साइबर अपराधियों ने खुद को बिजली विभाग का अधिकारी बताकर चाईबासा न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं समाजसेवी आनंद वर्धन प्रसाद को ठगी का शिकार बना लिया। ठगों ने बिजली मीटर बदलने के बहाने फोन कर उन्हें बातचीत में उलझाए रखा और इसी दौरान उनके बैंक खातों से ₹1.44 लाख की अवैध निकासी कर ली।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आनंद वर्धन प्रसाद के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के दो संयुक्त खाते एक ही मोबाइल नंबर से जुड़े हुए हैं। इनमें एक खाता उनकी पत्नी के साथ तथा दूसरा उनके पुत्र के साथ संयुक्त रूप से संचालित है। साइबर अपराधियों ने गूगल पे (Google Pay) के माध्यम से तीन अलग-अलग ट्रांजैक्शन कर कुल ₹1,44,000 रुपये उनके खातों से निकाल लिए।
पीड़ित अधिवक्ता के अनुसार, फोन कॉल के दौरान उनके मोबाइल में अचानक कई एप्लिकेशन के सेटअप और अपडेट स्वतः शुरू हो गए। कुछ समय बाद बैंक से प्राप्त संदेशों के जरिए उन्हें खातों से राशि निकाले जाने की जानकारी मिली। लगातार ट्रांजैक्शन अलर्ट मिलने पर उन्हें साइबर ठगी का एहसास हुआ।
घटना के बाद उन्होंने मामले की शिकायत दर्ज कराने के लिए सदर थाना और साइबर सेल से संपर्क किया है। इस घटना के बाद उनके परिवार में चिंता और भय का माहौल है।
उल्लेखनीय है कि हाल के समय में फर्जी कॉल, मोबाइल हैकिंग, रिमोट एक्सेस ऐप और ऑनलाइन भुगतान माध्यमों के जरिए साइबर ठगी की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अज्ञात कॉल पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें, किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और मोबाइल में किसी भी ऐप को डाउनलोड या अनुमति देने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें।


