रांची में बाल-संवेदनशील पुलिसिंग पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

रांची : बाल संरक्षण को मजबूत करने और पुलिसिंग को अधिक संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से शनिवार को रांची के पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में “बाल-संवेदनशील पुलिसिंग: ज्ञान, दृष्टिकोण और अभ्यास” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यक्रम विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कार्यशाला का आयोजन रांची पुलिस विभाग द्वारा यूनिसेफ के सहयोग से तथा सेंटर फॉर चाइल्ड राइट्स (CCR), नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (NUSRL), रांची के तकनीकी सहयोग से किया गया। रांची जिले के विभिन्न थानों से आए 26 बाल कल्याण पुलिस अधिकारी (CWPO) ने इस प्रशिक्षण में भाग लिया।

इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने सभी थानों को “बाल मित्र थाना” स्थापित करने तथा उसके संचालन की प्रगति तीन दिनों के भीतर साझा करने का निर्देश दिया। विशेष किशोर पुलिस अधिकारी श्री शिवेंद्र कुमार ने बताया कि यूनिसेफ और CCR, NUSRL के सहयोग से सात चरणों में संवेदनशीलता प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसका पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत CCR, NUSRL के श्री अनिरुद्ध सरकार के स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद यूनिसेफ के चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर श्री गौरव ने CWPO द्वारा भरे गए स्व-मूल्यांकन फॉर्म के निष्कर्ष प्रस्तुत किए।

मुख्य सत्र में बाल विवाह, लैंगिक शोषण और कानून से संघर्षरत बच्चों (CCL) से जुड़े मामलों पर केस स्टडी आधारित अभ्यास कराया गया। इस सत्र का संचालन CCR, NUSRL के श्री नरेंद्र शर्मा ने किया। श्री गौरव ने भी केस स्टडी के आधार पर क्षमता आकलन, समूह चर्चा और प्रक्रिया की महत्वपूर्ण कड़ियों पर विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम में उप पुलिस अधीक्षक विजय कुमार सिंह और डॉ. तबरेज़ आलम की मौजूदगी ने पुलिस की बाल संरक्षण में प्रभावी भूमिका की आवश्यकता पर बल दिया।

समापन सत्र में SJPU नोडल अधिकारी, चाईबासा ने पुलिस की बाल संरक्षण में भूमिका को रेखांकित करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया। इसी के साथ SJPU सशक्तिकरण कार्यक्रम के प्रथम चरण का सफल समापन हुआ।

By maskal.news

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