जमशेदपुर : जमशेदपुर के लोगप्रिया संसद विधुतवारण महतो ने झामुमो सरकार पर तीखा हमाला बोलते हुए सोशल मिडिया में लिख।बागबेड़ा की सम्मानित जनता को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना मेरी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक रहा है। इसी उद्देश्य से मैंने लोकसभा के विगत शीतकालीन सत्र में नियम 377 के तहत बागबेड़ा पेयजल योजना का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया था।

मैंने सदन को अवगत कराया कि वर्ष 2014–19 के दौरान केंद्र और राज्य सरकार के साझा सहयोग से आरंभ हुई इस महत्वाकांक्षी परियोजना में गोविंदपुर क्षेत्र का कार्य तो पूर्ण कर लिया गया, लेकिन बागबेड़ा का हिस्सा आज भी अधूरा पड़ा हुआ है। इस अनावश्यक देरी के कारण बागबेड़ा के ग्रामीण भाई-बहनों को पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जो अत्यंत चिंताजनक और अस्वीकार्य है।
संसद में मेरे हस्तक्षेप के बाद केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने झारखंड सरकार से इस संबंध में जवाब तलब किया। राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत तथ्यों ने स्थिति की गंभीरता को उजागर कर दिया है। विभाग ने स्वीकार किया है कि इस योजना को ‘नीर-निर्मल परियोजना’ से ‘जल जीवन मिशन’ में स्थानांतरित किए जाने तथा लागत में वृद्धि के बावजूद वर्तमान में फंड की भारी कमी है। राज्य सरकार के मुख्य अभियंता ने स्पष्ट किया है कि वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए केन्द्रांश एवं राज्यांश मद में राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण निर्माण कार्य पूरी तरह बाधित है।

यह स्थिति राज्य सरकार के कुप्रबंधन और बागबेड़ा की जनता के प्रति उसकी उदासीनता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
इस विषय पर मुझे केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री श्री वी. सोमन्ना जी का विस्तृत पत्र प्राप्त हुआ है। पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया है कि जल ‘राज्य सूची’ का विषय है, अतः योजना को समयबद्ध रूप से धरातल पर उतारने की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। केंद्र सरकार जल जीवन मिशन के अंतर्गत वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा मिशन की अवधि को वर्ष 2028 तक बढ़ा दिया गया है। केंद्र सरकार ने नियमों के अंतर्गत हर संभव सहायता देने की तत्परता भी दोहराई है, बशर्ते राज्य सरकार प्रशासनिक सक्रियता दिखाए और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करे।

मैं बागबेड़ा की जनता को आश्वस्त करना चाहता हूं कि मैं इस महत्वपूर्ण मुद्दे को किसी भी हाल में ठंडे बस्ते में नहीं जाने दूंगा। राज्य सरकार फंड की कमी का बहाना बनाकर अपनी जिम्मेदारियों से नहीं बच सकती। मैं निरंतर राज्य प्रशासन और संबंधित विभागों पर दबाव बनाता रहूंगा ताकि लंबित राशि का शीघ्र प्रावधान हो और इस योजना के शेष कार्य युद्ध स्तर पर पूरे किए जाएं।
मेरा लक्ष्य स्पष्ट है—बागबेड़ा के हर घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना। इस लक्ष्य की प्राप्ति तक मेरा संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।

