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चाईबासा: पांपड़ा चौक में 5,000₹ इंट्री वसूली का वीडियो, यह कानून नहीं, खुलेआम लूट है:- धी. रामहरि पेरियार

चाईबासा: पांपड़ा चौक में 5,000₹ इंट्री वसूली का वीडियो, यह कानून नहीं, खुलेआम लूट है:- धी. रामहरि पेरियार

चाईबासा : एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष धी. रामहरि पेरियार ने आज सोमवार सुबह पांपड़ा चौक का ताजा वीडियो जारी करते हुए कहा कि सुबह लगभग 7:30 बजे का यह वीडियो साफ दिखाता है कि तांतनागर–बरकुंडीहा मार्ग पर मुुफ्फस्सिल थाना प्रभारी 5,000₹ इंट्री वसूली का खुला दबाव बना रहे हैं। जिसने पैसा दिया उसका ट्रैक्टर बेधड़क चल रहा, जिसने नहीं दिया उसे रोककर कहा जा रहा है कि शाम तक हर ट्रैक्टर का इंट्री हो जाना चाहिए, नहीं तो कल से धर–पकड़ कर थाना ले जाया जाएगा। यह पुलिसिंग नहीं—वर्दी में छिपी संगठित वसूली है।

पहले भी दो पुलिसकर्मी वसूली में पकड़े गए थे,फिर भी गिरोह सक्रिय

पेरियार ने याद दिलाया कि विगत कुछ दिनों पहले भी मुफस्सिल थाना के दो पुलिसकर्मियों का अवैध वसूली करते हुए वीडियो वायरल हुआ था। दोनों सस्पेंड हुए, लेकिन अब तक उन पर विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई नहीं हुई। विभाग अपनी नाकामी छुपाने के लिए सिर्फ सस्पेंड और लाइन हाजिरी को कार्रवाई बताकर खानापूर्ति कर रहा है। लाइन हाजिरी कोई सजा नहीं, यह भ्रष्टाचार को बचाने का तरीका है।

उन्होंने कहा कि लगातार दो-दो वीडियो सामने आने के बावजूद कार्रवाई का स्तर यह दिखाता है कि पूरे सिस्टम में गहरी सांठगांठ है। यह किसी एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि एक स्थापित नेटवर्क की कार्यशैली है।

तत्काल कठोर कार्रवाई की मांग

धी. रामहरि पेरियार ने उपायुक्त चाईबासा, मुख्यमंत्री झारखंड, झारखंड पुलिस, और चाईबासा पुलिस से मांग की कि:

1. आरोपी थाना प्रभारी को तुरंत निलंबित कर FIR दर्ज की जाए।

2. पहले वायरल हुए दोनों पुलिसकर्मियों पर लंबित कानूनी कार्रवाई तत्काल शुरू हो।

3. वसूली गिरोह की पूरी चेन की पहचान कर सभी पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

4. ट्रैक्टर मालिकों, ग्रामीणों और परिवहन कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

अतिरिक्त मांग: FIR दर्ज हो

धी. पेरियार ने स्पष्ट कहा: सभी जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिक सूचना (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जब तक FIR नहीं, तब तक कार्रवाई सिर्फ दिखावा है।

पेरियार का कड़ा बयान

राज्य की साख दांव पर है। वर्दी की आड़ में होने वाली यह वसूली झारखंड की कानून व्यवस्था पर सीधा प्रहार है। एंटी करप्शन ऑफ इंडिया इस मामले को अंतिम परिणाम तक लड़कर ही मानेगा।