चक्रधरपुर | संकल्प, मेहनत और सही मार्गदर्शन किसी भी व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। इसका प्रेरक उदाहरण चक्रधरपुर प्रखंड के पदमपुर पंचायत अंतर्गत चेलाबेड़ा गांव की निवासी श्रीमती रूदमा नायक हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद अपने प्रयासों तथा उद्यान विभाग और जेएसएलपीएस के सहयोग से आर्थिक स्वावलंबन की नई पहचान बनाई है।
रूदमा नायक का जीवन पहले आर्थिक कठिनाइयों से घिरा हुआ था। परिवार की आजीविका सीमित आय पर निर्भर थी, जिससे दैनिक जरूरतों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो जाता था। पारिवारिक जिम्मेदारियों और आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण उन्हें कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था।

उनके जीवन में बदलाव वर्ष 2023 में आया, जब वे झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसायटी (जेएसएलपीएस) से जुड़ीं। स्वयं सहायता समूह और ग्राम स्तरीय संगठनों के माध्यम से उन्होंने न केवल सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई, बल्कि विभिन्न प्रशिक्षण और क्षमता विकास कार्यक्रमों का भी लाभ उठाया।
रूदमा नायक ने स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन और संकुल स्तरीय संघ से जुड़कर अपनी अलग पहचान बनाई। इन संस्थागत मंचों के माध्यम से उन्हें तकनीकी सहायता, आवश्यक जानकारी और आर्थिक अवसर प्राप्त हुए। साथ ही, उद्यान एवं आजीविका संवर्धन गतिविधियों से संबंधित प्रशिक्षण और सहयोग भी मिला।

उन्होंने अपने समूह से ऋण लेकर जेआईसीए के सहयोग से एमडीआई मशीन प्राप्त की और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाते हुए खेती को व्यवस्थित एवं लाभकारी बनाया। उद्यान विभाग से प्राप्त बीजों की मदद से उन्होंने ड्रिप सिंचाई प्रणाली के माध्यम से खेती शुरू की। वर्तमान में उनके खेत में मिर्च की खेती की जा रही है।
आज रूदमा नायक एक सफल ग्रामीण उद्यमी के रूप में पहचान बना चुकी हैं। उनकी अनुमानित मासिक आय लगभग ₹16,800 है। इस आर्थिक प्रगति का सकारात्मक प्रभाव उनके पारिवारिक और सामाजिक जीवन पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। बच्चों की शिक्षा, घरेलू जरूरतों की पूर्ति और जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है। परिवार अब पहले की तुलना में अधिक सशक्त और आत्मविश्वासी महसूस कर रहा है।

जिला उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि जिले में उद्यान विभाग और जेएसएलपीएस के माध्यम से संचालित आजीविका कार्यक्रम ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रूदमा नायक जैसी महिलाएं अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं और जिला प्रशासन का उद्देश्य अधिक से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है।
जिला उद्यान पदाधिकारी विश्वजित सिन्हा ने कहा कि उद्यान आधारित गतिविधियां ग्रामीण क्षेत्रों में आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन रही हैं। तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और योजनाओं के समुचित क्रियान्वयन के जरिए लाभुकों को स्थायी आजीविका उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि रूदमा नायक की सफलता यह साबित करती है कि सही दिशा और मेहनत से बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
वहीं, रूदमा नायक ने कहा कि उद्यान विभाग और जेएसएलपीएस से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। उन्हें प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आगे बढ़ने का अवसर मिला, जिससे वे आज अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर पा रही हैं। उन्होंने अन्य महिलाओं से भी इन योजनाओं से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने और अपने सपनों को साकार करने की अपील की।
रूदमा नायक की सफलता की कहानी केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और सामुदायिक विकास की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण है।

