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‘सरकार आपके द्वार’ शिविर पर पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई ने जताई चिंता

‘सरकार आपके द्वार’ शिविर पर पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई ने जताई चिंता

हाटगम्हारिया : भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई ने हाटगम्हारिया प्रखंड के ठक्कर बापा डुमरिया पंचायत भवन में आयोजित ‘सरकार आपके द्वार’ शिविर की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम वास्तविक जरूरतों को पूरा करने में विफल हो रहा है और केवल दिखावा बनकर रह गया है। उन्होंने इसकी तुलना “सफेद हाथी” से करते हुए कहा कि बड़े दावे तो किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर नजर नहीं आता।

गागराई ने बताया कि शिविर में ग्रामीणों की भारी भीड़ इस बात का संकेत है कि शासन-प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों को सही तरीके से निभाने में असफल रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण जनता अब भी आवास, मैया सम्मान योजना जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं से वंचित है। शिविर में न कंबल वितरित किए जा रहे हैं और न ही स्कूल जाने वाले बच्चों को स्वेटर या पोशाक उपलब्ध कराई जा रही है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि हेमंत सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘खाना पूर्ति’ और ‘आपके द्वार’ जैसे कार्यक्रम केवल नाम मात्र के रह गए हैं। कई योजनाओं के पोर्टल बंद होने के कारण लाभार्थियों तक सहायता नहीं पहुंच पा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन दोनों ही निष्क्रिय दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने टिप्पणी की— “सरकार कुंभकर्णी निंद्रा में है और प्रशासन के हाथ बंधे हुए हैं।”

गागराई ने स्पष्ट किया कि यह केवल राजनीतिक बयान नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने मांग की कि सरकार तत्काल कार्रवाई कर योजनाओं को सही तरीके से लागू करे ताकि ग्रामीणों को उनका अधिकार मिल सके।

कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याएं सामने रखीं और कहा कि सरकार के दावों और वास्तविक हालात में बड़ा अंतर है। इस मौके पर गागराई ने स्थानीय प्रशासन से अपील की कि सरकारी योजनाओं को गंभीरता से लागू किया जाए और जरूरतमंदों को समय पर सहायता प्रदान की जाए।