चक्रधरपुर | आदिवासी मित्र मंडल, पोटका (चक्रधरपुर) कमिटी की ओर से सोमवार को महान स्वतंत्रता सेनानी एवं ‘धरती आबा’ भगवान बिरसा मुंडा का शहादत दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए आदिवासी मित्र मंडल के सह सचिव विजय सिंह सामाड ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने जल, जंगल, जमीन और आदिवासी अस्मिता की रक्षा के लिए विदेशी हुकूमत के विरुद्ध ‘उलगुलान’ (महाक्रांति) का शंखनाद किया था।

उन्होंने मात्र 25 वर्ष की अल्पायु में अदम्य साहस, वीरता और कुशल नेतृत्व का परिचय देते हुए अंग्रेजों तथा शोषकों के खिलाफ संघर्ष किया। साथ ही समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर कर एक सशक्त, संगठित और स्वाभिमानी समाज के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया।

उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब हम उनके बताए सिद्धांतों पर चलें तथा जल, जंगल, जमीन और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए एकजुट होकर प्रयास करें।

शहादत दिवस के अवसर पर चक्रधरपुर प्रखंड एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण शामिल हुए। कार्यक्रम में युवा पीढ़ी को भगवान बिरसा मुंडा के गौरवशाली इतिहास, संघर्ष और योगदान से अवगत कराया गया। इस दौरान परिसर “भगवान बिरसा मुंडा अमर रहें” और “धरती आबा जिंदाबाद” के नारों से गुंजायमान रहा।

कार्यक्रम में आदिवासी मित्र मंडल के सचिव सुखराज सुरीन, कोषाध्यक्ष देवानंद मुर्मू, सह सचिव विजय सिंह सामाड, सलाहकार समिति अध्यक्ष कालिया जामुदा, वार्ड पार्षद रवि बांकिरा, योगेन्द्र मुण्डारी, इन्द्रजीत सामाड, सोनाराम लोवादा, महावीर बोदरा, अनिल सामाड, पूर्ण चंद्र जामुदा, कुंवर सिंह कोड़ा, सतीश चन्द्र कोया सहित क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।


