ईचागढ़ | ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और पशुपालन आधारित आजीविका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना (एमपीवीवाई) के तहत ईचागढ़ प्रखंड में चयनित लाभुकों के बीच 12 यूनिट बकरी पालन योजना के अंतर्गत बकरियों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लाभुकों के साथ विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान लाभुकों को वैज्ञानिक तरीके से बकरी पालन करने, पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन, नियमित टीकाकरण, संतुलित आहार तथा साफ-सफाई से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। अधिकारियों ने बताया कि आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर बकरी पालन करने से कम लागत में बेहतर आय अर्जित की जा सकती है।

अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के माध्यम से ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है और पशुपालन को रोजगार के प्रभावी साधन के रूप में विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने लाभुकों से पशुओं की उचित देखभाल करने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने तथा विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। अधिकारियों के अनुसार, बकरी पालन ग्रामीण क्षेत्रों में आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में उभर रहा है और यह परिवारों की आर्थिक उन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

जिले में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत पात्र लाभुकों को लगातार पशुपालन गतिविधियों से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।

