चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को भूमि संरक्षण विभाग के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत सबमिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन उपयोजना से संबंधित जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में कृषि उपकरण बैंक की स्थापना, लाभुक समूहों के चयन तथा व्यक्तिगत अनुदान के माध्यम से कृषि यंत्र उपलब्ध कराने सहित योजना के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले में कुल 18 कृषि उपकरण बैंक स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र आसानी से उपलब्ध कराने और कृषि कार्यों में यंत्रीकरण को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।

कृषि उपकरण बैंकों के माध्यम से विशेष रूप से छोटे एवं सीमांत किसानों को सामूहिक रूप से कृषि यंत्र उपलब्ध होंगे। इससे खेती की लागत और श्रम में कमी लाने के साथ कृषि कार्यों को अधिक सुगम बनाने में सहायता मिलेगी।
महिला स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा लाभ
बैठक में महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कृषि उपकरण बैंक स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया। योजना के तहत जिले के विभिन्न प्रखंडों के 18 महिला स्वयं सहायता समूहों का कृषि उपकरण बैंक की स्थापना के लिए चयन किया गया है।

238 कृषि यंत्रों के वितरण का लक्ष्य
व्यक्तिगत अनुदान के तहत कृषि यंत्रों के वितरण पर भी बैठक में चर्चा की गई। योजना के तहत अनुसूचित जनजाति श्रेणी के लिए 117 और अन्य श्रेणी के लिए 121, यानी कुल 238 लाभुकों को कृषि यंत्र उपलब्ध कराने का भौतिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला स्तरीय समिति ने 61 लाभुकों को व्यक्तिगत अनुदान पर कृषि यंत्र क्रय करने की स्वीकृति प्रदान की।

योजना के तहत पावर टिलर, पावर वीडर, पंप सेट, रोटावेटर, धान रोपण मशीन, मिनी राइस मिल और चारा मशीन सहित विभिन्न कृषि यंत्र किसानों तक पहुंचाए जाएंगे। इससे कृषि कार्यों में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा तथा किसानों को समय और श्रम की बचत का लाभ मिलेगा।

उपायुक्त मनीष कुमार ने संबंधित पदाधिकारियों को योजना का लाभ पात्र किसानों और समूहों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाने तथा कृषि उपकरण बैंकों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिले में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देकर किसानों की कार्यक्षमता बढ़ाने और खेती को अधिक सुविधाजनक एवं उत्पादक बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किया जाना आवश्यक है।


