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जनहित पर हमला, लोकतंत्र शर्मसार गांधी मैदान पर दीवारें क्यों?: धी रामहरि पेरियार

जनहित पर हमला, लोकतंत्र शर्मसार गांधी मैदान पर दीवारें क्यों?: धी रामहरि पेरियार

चाईबासा : एंटी करप्शन ऑफ इंडिया, के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष धी रामहरि पेरियार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट के माध्यम से जिला उपायुक्त चाईबासा का ध्यान शहर की ऐतिहासिक धरोहर गांधी मैदान में हो रहे अवैध एवं मनमाने निर्माण कार्य की ओर आकृष्ट कराया है और इस पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
        धी. रामहरि पेरियार ने अपने पोस्ट में कहा कि गांधी मैदान में बिना किसी सार्वजनिक मांग, जनसुनवाई, नगरवासियों की सहमति अथवा वैधानिक स्वीकृति के ऊँची दीवारों की घेराबंदी एवं अन्य स्थायी निर्माण कराए जा रहे हैं, जिससे मैदान की चौहद्दी प्रभावित हो रही है और यह धीरे-धीरे आम जनता, बच्चों, बुजुर्गों एवं खिलाड़ियों के उपयोग से छीना जा रहा है।
    उन्होंने कहा कि करीब 35 वर्ष पूर्व गांधी मैदान बच्चों के खेल, मनोरंजन और शारीरिक विकास का प्रमुख केंद्र था, जहाँ झूले, व्यायाम उपकरण और खेल सामग्री उपलब्ध थी। एक सुनियोजित साजिश के तहत इन सुविधाओं को पहले हटाया गया और अब मैदान को संकीर्ण कर सार्वजनिक उपयोग से बाहर करने की तैयारी की जा रही है। इससे आसपास रहने वाले गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है।
    धी. रामहरि पेरियार ने यह भी कहा कि वर्तमान में नगर परिषद चुनाव चल रहे हैं, लेकिन गांधी मैदान जैसे गंभीर जनहित के मुद्दे पर कोई भी प्रत्याशी खुलकर सामने नहीं आ रहा है, जो जनता के प्रति उनकी जिम्मेदारी पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाता है। उन्होंने कहा कि जनता की संपत्ति पर हो रहे इस अतिक्रमण के खिलाफ राजनीतिक चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि गांधी मैदान में चल रहे सभी निर्माण कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।
         पूरे मामले की निष्पक्ष, उच्चस्तरीय और समयबद्ध जांच कराई जाए। मैदान की मूल स्थिति बहाल कर इसे पुनः बच्चों, खिलाड़ियों एवं आम नागरिकों के लिए सुरक्षित और खुला सार्वजनिक स्थल बनाया जाए। पूर्व में हटाए गए झूले, व्यायाम उपकरण एवं खेल सुविधाओं को पुनः स्थापित किया जाए। भविष्य में सार्वजनिक संपत्तियों से संबंधित किसी भी निर्णय से पहले जनसुनवाई एवं पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।
एंटी करप्शन ऑफ इंडिया ने स्पष्ट किया कि गांधी मैदान किसी व्यक्ति, संस्था या प्रशासन की निजी संपत्ति नहीं, बल्कि चाईबासा की जनता की साझा विरासत है। इस पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण, सीमांकन या अवैध निर्माण जनता के अधिकारों का खुला उल्लंघन है, जिसे संगठन किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं करेगा। संस्था ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन का रूप लेगा और कानूनी व जनआंदोलन दोनों स्तरों पर संघर्ष किया जाएगा।