चाईबासा : बुधवार को खपरसाई गांव में मुंडा के खिलाफ ग्रामीणों की एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में सैकड़ों ग्रामीणों ने भाग लिया और वर्तमान मुंडा के कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए।

ग्रामीणों का आरोप है कि मुंडा उनके साथ अमानवीय व्यवहार करता है तथा जाति प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने में टालमटोल करता है। इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने यह भी कहा कि उनसे गाली-गलौज की जाती है।

ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि Chotanagpur Tenancy Act (CNT), Santhal Parganas Tenancy Act (SPT) और विल्किंसन रूल लागू रहने के बावजूद बाहरी लोगों को बसाने का काम किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार इस उद्देश्य से एक अलग कार्यालय भी संचालित किया जा रहा है।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि जब भी सरकारी योजनाओं के तहत आवास की स्वीकृति मिलती है, तो सूची में बाहरी लोगों के नाम शामिल होते हैं, जबकि स्थानीय जरूरतमंद ग्रामीणों के नाम नगण्य होते हैं
बताया गया कि इससे पूर्व भी ग्रामीणों ने मुंडा को पद से हटाने की मांग को लेकर पश्चिम सिंहभूम के उपायुक्त (डीसी) को आवेदन सौंपा था, लेकिन अब तक न तो कोई जांच कराई गई और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई है।
ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी आशंका है कि हाल में जमीन की खरीद-बिक्री के मामलों के सामने आने के बाद यदि निष्पक्ष जांच होती है, तो कई बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

