चाईबासा : झारखंड स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर कोल्हान जनशक्ति के अध्यक्ष सन्नी सामाद ने राज्य के विकास को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि अलग राज्य की मांग जिस उद्देश्य से की गई थी, वह आज भी अधूरा है।
सामाद ने सोशल मीडिया पर लिखा कि देश की 40% खनिज संपदा होने के बावजूद झारखंड शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी विकास के मोर्चे पर काफी पीछे है। उनका कहना है कि राज्य ‘लुटखंड’ बनकर रह गया है और सरकार के पास झारखंडी मूलवासियों के लिए कोई ठोस विकास मॉडल नहीं दिखता।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रोजगार के अभाव में पलायन बढ़ रहा है और बाहरी घुसपैठ राज्य की जनसांख्यिकी, संस्कृति एवं सभ्यता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है।
ऐसे समय में उन्होंने सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाले व्यापक बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया।
झारखंड स्थापना दिवस पर विकास मॉडल पर उठे सवाल, मूलवासियों के हितों की अनदेखी का आरोप

