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खरसावां–सरायकेला में नुक्कड़ नाटक के जरिए गूंजा महिला सुरक्षा का संदेश

खरसावां–सरायकेला में नुक्कड़ नाटक के जरिए गूंजा महिला सुरक्षा का संदेश

खरसावां–सरायकेला : झारखंड राज्य स्थापना दिवस की 25वीं वर्षगांठ पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, सरायकेला-खरसावां के निर्देशानुसार शुक्रवार को विभिन्न गांवों में जागरूकता आधारित नुक्कड़ नाटक आयोजित किए गए।

छऊ नृत्य कला केंद्र के कलाकारों ने खरसावां प्रखंड के हरिभंजा पंचायत अंतर्गत खिलाडीसाई और चिलकू गांव में प्रस्तुति दी। वहीं लोक कला मंच खरसावां के कलाकारों ने सरायकेला प्रखंड के पांड्रा और पठानमारा में कार्यक्रम किया।


महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस

नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से कलाकारों ने महिला सुरक्षा के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। नाटकों में महिलाओं और बालिकाओं को— छेड़खानी, उत्पीड़न, साइबर अपराध जैसी समस्याओं के प्रति जागरूक किया गया।

कलाकारों ने संदेश दिया कि महिलाओं को अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए, चुप्पी तोड़कर हर गलत का डटकर विरोध करना चाहिए। समाज को भी महिलाओं के प्रति सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभानी होगी।




नशा मुक्ति व स्वच्छता का संदेश

कार्यक्रम में नशा मुक्ति, स्वच्छता जैसे सामाजिक सरोकारों से जुड़े संदेश भी दिए गए, ताकि समुदाय में सकारात्मक सोच और जागरूकता बढ़े।




सड़क दुर्घटना में तुरंत मदद का संदेश

नुक्कड़ नाटक में सड़क सुरक्षा को भी प्रमुखता दी गई। कलाकारों ने बताया कि यदि किसी की सड़क दुर्घटना होती है, तो उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाना बेहद जरूरी है।




रक्तदान की अपील और शपथ

कार्यक्रम के दौरान रक्तदान के फायदे बताए गए और ग्रामीणों से नियमित रक्तदान करने की अपील की गई।
लोगों को — नशा मुक्ति , सामाजिक जिम्मेदारी , महिला सुरक्षा , दुर्घटना में तुरंत अस्पताल पहुंचाने , रक्तदान
की सामूहिक शपथ भी दिलाई गई।

सारंडा मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आर्थिक नाकेबंदी स्थगित

सारंडा मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आर्थिक नाकेबंदी स्थगित

चाईबासा : सुप्रीम कोर्ट द्वारा सारंडा मामले पर आए फैसले के बाद 16 नवंबर को प्रस्तावित आर्थिक नाकेबंदी को स्थगित कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट और राज्य सरकार ने सारंडा के आदिवासी मूलवासियों को विस्थापित नहीं करने की मांग स्वीकार की है। यह जानकारी कोल्हान-पोड़ाहाट सारंडा बचाओ समिति के महासचिव बुधराम लागुरी ने प्रेस वार्ता में दी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अदालत में रखे गए पक्ष को सुप्रीम कोर्ट ने गंभीरता से सुना और सारंडा वासियों के हित में निर्णय दिया। इस फैसले के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री और उच्चतम न्यायालय का आभार व्यक्त किया।

बूड़ासाई गांव में दो महीने बाद बदला जला ट्रांसफार्मर, पूर्व मंत्री गागराई की पहल पर लौटी बिजली

बूड़ासाई गांव में दो महीने बाद बदला जला ट्रांसफार्मर, पूर्व मंत्री गागराई की पहल पर लौटी बिजली

कुमारडुंगी : मझगांव विधानसभा क्षेत्र के कुमारडुंगी प्रखंड के बूड़ासाई गांव में दो महीने से जला 63 केवी ट्रांसफार्मर नहीं बदलने के कारण गांव अंधेरे में डूबा हुआ था। बिजली की लगातार समस्या से परेशान ग्रामीण लगातार जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों से समाधान की मांग कर रहे थे, लेकिन ट्रांसफार्मर उपलब्ध न होने से समस्या बनी रही।

बिजली नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई, पेयजल आपूर्ति और दैनिक कामकाज पर गंभीर असर पड़ा। रात में अंधेरे के कारण सुरक्षा संबंधी चिंताएँ भी बढ़ गई थीं। ग्रामीणों ने कई बार सांसद, विधायक और स्थानीय प्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

स्थिति की जानकारी मिलने पर पूर्व मंत्री एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बड़कुंवर गागराई चाईबासा विद्युत विभाग कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से मुलाकात कर तत्काल ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उनकी पहल पर विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए नया 63 केवी ट्रांसफार्मर भेज दिया।

गागराई ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली जैसी मूलभूत सुविधा का बाधित होना चिंताजनक है और जनता की समस्याओं का समाधान समय पर होना चाहिए। उन्होंने विभाग और कार्यकर्ताओं को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।

ग्रामीणों ने पूर्व मंत्री और विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे इंतजार के बाद अब गांव में फिर से रोशनी लौट रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में ऐसी समस्याओं का समाधान समय पर किया जाएगा।

उकुमादकम विद्यालय में बाल दिवस और रजत जयंती वर्ष का उत्सव धूमधाम से आयोजित

उकुमादकम विद्यालय में बाल दिवस और रजत जयंती वर्ष का उत्सव धूमधाम से आयोजित

मंझारी : उत्क्रमित उच्च विद्यालय उकुमादकम में मंगलवार को बाल दिवस और विद्यालय की रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में पूर्व-संध्या समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही विद्यालय परिसर बच्चों के उत्साह, शिक्षकों की भागीदारी और ग्रामीणों के सहयोग से जीवंत दिखा।

कार्यक्रम में बच्चों के लिए विविध प्रतियोगिताएँ, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, नृत्य, क्विज़ और प्रेरक गतिविधियाँ आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने सभी कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

प्रधानाध्यापक सिकन्दर बिरुवा ने बच्चों को बाल दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि बच्चे समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की पहचान हैं। उन्होंने विद्यालय की 25 वर्षों की शिक्षा यात्रा, उपलब्धियों और आगामी योजनाओं पर भी बात की।

सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता और झारखंड विषयक क्विज़ में विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। झारखंड क्विज़ में जस्मति हेस्सा प्रथम, बुधन सिंह बारी द्वितीय और जयन्ती तामसोय व निरानी तामसोय संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहीं।

बाल दिवस पर बच्चों ने जनजातीय नृत्य, देशभक्ति गीत और समूह नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान शारीरिक शिक्षक मंजीत सिंह बोयपाई ने बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य, व्यायाम, खेल भावना और स्वच्छता के महत्व के बारे में बताया। स्थानीय ग्रामीण बनमाली तामसोय ने लोकगीत और प्रेरक कहानियों के माध्यम से बच्चों को शिक्षा और जीवन मूल्यों का संदेश दिया।

कार्यक्रम में साधो तियु, कृष्णा चन्द्र सोरेन, पींकी कालुन्डिया, सावित्री बोबोंगा सहित कई शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी, अभिभावक और ग्रामीण उपस्थित रहे। अंत में प्रधानाध्यापक और ग्रामीणों ने बच्चों को शुभकामनाएँ देते हुए कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न घोषित किया।

झारखंड स्थापना दिवस पर पश्चिमी सिंहभूम के 1308 ग्राम संगठनों में JSLPS ने आयोजित किए विशेष कार्यक्रम

झारखंड स्थापना दिवस पर पश्चिमी सिंहभूम के 1308 ग्राम संगठनों में JSLPS ने आयोजित किए विशेष कार्यक्रम

चाईबासा : झारखंड राज्य के 25वें स्थापना दिवस पर पश्चिमी सिंहभूम जिले के JSLPS द्वारा गठित सभी 1308 ग्राम संगठनों में 14 नवंबर को विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। रजत जयंती वर्ष के इस अवसर पर ग्रामीण सशक्तिकरण को लेकर नए संकल्प लिए गए।

कार्यक्रम में 15 हज़ार से अधिक महिला सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ग्राम संगठनों में स्वास्थ्य, शिक्षा और लैंगिक समानता के मुद्दों पर सामूहिक शपथ दिलाई गई। इसके अलावा, झारखंड की पिछले 25 वर्षों की उपलब्धियों और विकास यात्रा पर चर्चा की गई और भविष्य के 25 वर्षों के लिए कार्ययोजना तय की गई।

कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली कैडर और सखी मंडलों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।

जनजातीय गौरव दिवस की पूर्व संध्या पर BJP एसटी मोर्चा ने बिरसा मुंडा की प्रतिमा की साफ-सफाई और माल्यार्पण किया

जनजातीय गौरव दिवस की पूर्व संध्या पर BJP एसटी मोर्चा ने बिरसा मुंडा की प्रतिमा की साफ-सफाई और माल्यार्पण किया

चाईबासा : भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जनजाति मोर्चा की ओर से सोमवार को जनजातीय गौरव दिवस की पूर्व संध्या पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। नगर अध्यक्ष पंकज टोप्पो के नेतृत्व में चाईबासा बस स्टैंड स्थित धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा की साफ-सफाई की गई। इसके बाद प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन किया गया।

मोर्चा ने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर मंगलवार को शोभा यात्रा निकाली जाएगी। इसमें कार्यकर्ता और आमजन पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि देंगे।

नेताओं ने कहा कि बिरसा मुंडा ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ जनजातीय समाज की अस्मिता, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष किया। धर्मांतरण के विरोध में उलगुलान कर समाज को जागरूक किया। जनजातीय गौरव बढ़ाने में उनका योगदान अविस्मरणीय है।

कार्यक्रम में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सतीश पुरी, जिला उपाध्यक्ष राकेश बबलू शर्मा, भाजपा जिला महामंत्री मनोज लीयगी, प्रताप कटियार महतो, नगर अध्यक्ष पवन शर्मा , मुकेश योगी, रामेश्वर विश्वकर्मा, जयकिशन विरूली, विजय पूर्ति, मोटू करवा, द्वारिका शर्मा, बिरजू रजक, मणिकांत पोद्दार, संतोषी मुखी, ज्योति करवा, यमुना करवा, सोनी करवा, चांदनी करवा, बबली करवा, रोहित दास, पंकज सिंह, नीरज पांडे, जगदीश निषाद, लक्ष्मण कुजूर, रौनक लड़का, आनंद गोप, देव दास सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।

यूसीआईएल बदुंहुडंग माइंस पाँच दिनों से बंद, विस्थापित कमेटी का नए टेंडर पर विरोध

यूसीआईएल बदुंहुडंग माइंस पाँच दिनों से बंद, विस्थापित कमेटी का नए टेंडर पर विरोध

जमशेदपुर : 14 नबंवर शुक्रवार (पूर्वी सिंहभूम)सुंदरनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (UCIL) की बदुंहुडंग ओपेन कस्ट माइंस में नया टेंडर जारी होने के बाद पिछले पाँच दिनों से बदुंहुडंग-केरुवाडुंगरी एंव प्रभावित संयुक्त विस्थापित कमेटी द्वारा ओपन कास्ट माइंस का संचालन ठप कर दिया गया है।

विस्थापित कमेटी ने UCIL प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि वर्ष 2023 में हुआ लिखित समझौता कंपनी द्वारा लागू नहीं किया गया। साथ ही कमेटी का कहना है कि ओपन कास्ट माइंस में प्रबंधन ने UCIL कर्मचारियों की एक अलग कमेटी  बनाकर ठेका कार्य को उन्हीं के माध्यम से चलाना शुरू कर दिया है, जिससे मूल विस्थापित परिवारों को—

स्थायी नौकरी,

ठेकेदारी में काम

तथा मृत्यु परिजन को समय पर नौकरी


जैसी सुविधाएँ नहीं मिल पा रही हैं।



15 वर्षों से ठेकेदारी का आरोप :

कमेटी का यह भी आरोप है कि UCIL प्रबंधन और कुछ स्थायी कर्मचारियों की मिलीभगत से एक दल पिछले 15 वर्षों से ठेकेदारी व्यवस्था में काम कर रहा था। लेकिन नए टेंडर चार माह का लागू होते ही स्थिति बदल गई।

सोमवार को विस्तापित परिवार द्वारा ओपन कास्ट माइंस बंद होने की खबर मिलते ही पुराने ठेकेदार मजदूर अपने संगठन अध्यक्ष के साथ आकर नए संयुक्त विस्थापित कमेटी पर धावा बोल दिया।इसी दौरना धरना पर बैठी कई महिला प्रदर्शनकारी पीटकर घायल कर दी गईं।



त्रिपक्षीय वार्ता भी विफल :

तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए कंपनी प्रबंधन ने गुरुवार दिनांक 13 नबंवर को दोनों पक्षों को बुलाकर त्रिपक्षीय बैठक की। करीब दो घंटे चली बैठक के बाद भी समाधान नहीं निकल सका।बदुंहुडंग-केरुवाडुंगरी एंव प्रभावित संयुक्त विस्थापित कमेटी ने आरोप लगाया कि प्रबंधन लगातार पुराने दल का ही समर्थन करता रहा।

नई संयुक्त विस्थापित कमेटी ने असहमति जताते हुए
बैठक को छोड़कर वापस धरना स्थल पल लौट आई और अपनी पुरानी माँगों पर अडिग रही।

आज शाम खबर लिखे जाने तक केरुवा डुंगरी के दोनों स्थायी कर्मचारी राधे गोप (कर्मचारी संख्या 20089) और जेना हो (कर्मचारी संख्या 20060) को कंपनी प्रबंधन द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

कंपनी प्रबंधन का आरोप है कि दोनों कर्मचारियों ने स्थानीय ग्रामीणों एवं बदुंहुडंग–केरुवाडुंगरी संयुक्त प्रभावित विस्थापित कमेटी को उकसा कर मांइस बंदी को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
वहीं,अब आगे देखना होगा कि दोनों कर्मचारियों ने अपने गांव के हक के लडा़ई आवाज बनने में कंपनी प्रबंधन कितना दोषा करार देकर उनके विरुद क्या करवाई करतें हैं।

ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है—कंपनी समर्थित कर्मचारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं?

विस्थापित समिति और स्थानीय ग्रामीणों का सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि जब कंपनी प्रबंधन के समर्थन में कुछ कर्मचारियों ने जबरन मारपीट कर काम चालू कराया जा रहा था, तो उन पर अब तक पुलिस प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई?

विस्तापित परिवारों का आरोप है कि :

कंपनी के पक्ष में खड़े कुछ कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर धमकी, धक्का-मुक्की और जबरदस्ती काम शुरू करा रहा था,

परंतु घटना के वीडियो और गवाह मौजूद होने के बावजूद पुलिस ने कोई संज्ञान नहीं लिया।


नराज विस्तापित परिवारों के लोगों का कहना है कि

> “क्या कानून केवल विस्थापितों और ग्रामीणों के लिए है?
जब मारपीट कंपनी समर्थित कर्मचारियों ने की है, तो उन पर कार्रवाई कौन करेगा?”

इन सवालों के जवाब का इंतजार अब भी बना हुआ है।

ग्रामीणों और विस्थापित कमेटी द्वारा पिछले पाँच दिनों से मांइस बंद कर नए टेंडर का विरोध जारी है।



हमारी माँगे :-

1. बान्दुहूडाँग से विस्थापित हुए विस्थापित एवं प्रभावित परिवारों को ठेकेदारी में 70% तक बहाली किया जाए।

2. बान्दुहूडाँग परियोजना से विस्थापित हुए मृत्यु केस को अविलंब नियोजन प्रक्रिया पूरी कर स्थायी नौकरी दिया जाए।

3. 2004-05 के बचे सभी विस्थापितो को यूसिल में नियोजन प्रक्रिया पूरी कर स्थायी नौकरी दिया जाए ।

4. 2004 – 05 विस्थापितों के पुनर्वास कर उनका संपूर्ण विकास किया जाए एवं मुआवजा दिया जाए ।

5. ऐसे विस्थापित कर्मी जो यूसिल में नौकरी के दौरान मृत्यु हुई है उनके आश्रित को 90 दिनों के अंदर नौकरी में बहाल किया जाए।

6. ऐसे विस्थापित जो नौकरी के उपरान्त अस्वस्थ्य होने के कारण अथवा नौकरी में लम्बे समय तक अनुपस्थित होने के कारण उन्हें नौकरी से बेदखल कर दिया गया है उनके आश्रितो को अविलम्ब नौकरी प्रदान किया जाए ।

चाईबासा कांग्रेस भवन में पंडित नेहरू की जयंती पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित

चाईबासा कांग्रेस भवन में पंडित नेहरू की जयंती पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित

चाईबासा : देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती शुक्रवार को चाईबासा स्थित कांग्रेस भवन में श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कांग्रेसजनों ने नेहरू के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

कार्यक्रम में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचू ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद नेहरू ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और दूरदर्शिता से भारत को एक सशक्त, समृद्ध और आधुनिक राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि नेहरू आर्थिक रूप से कमजोर लोगों और बच्चों के प्रति विशेष संवेदनशील थे और देश के विकास को हमेशा प्राथमिकता देते थे।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नेहरू के संकल्पों को दोहराते हुए उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया। साथ ही बाल दिवस के अवसर पर छात्रों को शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय, जिला महासचिव लियोनार्ड बोदरा, जिला सचिव जया सिंकु, जानवी कुदादा, प्रखंड अध्यक्ष दिकु सावैयां, नगर उपाध्यक्ष मोहम्मद ऐसान, नगर महासचिव मोहम्मद शहजादा, वरिष्ठ कांग्रेसी विक्रमादित्य सुंडी, मेवालाल होनहागा, पोन्डेराम सामाड, विजय सिंह तुबिद, महीप कुदादा, प्रताप सिंह सावैयां, सुशील दास और तिलक पान सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।

चक्रधरपुर स्टेशन का नया भवन जनवरी में खुलेगा, यात्रियों को मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएँ

चक्रधरपुर स्टेशन का नया भवन जनवरी में खुलेगा, यात्रियों को मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएँ

चक्रधरपुर : चक्रधरपुर वासियों और रेल यात्रियों को नए साल में बड़ी सौगात मिलने वाली है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार चक्रधरपुर स्टेशन के नवनिर्मित भवन का निर्माण कार्य दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। जनवरी में इस नए भवन को औपचारिक रूप से जनता और यात्रियों को समर्पित किया जाएगा।

नए स्टेशन भवन में यात्रियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। दिव्यांगों के लिए फुटओवर ब्रिज पर लिफ्ट की व्यवस्था होगी, जबकि आम यात्रियों के लिए एस्केलेटर लगाए जाएंगे। भवन के अंदर आरक्षण एवं टिकट काउंटर, स्टेशन कार्यालय, पैनल रूम, आरपीएफ कार्यालय, प्रतीक्षालय, भोजनालय और पेयजल की बेहतर सुविधा रहेगी।

स्टेशन के बाहर वाहन पार्किंग की व्यवस्था के साथ झारखंड की संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी। नए भवन के घनी आबादी वाले क्षेत्र में होने से यात्रियों को स्टेशन तक पहुँचने में ओवरब्रिज या अंडरब्रिज की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे दूरी भी कम होगी।

पुराने स्टेशन भवन और वीआईपी गेट का भी पुनर्विकास किया जाएगा। इससे सड़क यातायात, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार होगा। नया स्टेशन भवन चक्रधरपुर की छवि को निखारेगा और यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करेगा।

सीआईएससीई ने जारी की बोर्ड परीक्षा तिथियाँ: 10वीं की परीक्षा 17 फरवरी से, 12वीं की 12 फरवरी से शुरू

सीआईएससीई ने जारी की बोर्ड परीक्षा तिथियाँ: 10वीं की परीक्षा 17 फरवरी से, 12वीं की 12 फरवरी से शुरू

नयी दिल्ली : सीआईएससीई की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की तिथियाँ घोषित कर दी गई हैं। परिषद के मुख्य कार्यकारी एवं सचिव जोसेफ इमैनुएल ने गुरुवार को बताया कि कक्षा 10 (ICSE) की परीक्षा 17 फरवरी से 30 मार्च तक होगी, जबकि कक्षा 12 (ISC) की परीक्षा 12 फरवरी से 6 अप्रैल तक आयोजित की जाएगी।

इस वर्ष लगभग 2.6 लाख छात्र ICSE और करीब 1.5 लाख छात्र ISC परीक्षा देंगे। इमैनुएल के अनुसार, परीक्षा समय-सारणी को इस तरह तैयार किया गया है कि छात्रों को प्रमुख विषयों के बीच पर्याप्त तैयारी का समय मिल सके।

जारी डेटशीट में ICSE के 75 विषयों और ISC के 50 विषयों की पूरी परीक्षा अनुसूची शामिल है।