चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में जिला उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) मद से संचालित आधारभूत संरचना निर्माण योजनाओं की प्रगति को लेकर समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, निदेशक-लेखा प्रशासन सह स्वनियोजन सुनीला खलको सहित विभिन्न कार्यकारी विभागों के कार्यपालक एवं सहायक अभियंता मौजूद थे।
बैठक में उपायुक्त ने बताया कि डीएमएफटी मद से अब तक लगभग 1712 करोड़ रुपये विभिन्न विभागों को जारी किए गए हैं, जिनमें से 1387 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। वहीं 1273 करोड़ रुपये के उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त हो चुके हैं। शेष लंबित उपयोगिता प्रमाण पत्र को तीन दिनों के भीतर जमा करने का निर्देश सभी संबंधित विभागों को दिया गया।
समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि विभिन्न विभागों के खातों में डीएमएफटी मद की करीब 295 करोड़ रुपये की राशि अवशेष पड़ी है। इस पर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन खातों में एक वर्ष से अधिक समय से राशि पड़ी है, उसका मूल्यांकन कर एक सप्ताह के भीतर नियमानुसार राशि वापस की जाए।
पेयजल योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने संबंधित कार्यपालक अभियंताओं और डीएमएफटी पीएमयू टीम को सभी योजनाओं की वर्तमान स्थिति, संचालन एवं संधारण तथा भुगतान से संबंधित विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही वित्तीय वर्ष 2024-25 में आवंटित योजनाओं की टेंडर प्रक्रिया, एग्रीमेंट और भौतिक प्रगति की जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2023-24 तक स्वीकृत योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 तक स्वीकृत जिन योजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है और वित्तीय वर्ष 2023-24 में स्वीकृत जिन योजनाओं में अब तक कार्य शुरू नहीं हुआ है, उन्हें रद्द करने का प्रस्ताव लाया जाए।
इसके अलावा उपायुक्त ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में नई योजनाओं का आवंटन उन्हीं विभागों को किया जाएगा, जिनकी पूर्व योजनाओं में संतोषजनक प्रगति रही है। बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया गया।
डीएमएफटी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लंबित योजनाओं पर सख्ती और अवशेष राशि लौटाने के निर्देश

