभी कई क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। संस्थानों में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं, बेहतर हॉस्टल, आधुनिक प्रयोगशालाएं और विदेशी छात्रों के लिए विशेष सहायता एवं मार्गदर्शन व्यवस्था को और मजबूत करना होगा। इन सुविधाओं के विस्तार से जमशेदपुर की पहचान वैश्विक शिक्षा केंद्र के रूप में और मजबूत हो सकती है।

