चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में 15वें वित्त आयोग मद से संचालित विकासात्मक योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी शामिल हुए।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने टाइड एवं अनटाइड मद के अंतर्गत संचालित योजनाओं की प्रखंडवार समीक्षा करते हुए उपलब्ध राशि का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर स्थानीय आवश्यकताओं और जनहित को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं का चयन किया जाए तथा स्वीकृत योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए।

समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने पंचायत सचिवालयों को ग्रामीण प्रशासन एवं जनसेवा का प्रभावी केंद्र बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने पंचायत सचिवालयों में संचालित ज्ञान केंद्रों एवं सभागारों के लिए आवश्यक फर्नीचर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही मातृ स्वास्थ्य केंद्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास, बेहतर प्रकाश व्यवस्था तथा स्वच्छता सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर जोर दिया।

उपायुक्त ने विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में पेवर ब्लॉक बिछाने, हैंडवॉश यूनिट स्थापित करने तथा स्वच्छ पेयजल एवं स्वच्छता से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त पंचायत स्तर पर पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आवश्यकतानुसार पानी के टैंकरों की खरीद सहित अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास संबंधी दिशा-निर्देश भी दिए गए।

बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को 15वें वित्त आयोग की राशि का उपयोग पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित करने तथा योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और आम लोगों तक विकास योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


