खरसावां | खरसावां प्रखंड अंतर्गत बिटापुर पंचायत के सरना स्थल मोसोडीह में सामाजिक परंपराओं, शिक्षा, नशामुक्ति, विवाह संस्कार, जन्म एवं मरण संस्कार, कला-संस्कृति तथा भाषा-संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषयों को लेकर एक सामाजिक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता ग्राम प्रधान मंगल उरांव ने की।

बैठक में समाज के रीति-रिवाजों एवं पारंपरिक मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन पर विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि बदलते समय में अपनी सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक मूल्यों और परंपराओं को संरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक होने तथा नशापान जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने का संदेश दिया।

इस दौरान सामाजिक एकता को सुदृढ़ बनाने, पारंपरिक संस्कारों के उचित निर्वहन तथा समाज के सर्वांगीण विकास के लिए सामूहिक प्रयास करने पर विशेष बल दिया गया। साथ ही समाज में आपसी सहयोग और जागरूकता बढ़ाने के लिए नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

बैठक में मुखिया इंद्रजीत उरांव, पंचायत समिति सदस्य रीमा उरांव, सुमन मिंज, धर्मेंद्र उरांव, हिरू उरांव, वीरेंद्र उरांव, जयराम उरांव, धरनीसेन उरांव, देबू उरांव, गोविंद उरांव, मथुरा उरांव, हरेंद्र उरांव, भागीरथी उरांव, संतोष उरांव, कालीचरण उरांव, मुकुंद उरांव, कार्तिक उरांव, शालिग्राम उरांव, साधु उरांव तथा दशरथ उरांव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

बैठक में बिटापुर, सोखानडीह, शहरबेड़ा, नारायणडीह, कदमबेड़ा, बाधडीह, मोसोडीह, तेतुलटांड़ और पदमपुर गांवों के ग्रामीणों ने भाग लिया तथा सामाजिक मुद्दों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सामाजिक जागरूकता बढ़ाना, पारंपरिक संस्कृति का संरक्षण करना और समाज में एकजुटता को मजबूत करना था।


