सरायकेला | झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, रांची के निर्देश पर शनिवार को सरायकेला के डीएलएसए हॉल में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) एवं मासिक लोक अदालत को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का संचालन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष डीएलएसए रामाशंकर सिंह के मार्गदर्शन में हुआ।

कार्यशाला में जिला परिवहन पदाधिकारी गिरिजा शंकर महतो, एसडीपीओ समीर सवैया, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पंकज और मुख्य एलएडीसी दिलीप कुमार शॉ सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा विभिन्न थानों के पुलिस अधिकारी, एएनएम, परिवहन विभाग के प्रतिनिधि, बाल कल्याण समिति के सदस्य, पैनल अधिवक्ता और पैरा लीगल वॉलंटियर्स भी शामिल हुए।

रामाशंकर सिंह ने कहा कि MACT मामलों में आवेदन छह महीने के भीतर दाखिल किए जाने चाहिए और फॉर्म-54 सही तरीके से प्रस्तुत होना चाहिए। उन्होंने मुआवजा दिलाने में पुलिस की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
तौसीफ मेराज ने MACT की कार्यप्रणाली और सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसलों—शारला वर्मा और प्रणय सेठी केस—पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह कानून पीड़ितों और मृतकों के आश्रितों को न्याय दिलाने के लिए बनाया गया है।
जिला परिवहन पदाधिकारी गिरिजा प्रसाद महतो ने गुड समैरिटन कानून की जानकारी दी और लोगों को दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए प्रेरित किया। वहीं, उप मुख्य एलएडीसी सुनीत कर्मकार ने एफआईआर के महत्व पर विस्तार से चर्चा की।
समाचार लिखे जाने तक मासिक लोक अदालत में बिजली से जुड़े पांच मामलों का निपटारा किया गया, जिससे ₹24,000 का राजस्व प्राप्त हुआ। वादकारियों ने त्वरित न्याय मिलने पर संतोष जताया।

