आदिवासी अस्तित्व और सांस्कृतिक पहचान पर हाथीसेरेंग में आम सभा, देशाउलि स्थल सौंदर्यकरण का निर्णय

चाईबासा | पश्चिमी सिंहभूम जिले के राजनगर प्रखंड अंतर्गत हेरमा पंचायत के हाथीसेरेंग गांव में आदिवासी अस्तित्व, सांस्कृतिक पहचान और विभिन्न सामाजिक विषयों को लेकर ग्रामीणों की एक आम सभा आयोजित की गई। सभा की अध्यक्षता बाजाय बानरा ने की, जिसमें “देशाऊली फाउंडेशन” के सदस्य एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।

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सभा में सर्वसम्मति से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। तय किया गया कि आगामी 3 जून 2026 को श्रमदान के माध्यम से पवित्र देशाउलि स्थल का सौंदर्यकरण किया जाएगा। इसके लिए आसपास के गांवों और फाउंडेशन से जुड़े लोगों से भी श्रमदान में भागीदारी की अपील करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में प्रत्येक परिवार से एक पोयला चावल और 50 रुपये आर्थिक सहयोग देने पर सहमति बनी। साथ ही देशाउलि स्थल पर शिलापट्ट स्थापित करने, स्थल के चारों ओर साल के पौधे लगाने तथा उसके सीमांकन कराने का भी निर्णय लिया गया। महिलाओं के देशाउलि स्थल में प्रवेश को लेकर भी सामूहिक स्तर पर चर्चा और निर्णय लिया गया।

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सभा के दौरान ग्रामीणों के बीच देशाउलि-जयरा स्थल और अन्य पवित्र स्थलों के धार्मिक एवं सामाजिक महत्व, दिऊरी की भूमिका तथा पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा हुई। इसके अलावा “देशाऊली फाउंडेशन” द्वारा संचालित सामाजिक कार्यों, कार्यक्रमों, गतिविधियों और वार्षिक उत्सव से संबंधित जानकारियां भी साझा की गईं।

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इस अवसर पर दिऊरी सेलाय पुरती, मुण्डा घनश्याम बानरा और मुण्डा सहयोगी बाजाय बानरा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। वहीं फाउंडेशन की ओर से साधु हो’, पंकज बंकिरा, रविंद्र गिलुवा और गोविंद मुंदुईया समेत अन्य सदस्य और ग्रामीण मौजूद रहे।

By maskal.news

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