पश्चिम सिंहभूम : चक्रधरपुर के पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर इंग्लिश मीडियम, पंप रोड, शत्रुघ्न नगर में शनिवार, 31 जनवरी को संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत संत रविदास जी एवं भारत माता के चित्र पर संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर की गई, जिसमें सीनियर दीदी जय श्री दास, शांति देवी, मीना कुमारी, सौभीक घटक, स्वस्तिक सोय एवं भारती कुमारी शामिल रहे।
इस अवसर पर प्रभारी दीदी जय श्री दास ने संत रविदास जयंती की शुभकामनाएं देते हुए उनके विचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संत रविदास कर्म को ही पूजा मानते थे और उनका विश्वास था कि ईश्वर प्रेम में वास करते हैं, इसलिए मानव प्रेम के माध्यम से ही उनकी प्राप्ति संभव है। उन्होंने संत रविदास को भारत के महान संतों में से एक बताया, जिन्होंने अपने वचनों और दोहों के माध्यम से भक्ति की अलग पहचान बनाई।
शांति देवी ने संत रविदास जी की जीवनी पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने समाज में व्याप्त ऊंच-नीच और विषमता को समाप्त करने का संदेश दिया तथा मानव मात्र को समान और श्रेष्ठ माना। बच्चों के समक्ष जय श्री दास ने भी संत रविदास के जीवन और विचारों को सरल शब्दों में प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का संचालन मीना कुमारी ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सौभीक घटक, निशा किरण बानरा, चांदनी जोंको, मीना कुमारी, शांति देवी एवं जय श्री दास का सराहनीय योगदान रहा।
चक्रधरपुर में संत शिरोमणि रविदास जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई

