रामगढ़ | झारखंड के मुख्यमंत्री के पैतृक गांव नेमरा के समीप स्थित गोविंदपुर-सोनडिमरा गांव में आज भी स्कूली बच्चों को सुरक्षित सड़क के अभाव में रेलवे ट्रैक के सहारे स्कूल जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बच्चे प्रतिदिन अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन के किनारे या ट्रैक पर चलकर विद्यालय पहुंचते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की कमी को दर्शाती है। वर्षों से गांव तक सुरक्षित सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इसके कारण स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों में लगातार चिंता बनी हुई है।

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से अविलंब सुरक्षित सड़क निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि गांव के बच्चों को रेलवे ट्रैक के रास्ते स्कूल जाने की मजबूरी से जल्द राहत दिलाई जाए, ताकि वे सुरक्षित वातावरण में नियमित रूप से शिक्षा प्राप्त कर सकें।

ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा का अधिकार तभी वास्तविक रूप से सुनिश्चित होगा, जब बच्चों को विद्यालय तक पहुंचने के लिए सुरक्षित, सुगम और स्थायी मार्ग उपलब्ध कराया जाएगा।


