19वीं सदी में ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ कोल्हान क्षेत्र में कोल विद्रोह (1831–32) हुआ था। इसके बाद 1855 में संथाल परगना की धरती से अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध देश का पहला जनआंदोलन शुरू हुआ। इन आंदोलनों के परिणामस्वरूप वर्ष 1874 में कोल्हान क्षेत्र को अनुसूचित जिला घोषित किया गया। उस समय टाटा स्टील जैसी किसी भी औद्योगिक कंपनी का अस्तित्व नहीं था।
कोल विद्रोह को लगभग 200 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। लंबे संघर्ष और अनेक शहीदों के बलिदान के बाद झारखंड राज्य का गठन हुआ, जिसे बने हुए अब 25 वर्ष हो चुके हैं। आरोप है कि वर्तमान में हेमंत सरकार और राज्यपाल संतोष गंगवार द्वारा पूर्वी सिंहभूम जिले में टाटा स्टील कंपनी के लीज क्षेत्र में नगर निगम चुनाव पर प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं अनुसूचित एवं आदिवासी क्षेत्रों में संवैधानिक प्रावधानों की अनदेखी करते हुए नगर निगम चुनाव कराए जाने के लिए अधिसूचना जारी की गई है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि लगभग 200 वर्षों के संघर्ष और शहीदों के सपनों से बने झारखंड को पूंजीपतियों के हाथों सौंपा जा रहा है।
28
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