ओडिशा : मयूरभंज ज़िले के करंजिया स्थित हो’ संस्कृति भवन में 22 फरवरी 2026 को Ho Language Action Committee, Central Team के तत्वावधान में “दोलाबु दिल्ली” (हो’ भाषा जन आंदोलन) से संबंधित राष्ट्रीय स्तर की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कोल्हान के तीनों जिलों के साथ-साथ ओडिशा के विभिन्न जिलों, प्रखंडों और पंचायत स्तर पर कार्यरत सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और सक्रिय सदस्य शामिल हुए।

बैठक में पिछले 40 वर्षों से हो’ भाषा के प्रचार-प्रसार, विकास और आंदोलन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इसके बाद हो’ भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए जन आंदोलन को और मजबूत बनाने तथा योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। कार्यक्रम के अंत में आदिवासी हो’ समाज युवा महासभा, झारखंड और हो’ स्टूडेंट यूनियन, ओडिशा के कोषाध्यक्ष द्वारा जनसमूह से प्राप्त आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया गया।

ओडिशा में वर्षों से हो’ भाषा के लिए अग्रणी भूमिका निभाने वाली संस्था “Sida Hora Suser Akara” सहित अन्य सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने बैठक में लिए गए सभी निर्णयों का समर्थन किया। वक्ताओं ने कहा कि ओडिशा में सैकड़ों वर्षों से निवास कर रहे लाखों हो’ समुदाय को राज्य सरकार द्वारा विभिन्न जातियों में विभाजित कर दिया गया था, जिससे समुदाय की एकता प्रभावित हुई। अब हो’ भाषा बोलने वाले लोग एकजुट हो रहे हैं और आगामी जनगणना में पूरे ओडिशा के हो’ भाषा-भाषियों को एक ही ‘हो’ जाति’ के रूप में सूचीबद्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।

झारखंड से हो’ समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता एवं देशाउली फाउंडेशन के संस्थापक श्री साधु हो’ ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने हो’ भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की मांग पर अपना स्पष्ट मत रखते हुए आंदोलन को मजबूत करने के लिए रणनीति में बदलाव और सुधार की आवश्यकता बताई। उन्होंने ओडिशा के विभिन्न सामाजिक संगठनों को धन्यवाद देते हुए वरंग क्षिति लिपि के जनक ओत गुरु कोल लाको बोदरा जी द्वारा स्थापित संस्था “आदि संस्कृति विज्ञान केंद्र” तथा “आदिवासी हो समाज महासभा” जैसे संगठनों के साथ मिलकर पुनर्विचार और समन्वय की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में श्री साधु हो’ ने ओडिशा के उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।


