चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित प्रकोष्ठ में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में विधि शाखा की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न न्यायालयों में लंबित वादों की स्थिति की समीक्षा करते हुए उनके त्वरित, प्रभावी एवं समयबद्ध निष्पादन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने लोक अभियोजक, चाईबासा तथा सहायक लोक अभियोजकों, चाईबासा एवं चक्रधरपुर को निर्देश दिया कि न्यायालयों में लंबित सभी वादों में साक्ष्यों एवं गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि मामलों का निष्पादन निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जा सके।

उन्होंने अभियोजन पदाधिकारियों को न्यायालयीन कार्यवाहियों में सक्रिय समन्वय स्थापित करते हुए प्रत्येक मामले की नियमित निगरानी करने तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया की प्रभावशीलता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी संबंधित विभागों, पदाधिकारियों एवं अभियोजन अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।

उन्होंने लंबित वादों के शीघ्र निष्पादन को जिला प्रशासन की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि न्यायालयों में लंबित मामलों के त्वरित निपटारे से आम नागरिकों को समय पर न्याय उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी तथा प्रशासनिक कार्यों की दक्षता में भी वृद्धि होगी।

बैठक में लंबित मामलों की प्रगति, अभियोजन कार्यों की वर्तमान स्थिति तथा विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन वादों से संबंधित बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वादों के निष्पादन में आने वाली बाधाओं की पहचान कर उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें तथा प्रत्येक मामले की प्रगति की नियमित समीक्षा करते रहें।


