सरायकेला | नगर पंचायत सरायकेला के अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी की अध्यक्षता में नगर पंचायत सभागार में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर क्षेत्र स्थित महापुरुषों की प्रतिमाओं, मंदिरों, श्मशान घाटों, पार्कों तथा अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों की नियमित एवं प्रभावी सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक के दौरान विभिन्न स्थानों पर लंबे समय से जमा कचरे, झाड़-झंखाड़ और अन्य अपशिष्ट पदार्थों के शीघ्र निष्पादन के लिए विशेष सफाई अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि धार्मिक, सांस्कृतिक और सार्वजनिक महत्व के स्थलों की स्वच्छता नगर की पहचान तथा नागरिक जिम्मेदारी से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इन स्थलों की साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण से नगर की सकारात्मक छवि और अधिक मजबूत होती है।

उन्होंने अधिकारियों एवं सफाई कर्मियों को निर्देश दिया कि सभी प्रमुख स्थलों पर नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए तथा जमा कचरे का त्वरित निष्पादन किया जाए। बैठक में कर्मचारियों और सफाई कर्मियों के बीच जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा करते हुए प्रत्येक स्थल की निगरानी एवं कार्यान्वयन की जवाबदेही भी तय की गई।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि नगर प्रबंधक सुमित सुमन एवं महेश जारिका के नेतृत्व में सभी पीआईयू कर्मियों, सफाई पर्यवेक्षकों तथा एमएसडब्ल्यू (MSW) एजेंसी के प्रतिनिधियों की विभिन्न स्थलों पर प्रतिनियुक्ति की जाएगी, ताकि सफाई कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

अध्यक्ष ने बताया कि हाल ही में चलाए गए 22 दिवसीय सघन सफाई अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इसी क्रम में नगर के सभी धार्मिक, सांस्कृतिक और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ, सुंदर एवं व्यवस्थित बनाए रखने के लिए विशेष कार्ययोजना के तहत अभियान को आगे भी जारी रखा जाएगा।

बैठक में विभिन्न वार्डों के वार्ड पार्षद, सफाई पर्यवेक्षक, पीआईयू कर्मी तथा एमएसडब्ल्यू एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित थे। सभी ने नगर में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सक्रिय सहयोग का आश्वासन दिया।

बैठक के अंत में अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने नगरवासियों से सार्वजनिक स्थलों पर कचरा नहीं फैलाने तथा स्वच्छ एवं सुंदर सरायकेला के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनसहयोग और जनभागीदारी से ही एक आदर्श एवं स्वच्छ नगर का निर्माण संभव है।

