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खरसावाँ और चांडिल में किसानों को चना-सरसों बीज वितरण, 95 किसानों को मिला लाभ

खरसावाँ और चांडिल में किसानों को चना-सरसों बीज वितरण, 95 किसानों को मिला लाभ

खरसावाँ : खरसावाँ प्रखंड मुख्यालय में कृषि विभाग की ओर से किसानों के बीच चना बीज वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 30 किसानों को कुल 660 किलो चना बीज वितरित किया गया। इस अवसर पर प्रखंड प्रमुख, जिला परिषद सदस्य, एटीएम, बीटीएम, बीएओ सहित अन्य पदाधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

इसी क्रम में चांडिल प्रखंड के हेसाकोचा पंचायत में भी चना और सरसों बीज वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहाँ 65 किसानों को 130 किलो चना और 65 किसानों को 130 किलो सरसों बीज प्रदान किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने किसानों को योजनाओं और तकनीकी जानकारी से अवगत कराया।

जिले के अन्य प्रखंडों में भी प्रतिदिन चना सहित विभिन्न फसलों के प्रमाणित बीज वितरण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, ताकि किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध हो सके और उत्पादकता में वृद्धि हो।

बीज वितरण का मुख्य उद्देश्य किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले चना और सरसों बीज उपलब्ध कराना, आधुनिक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर दिलाना है। साथ ही वैज्ञानिक तकनीकों और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देकर सतत् कृषि विकास पर जोर दिया जा रहा है।

कुरमुण्डा के ग्रामीणों ने मालती मुण्डारी के समर्थन में सीडीपीओ को सौंपा आवेदन

कुरमुण्डा के ग्रामीणों ने मालती मुण्डारी के समर्थन में सीडीपीओ को सौंपा आवेदन

चक्रधरपुर: कुरमुण्डा पंचायत के सैकड़ों ग्रामीणों, ग्राम मुण्डा और जनप्रतिनिधियों ने सीडीपीओ श्रीमती विमला देवी को एक लिखित आवेदन सौंपकर आंगनबाड़ी केंद्र कुरमुण्डा (कोड संख्या 20368030620) की सेविका चयन प्रक्रिया में हुई देरी पर आपत्ति जताई है।

ग्रामीणों ने बताया कि 21 नवंबर 2025, शुक्रवार को लाभुकों की आमसभा और चयन समिति की बैठक आयोजित हुई थी। इस बैठक में सीडीपीओ की उपस्थिति में सेविका चयन प्रक्रिया पूर्ण की गई। चयन प्रक्रिया में कुल तीन आवेदिकाएँ शामिल थीं—

1. श्रीमती मालती मुण्डारी – 29 अंक


2. श्रीमती चुड़ामनी सरदार – 18 अंक


3. श्रीमती शिशु लिलमनी भूमिज – 14 अंक



ग्रामीणों के अनुसार, मालती मुण्डारी को सबसे अधिक अंक प्राप्त होने के बावजूद 10 दिन बीतने पर भी उनका आवेदन अनुमोदन हेतु जिला कार्यालय नहीं भेजा गया है। ग्रामीणों ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आमसभा द्वारा चयनित सर्वोच्च अंक प्राप्त आवेदिका का समर्थन सभी ग्रामवासी करते हैं।

ग्रामीणों ने मांग की कि मालती मुण्डारी का आवेदन जल्द से जल्द जिला कार्यालय भेजकर अनुमोदित कराया जाए। आवेदन की प्रतिलिपि उपायुक्त, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी पोड़ाहाट चक्रधरपुर तथा बीडीओ चक्रधरपुर को भी प्रदान की गई है।

इस दौरान ग्राम मुण्डा भगवती गोप, वार्ड सदस्य बहादुर गागराई, सरदार मुण्डा, चैतन सरदार, मांगता सरदार, दिनेश सरकार, जयराम गोप सरदार, मुंगा लाल, राकेश सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।

तांतनगर मॉडल स्कूल के 100-बेड छात्रावास निर्माण में करोड़ों की बंदरबांट, ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की लापरवाही उजागर:- धी. रामहरि पेरियार

तांतनगर मॉडल स्कूल के 100-बेड छात्रावास निर्माण में करोड़ों की बंदरबांट, ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की लापरवाही उजागर:- धी. रामहरि पेरियार

तंतनगर : एंटी करप्शन ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष धी. रामहरि पेरियार ने तांतनगर प्रखंड स्थित मॉडल स्कूल के 100-बेड छात्रावास का स्थलीय निरीक्षण कर चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं। इस छात्रावास को दिसंबर 2025 तक पूर्ण रूप से बनकर स्कूल प्रबंधन को हैंडओवर हो जाना चाहिए था, लेकिन वास्तविकता यह है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद काम अधूरा, लापरवाही चरम पर और जिम्मेदार विभाग मौन है।
निरीक्षण में पाया गया कि भवन का बड़ा हिस्सा अधूरा पड़ा है।निर्माणाधीन हिस्सों पर महीनों से कोई काम नहीं हो रहा। जहां छात्रों की रौनक होनी चाहिए थी, वहाँ सिर्फ टूटी दीवारें, उखड़ी प्लास्टरिंग, धूल, जर्जर ढांचा और रुका हुआ निर्माण दिखाई देता है।
       ठेकेदार और विभागीय अधिकारी, दोनों की तरफ से पूर्ण चुप्पी और गैर-जवाबदेही। प्रदेश अध्यक्ष पेरियार ने कहा कि यह स्पष्ट रूप से जनता के पैसों की खुली लूट, शिक्षा व्यवस्था का मजाक और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। करोड़ों रुपये भुगतान के बाद भी हैंडओवर नहीं होना इस बात का प्रमाण है कि परियोजना को जानबूझकर रसातल में धकेला जा रहा है।
    उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21A (शिक्षा का अधिकार) और मानवाधिकारों का सीधा उल्लंघन है। छात्रों को सुरक्षित, सक्षम और पूर्ण अवसंरचना उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन का संवैधानिक दायित्व है। लेकिन यहाँ ठेकेदारों की मनमानी और विभाग की निष्क्रियता ने पूरे प्रोजेक्ट को बर्बादी की ओर धकेल दिया है।
धी. पेरियार ने उपायुक्त चंदन कुमार को एक्स (ट्विटर) पर टैग करते हुए तत्काल कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने कहा कि परियोजना का तकनीकी ऑडिट कराया जाए।
सभी बिल भुगतान और ठेकेदारी अनुमोदन की जाँच हो। अधूरे निर्माण और बजट व्यय में गंभीर अनियमितताओं पर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए।
ज़िम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह बनाकर कार्रवाई की समय सीमा घोषित की जाए।


अंत में प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा :-


जनता के पैसे की लूट, छात्रों के भविष्य की बर्बादी और विभागीय उदासीनता को एंटी करप्शन ऑफ इंडिया किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेगा। यदि तत्काल कार्रवाई नहीं होती है, तो हम जनहित में बड़े स्तर पर हस्ताक्षर अभियान, जन-अधिकार मार्च और कानूनी कार्यवाही शुरू करेंगे।

पश्चिमी सिंहभूम में पारा शिक्षक की हत्या — 3 आरोपी गिरफ्तार

पश्चिमी सिंहभूम में पारा शिक्षक की हत्या — 3 आरोपी गिरफ्तार

चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो थाना क्षेत्र के पुरनापानी बाजार टांड़ में शनिवार सुबह एक पारा शिक्षक की बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान लगभग 50 वर्षीय मुकरु देवगम के रूप में हुई है, जो सुंडी सुरनियों स्कूल में पारा शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। वह हर सप्ताह की तरह बाजार करने सुबह करीब 7:30 बजे पुरनापानी बाजार पहुंचे थे, जहां यह घटना हुई।

घटना की जानकारी ग्रामीण मुंडा के माध्यम से पुलिस को मिली। इसके बाद पुलिस अधीक्षक चाईबासा के निर्देश पर जगन्नाथपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया और इलाके में छापामारी अभियान चलाया गया।

तकनीकी जानकारी से मिला सुराग, 3 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस की तकनीकी शाखा की मदद से जांच में तेजी आई और मात्र 24 घंटे के भीतर, 30 नवंबर की सुबह ग्राम केजरा से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं:

• सोमा सुंडी (25 वर्ष)

सीनू गौड़ (20 वर्ष)

मंगल कारोवा (20 वर्ष)


तीनों टोंटो थाना क्षेत्र के अलग-अलग टोलों के रहने वाले हैं। पुलिस ने उनके स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर वारदात में इस्तेमाल किए गए खून सना पत्थर, लकड़ी का डंडा, खून लगी मिट्टी और हत्या के समय पहने गए कपड़े बरामद कर लिए। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।

हड़िया पीने को लेकर विवाद बना हत्या का कारण

पुलिस जांच में सामने आया कि बाजार में हड़िया/रासी पीने की बात को लेकर पारा शिक्षक और आरोपियों के बीच कहासुनी हुई। विवाद बढ़ने पर गुस्से में आरोपियों ने मिलकर मुकरु देवगम पर हमला कर दिया और पत्थर व लाठी-डंडों से पीटकर उनकी हत्या कर दी।

पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

चाईबासा में आयोजित हुई कोल्हान हो वॉयस प्रतियोगिता

चाईबासा में आयोजित हुई कोल्हान हो वॉयस प्रतियोगिता

पश्चिमी सिंहभूम : चाईबासा स्थित आदिवासी हो समाज महासभा कला संस्कृति भवन, हरिगुटू में कोल्हान हो वॉयस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम यूनिटेड म्यूजिकल ग्रुप, सरायकेला-खरसावां के द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें कोल्हान हो फिल्म एसोसिएशन, सागोम ट्रस्ट और ट्राइबल चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, चाईबासा का सहयोग रहा।

प्रतियोगिता में 46 प्रतिभागियों ने भाग लिया और हो एवं हिंदी गानों का ऑडिशन लिया गया। यूनिटेड म्यूजिकल ग्रुप के डायरेक्टर अनिल सोरेन ने बताया कि इस ऑडिशन का उद्देश्य उभरते गायकों को मंच प्रदान करना और उनके टैलेंट को परखना है।

कार्यक्रम का उद्घाटन एसडीपीओ समीर सार्वैया ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि युवा कलाकार संगीत क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं और ऐसे आयोजनों से उन्हें आगे बढ़ने का मौका मिलता है।

प्रतियोगिता में गानों का मूल्यांकन करने के लिए चार सदस्यीय चयन समिति बनाई गई, जिसमें जावेद अख्तर, संजय जारिका, लाखिन्दर और बहल मुंडा शामिल थे। कार्यक्रम का सफल संचालन श्याम कुदादा ने किया। प्रतिभागियों के परिणाम 21 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे।

पूर्व सांसद गीता कोड़ा का सरकार पर हमला — “सेवा का अधिकार सप्ताह जनता को भ्रमित करने का प्रयास”

पूर्व सांसद गीता कोड़ा का सरकार पर हमला — “सेवा का अधिकार सप्ताह जनता को भ्रमित करने का प्रयास”

चक्रधरपुर : कैफेटेरिया में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व सांसद श्रीमती गीता कोड़ा ने झारखंड सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने “सरकार आपके द्वार” अभियान को अचानक सीमित कर 12 नवंबर से 25 दिसंबर की बजाय सिर्फ 22 से 28 नवंबर तक कर दिया और इसका नाम बदलकर “सेवा का अधिकार सप्ताह” रख दिया। उनके अनुसार, यह सरकार की जनता को भ्रमित करने वाली नीति को उजागर करता है।

कोड़ा ने आरोप लगाया कि अभियान के दौरान आनंदपुर, चक्रधरपुर सहित कई इलाकों में मैया सम्मान और अबुआ आवास पोर्टल पूरी तरह बंद रहे। मनोहरपुर के नंदपुर पंचायत में अधूरे अबुआ आवास का उद्घाटन उन्होंने “सरकारी भ्रष्टाचार और दिखावे की पराकाष्ठा” बताया।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार गरीबों की नहीं, बल्कि “दलालों और भ्रष्टाचारियों की सरकार” बन गई है। कोड़ा ने आरोप लगाया कि कमीशनखोरी, अवैध उत्खनन, सट्टा–लॉटरी जैसे गैरकानूनी धंधे राज्य की नई पहचान बनते जा रहे हैं।

शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल

प्रेस कॉन्फ्रेंस में गीता कोड़ा ने शिक्षा व्यवस्था की बदहाली पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि—

45 लाख छात्र आठ महीनों से परीक्षा तिथि का इंतजार कर रहे हैं।

40 लाख बच्चों को अब तक स्वेटर और जूते नहीं मिले, जिससे ठंड के कारण चक्रधरपुर और मनोहरपुर में मौतें भी हुई हैं।

लाखों विद्यार्थियों को स्टाइपेंड नहीं मिलने से गरीब छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।


स्वास्थ्य व्यवस्था पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम की स्वास्थ्य प्रणाली “खुद बीमार” है। एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने की हालिया घटना को उन्होंने सरकार की घोर लापरवाही करार दिया।

किसानों की समस्याओं का भी उठाया मुद्दा

पूर्व सांसद ने बताया कि धान खरीद केंद्रों की तैयारी नहीं की गई, जिसके कारण किसानों को समर्थन मूल्य ₹24 की बजाय सिर्फ ₹15 प्रति किलो में धान बेचना पड़ रहा है।

सरकार पर सीधे आरोप

अंत में गीता कोड़ा ने कहा कि हेमंत सरकार का एक साल अव्यवस्था, भ्रष्टाचार, झूठ और जनता से विश्वासघात का वर्ष साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक मजबूत विपक्ष के रूप में जनता की आवाज उठाती रहेगी और सरकार को आईना दिखाने का काम जारी रखेगी।

चक्रधरपुर में आदर्श मध्य विद्यालय की प्रमुख शिक्षिका को भावनात्मक विदाई — आँखें नम, यादें ताज़ा

चक्रधरपुर में आदर्श मध्य विद्यालय की प्रमुख शिक्षिका को भावनात्मक विदाई — आँखें नम, यादें ताज़ा

पश्चिमी सिंहभूम : चक्रधरपुर स्थित आदर्श मध्य विद्यालय में आज एक सादगीपूर्ण लेकिन भावनात्मक विदाई समारोह आयोजित किया गया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं ने कार्यकाल की समाप्ति पर प्रमुख शिक्षिका श्रीमती राधिका बिरवा को भावभीनी विदाई दी।

विदाई के क्षणों ने सभी को भावुक कर दिया और कई लोगों की आँखें नम हो गईं। विद्यालय परिवार ने शिक्षा क्षेत्र में उनके सराहनीय योगदान को याद करते हुए उनके उज्ज्वल एवं सुखद भविष्य की कामना की। विद्यार्थियों ने कहा कि श्रीमती बिरवा की सरलता, अनुशासन और मातृवत स्नेह हमेशा याद रहेगा।

कार्यक्रम में सहायक शिक्षक दमयंती हेंब्रम, संगीता बाला महतो, नीलम कुमुद डाडेल, राजीव रंजन महतो, सकील अहमद, दिव्या डाहंगा, उर्मिला महतो सहित सभी छात्र-छात्राएँ मौजूद रहे।

विराट कोहली का धमाका — रांची वनडे में जड़ा 52वां शतक, फैन ने मैदान में पहुंचकर छुए पैर

विराट कोहली का धमाका — रांची वनडे में जड़ा 52वां शतक, फैन ने मैदान में पहुंचकर छुए पैर

रांची : साउथ अफ्रीका के खिलाफ रांची के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में खेले गए पहले वनडे मैच में विराट कोहली ने शानदार बल्लेबाज़ी करते हुए 135 रनों की धमाकेदार पारी खेली। कोहली ने मात्र 120 गेंदों पर 11 चौकों और 7 छक्कों की मदद से ये रन बनाए। उन्होंने छक्के के साथ फिफ्टी और चौके के साथ सेंचुरी पूरी की।

इस पारी के साथ कोहली ने वनडे इंटरनेशनल करियर का अपना 52वां शतक लगाया और एक फॉर्मेट में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल शतक लगाने वाले बल्लेबाज़ बन गए। उन्होंने सचिन तेंदुलकर (51 शतक, टेस्ट क्रिकेट) को पीछे छोड़ दिया।

मैदान में पहुंचा कोहली का फैन, छुए पैर :-
शतक पूरा करने के बाद जब विराट कोहली जश्न मना रहे थे, तभी एक फैन सुरक्षा घेरा तोड़कर अचानक पिच पर पहुंच गया। वह उनके करीब आया और घुटनों के बल बैठकर कोहली के पैर छूने लगा। इस दौरान मैदान में कुछ पल के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उस व्यक्ति को पकड़ लिया और उसे मैदान से बाहर ले जाया। सुरक्षा व्यवस्था की इस चूक के कारण खेल कुछ समय के लिए रुक गया, हालांकि स्थिति नियंत्रण में आते ही मैच फिर शुरू कर दिया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

बोधि मंदिर, साकची में “संविधान बचाओ – भाईचारा बनाओ” सम्मेलन आयोजित

बोधि मंदिर, साकची में “संविधान बचाओ – भाईचारा बनाओ” सम्मेलन आयोजित

जमशेदपुर : साकची स्थित बोधि मंदिर में “संविधान बचाओ – भाईचारा बनाओ सम्मेलन” का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न समुदायों की ऐतिहासिक भागीदारी देखने को मिली। सम्मेलन के मंच से दिए गए वक्तव्यों ने समाज में एकता और जागरूकता की नई लहर पैदा की।

स्टेट प्रेसिडेंट एवं राष्ट्रीय कोर कमिटी के सदस्य श्री काशिफ़ रज़ा ने कहा कि “भारत का संविधान सिर्फ़ दस्तावेज़ नहीं, बल्कि सबसे बड़ा हथियार है, जो हर नागरिक को सम्मान, न्याय और समान अधिकार देता है। हम इसे कमजोर नहीं होने देंगे।” उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज तभी मजबूत होता है जब वंचित, उत्पीड़ित और मेहनतकश वर्ग संगठित होकर अपनी आवाज उठाता है। “हम धर्म, जाति या वर्ग के नाम पर बंटने नहीं आए, हम एक होकर अपने अधिकार लेने आए हैं।”

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और झारखंड पुलिस एसोसिएशन के स्टेट प्रेसिडेंट श्री राहुल मुर्मू ने कहा कि “असली विकास तभी संभव है जब समाज का हर व्यक्ति सुरक्षित, सम्मानित और अधिकार संपन्न हो। संविधान ने हमें बराबरी का अधिकार दिया है और इसकी रक्षा समाज की संयुक्त जिम्मेदारी है।” उन्होंने भाईचारा, संवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।

सम्मेलन की सफलता में कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवा नेतृत्वकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। मंच और सभा में विशेष रूप से मौजूद रहे —
दिनेश गौतम, शमीम अकरम, परवेज शहजाद, फ़ैयाज़ आलम, परमबीर पात्रों, सनत सिंह, सरदार आफताब अली, एजाज अहमद, सोनू (स्माइल), राशिद खान, वसीम, राजू मुखी, रतन बारीक, राजू लोहरा, बलराम कर्मकार, कमरुन निशा, जेबा आलो और शेख खुशनूर।
सभी ने संविधान और भाईचारे का संदेश समाज तक पहुँचाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के अंत में सभा संकल्प के नारों से गूंज उठा :-


• “संविधान अमर रहे — भाईचारा कायम रहे।”


• “दलित, मुस्लिम, आदिवासी, पिछड़ा साथ चलेगा — संविधान का राज चलेगा।”

सम्मेलन के साथ यह घोषणा भी की गई कि आने वाले दिनों में इसी एकजुटता के साथ जागरूकता अभियान जारी रहेगा, ताकि न्याय, सम्मान और समान अवसर की लड़ाई को आगे बढ़ाया जा सके।

असम सरकार का बड़ा निर्णय — चाय बागान के मजदूरों को भूमि का अधिकार और ST में शामिल करने की मंजूरी

असम सरकार का बड़ा निर्णय — चाय बागान के मजदूरों को भूमि का अधिकार और ST में शामिल करने की मंजूरी

असम : असम सरकार ने चाय बागानों में रह रहे मजदूरों को भूमि पर मालिकाना हक देने का विधेयक पास कर दिया है। इस फैसले से वहां पिछले 200 वर्षों से बसे लाखों आदिवासी और अन्य मजदूरों को लाभ मिलेगा।

इसके साथ ही, असम कैबिनेट ने झारखंड मूल के आदिवासी चाय बागान श्रमिकों को राज्य की अनुसूचित जनजाति (ST) सूची में शामिल करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।

कई वर्षों से अधिकारों से वंचित इन मजदूरों की मांगों को पहले की सरकारों ने नजरअंदाज किया था, लेकिन अब असम की भाजपा सरकार ने उनके संघर्ष को सम्मान देते हुए यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

आदिवासी समाज ने इन महत्वपूर्ण फैसलों के लिए असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा को धन्यवाद ज्ञापित किया है।