रांची | झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) में कथित अनियमितताओं को लेकर सीआईडी द्वारा आयोग कार्यालय और संबंधित अधिकारियों के ठिकानों पर की गई छापेमारी पर आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के अधीन कार्य करने वाली जांच एजेंसी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और सच्चाई सामने आने की उम्मीद नहीं की जा सकती।

उनके अनुसार यह कार्रवाई सरकार की जवाबदेही तय करने के बजाय पूरे प्रकरण को नियंत्रित करने का प्रयास प्रतीत होती है।
सुदेश महतो ने कहा कि जेपीएससी की भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों ने शुरू से ही गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। परीक्षा परिणाम, चयन प्रक्रिया और प्रशासनिक निर्णयों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में सरकार के अधीनस्थ एजेंसी द्वारा की जा रही जांच युवाओं का विश्वास बहाल करने के लिए पर्याप्त नहीं मानी जा सकती।

सीबीआई जांच की अनुशंसा करने की मांग
आजसू प्रमुख ने कहा कि यदि राज्य सरकार वास्तव में पारदर्शिता और निष्पक्षता के प्रति गंभीर है, तो उसे बिना किसी देरी के पूरे मामले की सीबीआई जांच की अनुशंसा करनी चाहिए। उनका कहना है कि स्वतंत्र एजेंसी द्वारा जांच होने से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित अनियमितताओं के लिए कौन जिम्मेदार है और पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।

युवाओं के हित में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
सुदेश महतो ने कहा कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सरकार से राजनीतिक छवि बचाने के बजाय युवाओं के विश्वास को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

आजसू पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह जेपीएससी अभ्यर्थियों के न्यायपूर्ण संघर्ष के साथ खड़ी है और पारदर्शी, निष्पक्ष तथा जवाबदेह भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए हर लोकतांत्रिक मंच पर अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।


