चक्रधरपुर: पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, इंग्लिश मीडियम, पंप रोड शत्रुघ्न नगर चक्रधरपुर में सावित्रीबाई फुले की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्रधानाचार्य आनंद चन्द्र प्रधान ने सावित्रीबाई फुले के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन कर की। इस अवसर पर उन्होंने सावित्रीबाई फुले के जीवन और योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे भारत की पहली महिला शिक्षिका, समाज सुधारक और कवयित्री थीं। उन्होंने अपने पति ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर महिला शिक्षा और सामाजिक समानता की नींव रखी। वर्ष 1848 में पुणे में उन्होंने पहला बालिका विद्यालय खोला और 1848 से 1852 के बीच 18 से अधिक विद्यालयों की स्थापना की।
उन्होंने विधवाओं और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए भी कार्य किया तथा 1873 में सत्यशोधक समाज की स्थापना कर सामाजिक समानता, जाति भेदभाव के उन्मूलन और विधवा पुनर्विवाह के लिए प्रयास किए। इसी कारण उन्हें भारत की प्रथम शिक्षिका और नारी मुक्ति की प्रतीक के रूप में जाना जाता है।
कार्यक्रम के दौरान सौभीक घटक ने भी सावित्रीबाई फुले की जीवनी पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम को सफल बनाने में जय श्री दास, मीना कुमारी, भारती कुमारी, चांदनी जोंको और जयंती तांती का सराहनीय योगदान रहा।
03
Jan

