पश्चिमी_सिंहभूम

चाईबासा में रिटायर्ड बैंककर्मी से 17 लाख की साइबर ठगी, एक आरोपी गिरफ्तार

चाईबासा में रिटायर्ड बैंककर्मी से 17 लाख की साइबर ठगी, एक आरोपी गिरफ्तार

चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में साइबर अपराधियों ने एक सेवानिवृत्त बैंककर्मी से करीब 17 लाख रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

कैसे हुई ठगी?


मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के करलाजोड़ी निवासी परमेश्वर पुरती (सेवानिवृत्त बैंककर्मी) ने 13 नवंबर 2025 को आवेदन देकर बताया कि अपराधियों ने उन्हें “जीवन प्रमाण पत्र अपडेट” कराने के नाम पर झांसा दिया और उनके बैंक खाते से 16 लाख 92 हजार रुपये निकाल लिए।

पुलिस की कार्रवाई


घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने एक विशेष टीम बनाई। टीम ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर संबंधित बैंक खातों को फ्रीज करा दिया, जिससे रकम सुरक्षित रह सके।

एक आरोपी गिरफ्तार


तकनीकी जांच, बैंक डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने मो. सकीर अंसारी नामक आरोपी को 6 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
मामले में मुफ्फसिल थाना कांड संख्या 185/2025 दर्ज किया गया है, जिसमें धारा 319(2)/318(4) BNS 2023 तथा IT Act की धारा 66(C)/66(D) लगाई गई है। पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द होगी।

पुलिस की अपील


पुलिस ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे फोन या मैसेज पर किसी भी व्यक्ति को बैंक विवरण, ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी न दें। जीवन प्रमाण पत्र अपडेट जैसी सेवाओं के लिए सीधे बैंक शाखा या आधिकारिक Jeevan Pramaan Portal पर ही संपर्क करें।
किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या Cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

पश्चिमी सिंहभूम में राजस्व व भू-अर्जन कार्यों की समीक्षा बैठक—उपायुक्त ने लंबित मामलों के जल्द निष्पादन के दिए निर्देश

पश्चिमी सिंहभूम में राजस्व व भू-अर्जन कार्यों की समीक्षा बैठक—उपायुक्त ने लंबित मामलों के जल्द निष्पादन के दिए निर्देश

चाईबासा : ‌पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में मंगलवार को उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी चंदन कुमार की अध्यक्षता में राजस्व संग्रहण, गैर-विभागीय राजस्व, नीलाम पत्र वाद, भू-अर्जन और अन्य राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में भू-लगान, दाखिल-खारिज, ऑनलाइन राजस्व न्यायालय, अंतरविभागीय भू-हस्तांतरण, जीएम लैंड सर्वे, सीमांकन, खासमहल लीज नवीकरण और परीशोधन झारभूमि शिकायत समेत विभिन्न मामलों की बिंदुवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि ऑनलाइन राजस्व न्यायालय में 5 साल से लंबित मामलों का जल्द से जल्द निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही भूमि सीमांकन के लंबित मामलों के निपटारे के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएँ और राजस्व वसूली की रफ्तार बढ़ाई जाए।

गैर-विभागीय राजस्व संग्रहण की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अब तक खनन विभाग से ₹214674.15 लाख, उत्पाद विभाग से ₹8786 लाख, राज्य कर कार्यालय से ₹28677 लाख, अवर निबंधन कार्यालय चाईबासा से ₹853 लाख, चक्रधरपुर से ₹354 लाख तथा परिवहन विभाग से लक्ष्य के विरुद्ध ₹2100 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ है।

उपायुक्त ने चाईबासा एवं चक्रधरपुर नगर परिषद, माप-तौल विभाग, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, जिला मत्स्य कार्यालय और अन्य विभागों को इस वित्तीय वर्ष में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व संग्रहण पूरा करने का निर्देश दिया।

बैठक में भू-अर्जन से संबंधित मामलों और जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रस्तावित रेल ओवरब्रिज तथा पथ निर्माण विभाग द्वारा संचालित सड़क परियोजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई।