चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में श्रम विभाग अंतर्गत संचालित कौशल विकास केंद्र, नियोजनालय एवं आरसेटी द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में चल रहे कौशल विकास कार्यक्रमों की प्रगति, प्रशिक्षण व्यवस्था तथा रोजगार सृजन से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने श्रम कार्यालय के माध्यम से जिले में संचालित सक्षम, वृहद एवं बिरसा श्रेणी के कौशल विकास केंद्रों की गतिविधियों और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने विभिन्न ट्रेडों में दिए जा रहे प्रशिक्षण, प्लेसमेंट एवं प्रशिक्षार्थियों की संख्या से संबंधित प्रतिवेदन का बिंदुवार अवलोकन किया।
उपायुक्त ने आवासीय कौशल विकास केंद्रों में छात्र-छात्राओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं, भोजन की गुणवत्ता, पृथक शौचालय एवं अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने श्रम अधीक्षक को नियमित रूप से कौशल विकास केंद्रों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया। साथ ही संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों तथा बिरसा कौशल विकास केंद्र के तहत 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के लोगों को प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ने पर जोर दिया। पात्र लाभुकों को नियमानुसार आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में जिला नियोजनालय द्वारा आयोजित रोजगार मेलों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में अब तक छह रोजगार मेलों का आयोजन किया जा चुका है, जिसके माध्यम से 678 युवक-युवतियों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा 34 काउंसलिंग कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।
इस पर उपायुक्त ने नियोजन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिले में संचालित सभी आईटीआई केंद्रों के प्रशिक्षार्थियों को रोजगार मेलों से लाभान्वित किया जाए। वहीं “प्रोजेक्ट परख” के तहत नियमित रूप से 400 बच्चों की करियर काउंसलिंग सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।

बैठक में विभागीय पुस्तकालय, श्रम कैंप आयोजन एवं श्रम जागरूकता रथ संचालन जैसे कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

